इराक से 38 भारतीयों के पार्थिव अवशेष लेकर भारत लौटे वीके सिंह

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विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह सोमवार(2 अप्रैल) को इराक के मौसुल में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा मारे गए भारतीय नागरिकों के अवशेषों को लेकर भारत लौट आएं है। बता दें कि, इराक में तीन साल पहले अपहृत किए गए सभी 39 भारतीयों की आईएस ने हत्या कर दी थी।इराक

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, वह सबसे पहले पंजाब गए हैं और राज्य सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार मरने वाले हर शख्‍स के परिवार को पांच लाख रुपये और परिवार के एक सदस्‍य को उसकी योग्‍यता के अनुसार नौकरी दी जाएगी। वीके सिंह रविवार(1 अप्रैल) को इराक के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने रवाना होने से पहले कहा था कि साल 2014 में मोसुल पर कब्जा करने के बाद 39 भारतीयों की हत्या कर दी गई थी। एक मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाने के कारण 38 भारतीय नागरिकों के अवशेष ही भारत लाए गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, वीके सिंह शवों को लेकर सबसे पहले पंजाब के अमृतसर गए और बिहार के पटना जाकर मृतकों के परिजनों को अवशेष सौंपेंगे। मारे गए 39 लोगों में 27 पंजाब से और चार बिहार से थे।

बता दें कि, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 20 मार्च को राज्यसभा में बताया था कि इराक में तीन साल पहले अपहृत किए गए सभी 39 भारतीय मारे जा चुके हैं और उनके शव मिल गए हैं। सुषमा ने राज्यसभा में अपनी ओर से दिए एक बयान में बताया कि अभी यह पता नहीं चल पाया गया है कि ये भारतीय कब मारे गए।

बता दें कि, करीब तीन साल पहले 40 भारतीय कामगारों के एक समूह को मोसुल में आतंकी संगठन आईएसआईएस ने बंधक बना लिया था। बंधक बनाए गए लोगों में कुछ बांग्लादेशी भी थे। भारतीयों में से, हरजीत मसीह नामक एक व्यक्ति किसी तरह बच कर निकल गया। उसने दावा किया था कि उसने अन्य भारतीयों को आईएसआईएस के लड़ाकों के हाथों मरते देखा है, लेकिन सरकार ने उसका यह दावा खारिज कर दिया था।

 

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