ओडिशा: वेदांता प्लांट में नौकरी की मांग को लेकर एक बार फिर हिंसक झड़प, भीड़ ने सुरक्षाकर्मी को जिंदा जलाया, 2 की मौत

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ओडिशा के कालाहांडी जिले के लांजीगढ़ में स्थित वेदांता लिमिटेड के एल्युमीनियम संयंत्र में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नौकरी को लेकर सोमवार को हिंसक झड़प हो गई। ओडिशा औद्योगिक सुरक्षा बल (ओआईएसएफ) और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई इस झड़प में सुरक्षाकर्मी समेत 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा घायल हैं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने एक सुरक्षाकर्मी को कमरे में बंद कर आग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, संघर्ष में भीड़ ने एक सुरक्षाकर्मी को जिंदा जला दिया, जबकि इस झड़प के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। मृतकों की पहचान दानी बत्रा (प्रदर्शनकारी) और सुजीत कुमार मिंज (ओआईएसएफ के जवान) के तौर पर हुई है। ओआईएसएफ पुलिस कमांड के तहत आने वाला एक राज्य सुरक्षा बल है। लगभग 70 स्थानीय लोगों के समूह ने लांजीगढ़ स्थित कंपनी के संयंत्र के मुख्य द्वार के बाहर धरना दिया था।

मजदूरों की मांग थी कि प्लांट में स्थानीय लोगों को नौकरी दी जाए। उन्होंने प्लांट के भीतर घुसने की कोशिश की,जिसका सुरक्षाकर्मियों ने विरोध किया। एक सुरक्षाकर्मी और एक अन्य की झड़प में मौत हो गई। झड़प की खबर लगते ही आसपास के गांववाले इकट्ठा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने प्लांट के कुछ कमरों में आग भी लगा दी। इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है।

बता दें कि गत वर्ष स्टरलाइट इंडस्ट्रीज के इस यूनिट को बंद करने की मांग के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन में पुलिस फायरिंग के दौरान 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। स्थानीय लोग प्रदूषण से स्वास्थ संबंधी परेशानियों और गिरते हुए भूजल स्तर को लेकर यह यूनिट बंद करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने 28 मई को इस कॉपर कारखाने को स्थाई रूप से बंद करने का आदेश दे दिया।

नौकरी की मांग को लेकर हुई झड़प

कालाहांडी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बी गंगाधर ने बताया कि रेंगोपाली और आसपास के गांवों के निवासी लंजीगढ़ में रिफाइनरी के पास नौकरी एवं अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। वे कंपनी द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला कराने और रिफाइनरी में स्थानीय युवकों को नौकरी देने की भी मांग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने रिफाइनरी परिसर में घुसने की कोशिश की, लेकिन वहां तैनात ओआईएसएफ के कर्मियों ने उन्हें रोक लिया जिसके विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर दिया।

पुलिस ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने लाठियों से भीड़ को खदेड़ा और करीब 20 लोग जख्मी हो गए। बाद में एक घायल की अस्पताल में मौत हो गई। एसपी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने एल्युमिनियम संयंत्र के समुदाय सेवा केंद्र में तोड़फोड़ की और एक कमरे में ओआईएसएफ स्टाफ सुजीत कुमार मिंज को कमरे में बंद करके उसमें आग लगा दी। गंगाधर ने बताया कि मिंज की जलने से मौत हो गई।

वहीं, गांव के एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘हम शांतिपूर्ण धरना कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने हमें जबरन मौके से हटाने की कोशिश की। जब हमने इसका विरोध किया तो उन्होंने हमपर लाठीचार्ज किया। जिसकी वजह से दानी बत्रा की मौत हो गई और बहुत से लोग घायल हो गए।’ वहीं, महेश्वर पाटी नामक दूसरे गांववाले ने आरोप लगाया कि हिंसा तब भड़की जब कुछ पुलिसवालों ने प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्वव्यहार किया।

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