कोरोना लॉकडाउन: मजदूरों के पलायन करने पर बोलीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा- ‘हमें शर्म आनी चाहिए कि हमने इन्हें इस हाल में छोड़ दिया’

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कोरोना वायरस का प्रसार को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के दौरान मजदूरों एवं गरीबों के अपने घरों के लिए पैदल निकलने को लेकर शनिवार को कहा कि इस स्थिति पर सरकार को शर्म आनी चाहिए।

प्रियंका गांधी

उन्होंने गरीबों के पैदल पलायन का एक वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया, ”इन मजबूर हिंदुस्तानियों के साथ ऐसा सलूक मत कीजिए। हमें शर्म आनी चाहिए कि हमने इन्हें इस हाल में छोड़ दिया है। ये हमारे अपने हैं।” प्रियंका ने कहा, ”मजदूर देश की रीढ़ की हड्डी हैं, कृपया इनकी मदद करिए।”

वहीं, इससे पहले एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा था, “दिल्ली के बॉर्डर पर त्रासद स्थिति पैदा हो चुकी है। हजारों की संख्या में लोग पैदल अपने घरों की तरफ निकल पड़े हैं। कोई साधन नहीं, भोजन नहीं। कोरोना का आतंक, बेरोजगारी और भूख का भय इनके पैरों को घर गाँव की ओर धकेल रहा है। मैं सरकार से प्रार्थना करती हूँ कृपया इनकी मदद कीजिए।”

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”हज़ारों ग़रीब लोग अपने परिवार सहित उत्तर प्रदेश – बिहार पैदल जाने को मजबूर हैं। ये लोग कह रहे हैं कि कोरोना वायरस से नहीं, तो भूख से जरूर मर जाएंगे।” उन्होंने सवाल किया कि क्या इतनी बड़ी मानवीय त्रासदी का कोई जबाब नही?

गौरतलब है कि, कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की रात देश को संबोधित करते हुए ऐलान किया था कि ‘आज रात 12 बजे से पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन होगा, उन्होंने कहा कि ये लॉकडाउन कर्फ्यू की तरह ही होगा।’

लॉकडाउन की वजह से देश के कई हिस्सों में बहुत सारे लोग रास्तों में फंस गए है, उनकों बहुत परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। उन बेबस और असहाय लोगों के सामने खाने-पीने और रहने की गंभीर समस्या है। इसके बाद दिल्ली और कुछ अन्य शहरों से मजूदरों और गरीबों के अपने घरों के लिए पैदल निकलने की खबरें आ रही हैं। दिल्ली-गाजियाबाद सीमा के रास्ते बुधवार से सैकड़ों की संख्या में प्रवासी मजदूर मीलों की दूरी तय कर घर जा रहे हैं।

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