सेंचुरियन टेस्ट: हार से बौखलाए कोहली ने खोया आपा, प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों से उलझे, देखिए वीडियो

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घर के शेर भारतीय बल्लेबाजों ने दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजी आक्रमण के सामने फिर घुटने टेक दिए। इससे टीम इंडिया ने बुधवार (17 जनवरी) को दूसरा टेस्ट 135 रन से गंवाने के साथ ही तीन मैचों की सीरीज भी गंवा दी। पहले टेस्ट में 72 रन से जीत दर्ज करने वाली दक्षिण अफ्रीका सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। फाफ डु प्लेसिस की अगुआई वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम ने इसके साथ ही 2015 में भारत में 0-3 की हार का बदला भी चुकता कर लिया।

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वहीं हार से बौखलाए भारतीय कप्तान विराट कोहली बुधवार को अपना आपा खो बैठे और साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पराजय झेलने के बाद संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से उलझ गए। कोहली से जब मीडियाकर्मियों ने अपनी सर्वश्रेष्ठ एकादश उतारने और उनकी टीम के विदशों में रेकॉर्ड के बारे में पूछा तो वह उलटे सवाल दागकर भिड़ने के मूड में आ गए।

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक कोहली से जब पूछा गया कि क्या भारत सेंचुरियन की परिस्थितियों को देखते हुए अपनी सर्वश्रेष्ठ एकादश के साथ खेला तो उनका जवाब था, ‘सर्वश्रेष्ठ एकादश क्या है?’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘अगर हम यह मैच जीत जाते तो क्या यह हमारी सर्वश्रेष्ठ एकादश होती? हम परिणाम के अनुसार अपनी एकादश का फैसला नहीं करते। आप मुझसे यह कह रहे हो आप सर्वश्रेष्ठ एकादश के साथ खेल सकते थे। तुम ही मुझे सर्वश्रेष्ठ एकादश के बारे में बताओ और हम उसको लेकर उतरेंगे।

कोहली ने कहा कि, ‘मैं कह रहा हूं कि हार से निश्चित तौर पर हम आहत हैं लेकिन आप एक फैसला करते हो तो आपको उसका समर्थन करना होता है। हम यहां यह नहीं कह सकते कि तुम एक मैच में नाकाम रहे, तुम इस स्तर पर खेलने के लिए अच्छे नहीं हो। क्या हम भारत में नहीं हारे थे जब हम वहां सर्वश्रेष्ठ एकादश के साथ खेले थे?’

उन्होंने कहा कि, ‘जिसे भी चुना जाए वह टीम की तरफ से भूमिका निभाने के लिए अच्छा होना चाहिए। इसलिए हम इतनी बड़ी टीम के साथ यहां आए हैं। वे इस स्तर पर खेलने के लिए अच्छे हैं लेकिन आपको सामूहिक प्रदर्शन करने की जरूरत होती है। आप यह नहीं कह सकते कि कौन सर्वश्रेष्ठ एकादश है। हम पहले भी ऐसी टीमों के साथ खेले हैं जो वास्तव में मजबूत दिखती थी लेकिन हमें हार झेलनी पड़ी थी।’

कोहली से इसके बाद उनकी कप्तानी में खेले गये हर टेस्ट मैच में अलग टीम उतारने के बारे में सवाल किया गया तथा यह भी पूछा गया कि क्या इतने अधिक बदलाव टीम की हार का कारण है। उन्होंने कहा कि, ‘हम 34 में से कितने टेस्ट मैच जीते हैं? हमने कितने मैच जीते हैं? हमने कितने मैच जीते हैं? 21 जीते हैं (असल में 20)। दो (असल में पांच) हारे हैं। कितने ड्रॉ रहे? क्या यह मायने रखता है? हम जहां भी खेलते हैं वहां अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। मैं यहां आपके सवालों का जवाब देने के लिए आया हूं आपसे बहस करने के लिये नहीं आया हूं।’

भारत अभी नंबर एक टीम है, लेकिन क्या हार के बाद भी कोहली मानते हैं कि वे अब भी सर्वश्रेष्ठ हैं? इस सवाल पर कोहली ने कहा कि, ‘हमें खुद भी यह विश्वास करना होगा कि हम सर्वश्रेष्ठ हैं। यहां तक कि जब हम यहां आए थे तब अगर आपको यह विश्वास नहीं होता कि आप यहां सीरीज जीत सकते हो तो फिर यहां आने का कोई मतलब नहीं था।’

उन्होंने कहा कि, ‘हम यहां केवल भाग लेने के लिये नहीं आये हैं। और आपके सवाल का जवाब दूं तो दक्षिण अफ्रीका ने कितनी बार भारत में अच्छा प्रदर्शन किया है?’ दरअसल, इस मैच में कोहली ने शिखर धवन और भुवनेश्वर कुमार को नहीं चुना था। यह दोनों पहले मैच में टीम में थे। वहीं, दोनों मैचों में कोहली ने अंजिक्य रहाणे को टीम से बाहर रखा था। इन सभी बातों के चलते कोहली के टीम चयन पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

 

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