केस जीतने के लिए इस किसान ने कि 16 साल तक कानून की पढ़ाई

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आपने अब तक बहुत तक से किसान देखे होगें लेकिन जिस किसान से आज हम आपको मिलवाने जा रहे है वैसा किसान आपने आज तक नही देखा होगा। जी हां एक ऐसा किसान जिसने कानूनी केस जितने के लिए 16 साल तक पहले कानून की पढ़ाई की। दरअसल, चीन के एक किसान ने एक बड़ी सरकारी केमिकल कंपनी पर मुकदमा दायर किया। वांग इंग्लिन एक किसान हैं और उनकी उम्र 62 साल है। उन्हें इन कानूनी लड़ाई के पहले चरण में जीत मिली है। इस लड़ाई के लिए वांग ने 16 साल तक तैयारी की, ताकि कंपनी को अदालत में घसीटकर न्याय हासिल कर सकें।

केस जीतने के लिए इस किसान ने
जानकारी क् अनुसार, वांग के पास केवल तीन साल की स्कूली शिक्षा थी। उन्होंने चिंगवा केमिकल कॉर्पोरेशन के खिलाफ मुकदमा दायर किया। यह कंपनी खनन और भट्ठियों के क्षेत्र में काम करती है। आरोप है कि साल 2001 में पहली बार चिंगवा ग्रुप्स ने अपने कारखाने में बचे जहरीले रसायनिक पानी को वांग के खेतों के पास बहा दिया। इसके कारण वांग फसल नहीं बो सके। वांग का कहना है कि एक रात वह अपने पड़ोसियों के साथ खाना बना रहे थे, तब यह जहरीला पानी उनके घर में घुस आया।

कॉर्पोरेशन द्वारा डंप किए गए कैल्शियम कार्बाइड के कारण करीब 71 ऐकड़ जमीन बर्बाद हो गई है। इस जमीन पर किसी तरह की खेती नहीं हो सकती है। साथ ही, कॉर्पोरेशन द्वारा छोड़े गए तरल अवशेष ने 478 ऐकड़ जमीन पर फैले एक तालाब को भी भर दिया है। यह जानकारी ‘पीप्लस डेली’ अखबार ने सरकारी रिपोर्ट्स के हवाले से दी है। जब वांग ने कॉर्पोरेशन के खिलाफ शिकायत की, तो उनसे इस संबंध में कानूनी सबूत पेश करने को कहा गया। इसके बाद वांग ने कानून की पढ़ाई शुरू की।

वांग ने हिम्मत नहीं हारी और न्याय पाने के लिए संघर्ष करते रहे। अदालत में मामला दायर होने में 8 साल का समय लग गया। अब एक जिला अदालत ने चिंगवा ग्रुप के खिलाफ फैसला सुनाया है। कंपनी को आदेश दिया गया कि वह वांग और उनके पड़ोसियों को 80 लाख रुपये का जुर्माना दे। इस फैसले के बाद भी वांग की यह कानूनी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। चिंगवा कॉर्पोरेशन ने जिला अदालत के इस निर्णय के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है।

डेली मेल से बात करते हुए वांग ने बताया, ‘मैं जानता था कि मैं सही काम कर रहा हूं, लेकिन मुझे नहीं पता था कि कॉर्पोरेशन ने किस कानून का उल्लंघन किया है। मुझे उसके द्वारा किए गए अपराध का सबूत भी जुटाना था।’ उन्होंने 5 साल तक बिना किसी की मदद के अकेले कानूनी पढ़ाई की और खुद को यह केस लड़ने के लिए तैयार करता रहा।

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