सीएम ममता बनर्जी की अपील के बावजूद पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन, ट्रेन-बसें जलाईं, कई स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध

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नए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में शनिवार को देश के पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण के राज्य कर्नाटक तक प्रदर्शन हुए जबकि पश्चिम बंगाल में हिंसा पर उतारू प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने करोड़ों की सरकारी संपत्ति को स्वाहा कर दिया। यहां सड़क व रेल यातायात सेवा बुरी तरह प्रभावित रही। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपील के बावजूद आगजनी और हिंसा की घटनाएं थमी नहीं है।

पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा की लपटें शनिवार को राज्य के चार जिलों में फैल गई। मुर्शिदाबाद, हावड़ा, मालदा और उत्तर 24 परगना जिले में प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने जमकर विरोध किया। मुर्शिदाबाद जिले में, पूर्वी रेलवे के तहत आने वाले बेलडांगा स्टेशन पर रखी रेलवे की संपत्ति को प्रदर्शनकारियों ने फूंक दी। ज़िले के अलग-अलग हिस्सों में करीब 15 बसें जला दी गईं। हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों और फायर ब्रिगेड को निशाना बनाने के साथ ही आधा दर्जन रेलवे स्टेशनों में तोड़फोड़ की गई। घटना की सूचना मिलने के बाद जब पुलिस वहां पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने उन पर पथराव किया।

इसी जिले के सुती में, शनिवार सुबह तीन सरकारी बसों में तोड़-फोड़ की गई और इनमें से एक बस को आग के हवाले कर दिया। इससे पहले यात्रियों को जबरन बस से उतार दिया गया था। प्रदर्शनकारियों के एक बड़े समूह ने बसुदेवपुर हॉल्ट स्टेशन में भी तोड़-फोड़ की। इसके अलावा उन्होंने मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का, जंगीपुर व पोरडांगा, हावड़ा जिले के बाउरिया और नालपुर में रेलवे ट्रैक पर बैठकर रेल सेवा में व्यवधान उत्पन्न किया।

इसी तरह, दक्षिण पूर्वी रेलवे के अधीन संकरैल स्टेशन को आग के हवाले कर दिया गया। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया और चंपाताला क्रांसिग के पास टायरों में आग लगाकर सड़क मार्ग अवरुद्ध कर दिया। इन सब व्यवधानों की वजह से दक्षिण पूर्वी रेलवे के हावड़ा-खड़गपुर सेक्शन में ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया है। कंकरा-मिर्जानगर स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक अवरुद्ध करने की वजह से पूर्वी रेलवे के तहत आने वाले सियालदह हसनाबाद की उपनगरीय ट्रेन सेवा भी बाधित हो गई।

बता दें कि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ राज्य में विभिन्न स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ करने वालों को शनिवार को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। बनर्जी ने लोगों से शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की था। मुख्यमंत्री ने शनिवार को कहा था कि, ‘मैं फिर आप सबसे अपील करती हूं कि हिंसा नहीं करें और लोक व्यवस्था में बाधा नहीं डालें तथा शांति बनाएं रखें।” उन्होंने कहा, सरकारी और निजी संपत्ति में किसी भी तरह की तोड़फोड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के मुताबिक सख्ती से निपटा जाएगा।

बनर्जी ने कहा था, ‘‘कानून अपने हाथ में मत लीजिए, सड़क और रेल यातायात जाम मत कीजिए। सड़कों पर आम लोगों के लिए परेशानी खड़ी मत कीजिए।” उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग परेशानियां खड़ी करने के दोषी पाये जायेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” मुख्यमंत्री ने दोहराया कि संशोधित नागरिकता कानून और प्रस्तावित देशव्यापी एनआरसी का राज्य में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। (इंपुट: एजेंसी के साथ)

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