विवेक तिवारी हत्याकांड़: आरोपी पुलिसकर्मी के बचाव में उतरे उसके साथी, सोशल मीडिया के माध्यम से जुटा रहे हैं पैसे

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में शुक्रवार रात चेकिंग के दौरान कथित-तौर पर वाहन नहीं रोकने के मामले में एक सिपाही द्वारा एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी (38) की गोली मारकर कथित रूप से हत्या के बाद देश भर में हंगामा मचा हुआ है।

विवेक तिवारी

इस दर्दनाक घटना के बाद विरोध-प्रदर्शन के साथ ही राजनीति भी शुरू हो गई है। वहीं, दूसरी तरफ जनता में भी इस घटना का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार इस घटना को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ और यूपी पुलिस पर निशाना साध रहे हैं। कुछ दुख बयां कर रहे हैं तो कुछ यूपी पुलिस की छवि पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस घटना के बाद अब पुलिस से डर लग रहा है।

इस कड़ी में आरोपी पुलिसकर्मी को बचाने के लिए एक अनोखा अभियान चलाया जा रहा है। हत्या पर हंगामा शुरू हुआ तो कॉन्स्टेबल दंपती यानी प्रशांत चौधरी और उनकी सिपाही पत्नी राखी मलिक सफाई देने उतर आए। उधर, इस मामले में अब हत्या के आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी के लिए साथी पुलिसकर्मी अब फंड जुटा रहे हैं।

विवेक तिवारी मर्डर केस में आरोपी प्रशांत चौधरी के साथी पुलिसकर्मियों ने सोशल मीडिया पर लोगों से फंड जुटाने की अपील की है। फेसबुक पोस्ट पर लिखा जा रहा है कि हम अपने भाई प्रशांत चौधरी को 5 करोड़ रुपये देंगे। इन पैसों हम एक अच्छा वकील रखेंगे, जो प्रशांत के केस को अच्छे से लड़ सके। बड़े अधिकारी और बिकाऊ मीडिया इस मामले में बस एक ही पक्ष को देख रहा है। अगर हम अपनी आत्म-सुरक्षा भी नहीं कर सकते है तो फिर यह हथियार हमें क्यों दिया गया है।

बता दें कि इस पोस्ट के साथ प्रशांत चौधरी की पत्नी का बैंक अकाउंट डिटेल्स भी शेयर किये जा रहे है, जिससे डायरेक्ट लोग उसके अकाउंट में पैसे भेज सके। एक यूजर ने फेसबुक पर लिखा, ‘भाइयों मेरे समस्त आरक्षी भाइयों सभी से निवेदन है कि इस अकाउंट नंबर पर अपने प्रशांत भाई की पत्नी राखी का है। इस दुख की घड़ी में उनका साथ जो बन पड़े दीजिए।’

इस पोस्ट के बाद कुछ लोगों ने इस बैंक अकाउंट में पैसे भेजने भी शुरू कर दिए हैं और उनके स्क्रीनशॉट फेसबुक पर शेयर कर रहे हैं। बता दें कि, इस घटना में यूपी पुलिस के दो पूर्व सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप राणा को आरोपी बनाया गया है। घटना पर कार्रवाई करते हुए यूपी पुलिस ने इन दोनों सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया है।

सीएम योगी ने परिजनों से की मुलाकात

इस बीच विवेक तिवारी की मौत के मामले में उनकी पत्नी कल्पना तिवारी ने सोमवार (1 अक्टूबर) को अपनी बच्चियों के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। सीएम योगी से मुलाकात के बाद कल्पना ने कहा कि उन्हें पूरी मदद का भरोसा दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उन्हें इंसाफ मिलेगा। आपको बता दें कि यूपी सरकार ने कल्पना को नौकरी और आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।

राज्य के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने इस दौरान कहा, ‘इस मामले में कठोरतम कार्रवाई हो रही है। दिवंगत विवेक तिवारी का परिवार खुद सीएम से मिलने आया। कल्पना को सरकारी नौकरी दी जाएगी। 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद विवेक के परिवार को दी जाएगी। साथ ही बच्चों के नाम 5-5 लाख रुपये की एफडी होगी।’

हालांकि मृतक विवेक तिवारी (जिनकी पुलिस कॉन्स्टेबल की गोली से मौत हो गई थी) की पत्नी कल्पना ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की CBI जांच की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने 1 करोड़ रुपये मुआवजा और पुलिस विभाग में एक नौकरी की भी मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वीआईपी इलाके गोमती नगर क्षेत्र में शुक्रवार (28 सितंबर) की रात जांच के दौरान कथित तौर पर गाड़ी नहीं रोकने वाले 38 वर्षीय एक व्यक्ति को गश्त कर रहे पुलिस कांस्टेबल ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान विवेक तिवारी के रूप में की गई है। वह अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी एप्पल में काम करता था। मृतक विवेक एप्पल कंपनी का एरिया मैनेजर था।

पुलिस ने बताया कि घटना मध्यरात्रि के बाद डेढ़ बजे के आसपास की है। गश्त कर रहे दो पुलिसकर्मियों ने उसे वाहन रोकने के लिए कहा था। लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि कांस्टेबल ने मामला संदिग्ध देखकर वाहन पर गोली चला दी। गोली कार के शीशे को छेदती हुई तिवारी को जा लगी।

उन्होंने बताया कि इससे पहले तिवारी के वाहन ने पुलिसकर्मियों की मोटरसाइकिल को टक्कर मारी थी। वाहन एक खंभे से टकराया और तिवारी ने भागने का प्रयास किया। मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता लग सकेगी।
हालांकि, कांस्टेबल प्रशांत कुमार का कहना है कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी।

योगी ने कहा- यह एनकाउंटर नही है, जरूरत पड़ी तो होगी सीबीआई जांच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान कथित तौर पर वाहन नहीं रोकने पर एक सिपाही द्वारा चलाई गई गोली लगने से विवेक तिवारी की मौत की वारदात को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो मामले की सीबीआई जांच भी कराई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एनकाउंटर नहीं था। घटना की जांच की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ, तो हम इस घटना की सीबीआई जांच का आदेश देंगे।

SIT करेगी जांच

बहरहाल, मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की है। साथ ही घटना के तूल पकड़ते ही गोली चलाने वाले सिपाही प्रशांत चौधरी और उसके साथी सिपाही संदीप कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर किया है। वहीं, मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन का कर दिया गया है। आरोपी सिपाहियों प्रशांत चौधरी और संदीप को जेल भेज दिया गया है। एडीजी आनंद कुमार ने बताया कि यह हत्या का मामला है।

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