पूर्व कस्टम इंस्पेक्टर ज्योतिष की आड़ में नोएडा से चला रहा था वन्य जीवों की तस्करी का धंधा

1

वन विभाग की टीम ने नोएडा से एक ज्योतिषाचार्य के यहां छापा मारकर बड़ी मात्रा में वन्य जीवों के अंग और खाल आदि बरामद किए है। ये ढोंगी ज्योतिषाचार्य पहले कस्टम डिपार्टमेन्ट में कस्टम इंस्पेक्टर के तौर पर नौकरी करता था। पुलिस का यह भी कहना है कि वह दुर्लभ जीव जंतुओं की खालों की तस्करी अमेरिका और इंग्लैंड में भी करता था।

वन्य जीवों तस्करी

वन विभाग की टीम ने यह कार्रवाई वन्य जीव क्राइम कंट्रोल ब्यूरो से मिली सूचना के आधार पर की। पकड़े गए कथित ज्योतिष का नाम आचार्य कालकी कृष्णन है। वन विभाग की टीम ने उसके केंद्रीय विहार सेक्टर 82 नोएडा पर छापा मारकर उसके गिरफ्तार किया।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, नोएडा पुलिस ने पूछताछ के आधार पर दावा किया है कि नोएडा से दुर्लभ जीव जंतुओं की तस्करी में पकड़े गए ज्योतिषी कल्कि कृष्णनन का संबंध पिछले दिनों मेरठ में पकड़े गए कर्नल देवेंद्र कुमार बिश्नोई और शिकारी बेटे प्रशांत बिश्नोई से हैं। इसने बाकयदा astrodevam.com नाम से एक वेबसाइट बना रखी थी, जिसके जरिए ये ऑनलाइन ट्रेडिंग करता था।

इस कथित ज्योतिषाचार्य के यहां से नोएडा साइबर सेल की टीम ने सारे कम्प्यूटर भी जब्त कर लिए हैं, जिनका भी परीक्षण कराया जाएगा। मुख्य वन संरक्षक मुकेश कुमार के मुताबिक पकड़ा गया ज्योतिष कालकी कृष्णन कस्टम डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर था। लेकिन वहां से उसे रिश्वत लेने के मामले में बर्खास्त कर दिया गया था। जिसके बाद कालकी कृष्णन ने अपने आपको ज्योतिषाचार्य घोषित कर दिया और वन्य जीवों के अंगों की तस्करी में जुट गया।

आपको बता दे कि अप्रैल में उत्तर प्रदेश के मेरठ में नेशनल शूटर और सेना के पूर्व कर्नल के घर पर डायरेक्टर ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने छापा मारा था। छापेमारी में एक करोड़ रुपए कैश के साथ कुछ हथियार भी बरामद हुए थे, इतना ही नहीं कर्नल के घर से जंगली जानवरों के शरीर के भी कुछ हिस्से मिले थे।

1 COMMENT

  1. Bhagawana Ram Upadhyay
    June 21, 2014 ·

    निहालचंद पर आरोप लगाने वाली महिला की कहानी
    आभा शर्मा
    बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
    शनिवार, 21 जून, 2014 को 18:07 IST तक के समाचार
    Facebook
    Twitter
    Google+
    शेयर करें
    मित्र को भेजें
    प्रिंट करें
    मोदी सरकार में रसायन और उर्वरक राज्यमंत्री निहाल चंद मेघवाल सहित 17 लोगों को दुष्कर्म के एक मामले में अदालत में पेश होने का समन मिलने के बाद राजनीति गरमा गई है.
    विपक्षी कांग्रेस सहित महिला संगठन लगातार मेघवाल से इस्तीफ़ा मांग रहे हैं.
    संबंधित समाचार
    क्या निहाल चंद की कुर्सी ख़तरे में है?
    स्मृति ईरानी की पढ़ाई को लेकर नया विवाद
    महज़ चुनावी वादा था ‘हर घर में शौचालय’?
    इससे जुड़ी ख़बरें
    टॉपिक
    भारत
    इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई मेघवाल के समर्थन में खड़ी है और मेघवाल भी हाल ही में अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान इस्तीफ़ा देने से इनकार कर चुके हैं.
    आभा शर्मा ने आरोप लगाने वाली महिला से बात की.
    शादी होते ही शोषण
    इस महिला ने इन दिनों श्रीगंगानगर में अपने मामा के यहां पनाह ले रखी है. उन्होंने बताया कि वह हरियाणा के अबूशहर में जन्मी थीं और एक खेतिहर परिवार से हैं.
    अपने पिता की साल 2000 में मृत्यु के समय वह महज़ 6-7 साल की थीं. पिता की मौत के बाद उनकी मां का नाता उसके चाचा के साथ हुआ और उन्होंने ही उनका और उनकी दो बहनों का लालन-पालन किया और सीनियर सेकंडरी तक पढ़ाया.
    उनका आरोप है कि हनुमानगढ़ के पीलीबंगा निवासी ओमप्रकाश गोदारा से 20 दिसंबर, 2012 को उनकी शादी होने के बाद उनका शोषण शुरू हो गया.
    निहाल चंद मेघवाल
    इस महिला के मुताबिक़ शादी से पहले गोदारा ने खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताया था पर जयपुर आने के बाद उन्हें पता लगा कि “उनके पति की राजनीति में बहुत आगे जाने की इच्छा है. इसलिए वह अपनी पत्नी का इस्तेमाल अपने कथित राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए करने लगे.”
    वह कहती हैं कि गोदारा अखिल भारतीय युवा जाट महासभा सहित कुछ अन्य तीन चार संस्थाओं के सदस्य हैं.
    “ओमप्रकाश गोदारा ने इससे पहले पंजाब के रामपुर गांव की लड़की से शादी की थी और उसके साथ भी वही सब कुछ हुआ, जो मेरे साथ हुआ.”
    पीड़िता
    इस महिला ने बताया कि उन्हें करीब आठ-नौ महीने तक घर में बंद रखा गया और मायके वालों से भी मिलने भी नहीं दिया गया. जब उनके परिजन बार-बार ज़ोर देने पर उन्हें ले जाने आए, तो गोदारा ने पीड़िता के चाचा से भी बदसलूकी की. इसके बाद इस महिला को अदालत की शरण लेनी पड़ी.
    ‘मैं भी चुप रहती तो..’
    इस महिला के अनुसार उनके पति ओमप्रकाश गोदारा ने इससे पहले पंजाब के रामपुर गांव की लड़की से शादी की थी और उसके साथ भी वही सब कुछ हुआ, जो इस महिला के साथ हुआ.
    इनका दावा है कि गोदारा की पहली पत्नी के मायके वाले उसे अपने साथ ले जाने में सफल रहे, लेकिन उन्होंने मामले को उठाया नहीं.
    राजस्थान महिला
    यह महिला कहती हैं, “मैं भी अगर बात दबा देती, तो शायद एक और लड़की की ज़िंदगी ख़राब होती…”
    अपने ख़िलाफ़ दुष्कर्म की शिकायत और एफ़आईआर दर्ज कराने में भी इस महिला को कई मुश्किलें पेश आईं. वह कहती हैं कि काफ़ी प्रयास के बाद उन्होंने नवंबर 2011 में अपने पति द्वारा नशीला पदार्थ खिलाकर देह शोषण करवाने की शिकायत दर्ज करवाई.
    इस महिला के अनुसार बाद में पुलिस ने मामला झूठा बताते हुए इसमें 2012 में एफ़आर पेश कर दी जिसे अधीनस्थ अदालत ने मंज़ूर भी कर लिया था.
    इस मामले में राजस्थान से मोदी सरकार में एकमात्र मंत्री निहाल चंद सहित राज्य भाजपा के पूर्व मंत्री जोगेश्वर गर्ग, राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह सहित कुल 17 लोग अभियुक्त हैं, जिनमें कुछ पुलिस अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here