इराक में मारे गए भारतीयों के लिए मुआवजे पर वीके सिंह का शर्मनाक बयान, बोले- ‘ये बिस्कुट बांटने वाला काम नहीं है, जेब में कोई पिटारा थोड़ी रखा हुआ है’

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विदेश राज्यमंत्री वी. के. सिंह ने सोमवार (2 अप्रैल) को कहा कि इराक में आतंकवादी समूह आईएसआईएस द्वारा बंधक बनाए गए 40 भारतीयों का कोई भी रिकॉर्ड किसी दूतावास में नहीं है, क्योंकि वे वहां ट्रैवल एजेंट के माध्यम से अवैध रूप से गए थे। बता दें कि आतंकवादी समूहों ने 40 में से 39 भारतीयों की हत्या कर दी थी, जबकि उनमें से एक खुद को बांग्लादेशी बताकर बच गया था। सिंह सोमवार को कहा कि इराक से एक विशेष विमान से 38 भारतीयों का शव लेकर अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर पहुंचे। मारे गए लोगों में से एक के शव की अभी तक स्पष्ट रूप से पहचान नहीं हो पाई है।इराक

सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि, ‘‘विदेश मंत्रालय ने 2014 में एक अभियान की शुरुआत की थी, जिसमें हमने कहा था कि किसी को अवैध एजेंट के माध्यम से बाहर नहीं जाना चाहिए। किसी भी दूतावास में इन 40 लोगों का रिकॉर्ड नहीं है। वे अवैध एजेंट के माध्यम से वहां गए थे। जब आप अवैध एजेंट के माध्यम से जाते हैं तो आप कहां जाते हैं इसका पता लगाना कठिन हो जाता है।’’ मंत्री ने कहा कि अगर सरकार के पास इन लोगों के बारे में कोई भी सूचना होती तो उन्हें बचाने का प्रयास किया जाता।

उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों को मिलकर सुनिश्चित करना चाहिए कि भोले भाले लोग अवैध ट्रैवल एजेंट का शिकार नहीं बनें। उन्होंने कहा, ‘‘हमने हर राज्य से कहा है कि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी उनकी है और उन्हें अपने राज्यों में अवैध एजेंटों को पकड़ना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए… इस दिशा में राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर काम करना चाहिए। हम नहीं चाहते कि कोई अवैध रूप से विदेश जाए। हम चाहते हैं कि लोग वैध रूप से विदेश जाएं ताकि उनके रिकॉर्ड हमारे पास हों।’’

बिस्कुट बांटने जैसा नहीं है मुआवजा देना

पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने के सवाल पर वीके सिंह ने बेहद शर्मनाक बयान है जिसकी काफी आलोचना हो रही है।सिंह से मृतक भारतीयों के लिए मुआवजे को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा कि यह बिस्कुट बांटने वाला काम नहीं है और मेरी जेब में भी कोई पिटारा नहीं है। उन्होंने कहा, “उन्होंने कहा, ‘ये बिस्कुट बांटने वाला काम नहीं है। ये आदमियों की जिंदगी का सवाल है, आ गई बात समझ में? मैं अभी ऐलान कहां से करूं, जेब में कोई पिटारा थोड़ी रखा हुआ है।”

हालांकि, पंजाब सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए मुआवजा और घर के एक सदस्य को नौकरी देने की बात कही है। पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि राज्य सरकार मारे गए लोगों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा हर परिवार में एक व्यक्ति को योग्यता के मुताबिक नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इराक में मारे गए लोगों के परिवार को 20 हजार रुपये प्रति माह दे रही थी।

 

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