आनंदपाल एनकाउंटर: नागौर में राजपूतों के हिंसक प्रदर्शन में 1 मौत, 25 घायल, धारा 144 लागू

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कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग करते हुए राजस्थान के नागौर जिले के सांवराद में बुधवार(12 जुलाई) को आयोजित हुंकार रैली के दौरान हुई हिंसा और गोलीबारी में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि 25 पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल बताए जा रहे हैं। इस हिंसक झड़प के बाद प्रशासन ने देर रात वहां कर्फ्यू लगा दिया है।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई इस झड़प में नागौर पुलिस अधीक्षक पारिस देशमुख भी घायल हो गए। राजपूत समाज के हजारों प्रदर्शनकारियों ने एसपी पारस देशमुख की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। साथ ही चार बसों में आग लगा दी गई। प्रशासन के मुताबिक उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए केवल रबर की गोलियों, आंसू गैस और लाठीचार्ज किया गया। भारी तनाव को देखते हुए वहां कर्फ्यू के साथ-साथ इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है।

दरअसल, कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह श्रद्धांजलि देने के लिए बुधवार को नागौर के सांरवदा गांव में राजपूत समाज के हजारों लोग जुटे थे। आनंदपाल एनकाउंटर मामले की जांच सीबीआई से कराने सहित अन्य चार मांगों को लेकर देखते ही देखते श्रद्धांजलि सभा हिंसक प्रदर्शन में तब्दील हो गई।

मौके पर भारी तादाद मे आए युवकों में से कुछ ने कानून और व्यवस्था को भंग करते हुऐ भारी उत्पात मचाया। उग्र लोगों ने सांवराद रेलवे स्टेशन पर न सिर्फ रेलवे ट्रैक को उखाड़ दिया, बल्कि बुकिंग काउंटर पर भी तोड़फोड़ और आगजनी की।  पुलिस ने कहा कि सांरवदा गांव में स्थिति तनावपूर्ण है। भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्थिति पर करीबी निगाहे बनाए हुए हैं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह करीब डेढ साल पूर्व एक अदालत में पेशी के बाद अजमेर केन्द्रीय कारागृह लौटते समय सुरक्षाकर्मियों की कथित मिलीभगत से फरार हो गया था। राजस्थान पुलिस की विशेष अभियान समूह ने गत 24 जून को एक मुठभेड में आनंदपाल सिंह को मार गिराया था।

पुलिस ने अगले दिन 25 जून को शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को शव लेने के लिए पुलिस नियमों के तहत नोटिस जारी किया, बावजूद परिजनों ने पुलिस मुठभेड की सीबीआई से जांच करवाने के आदेश नहीं होने तक शव लेने से इनकार कर दिया था।

परिजनों ने शव के पोस्टमार्टम पर सवाल उठाते हुए अदालत में तय मापदंड के अनुरूप पोस्टमार्टम नहीं होने की याचिका दायर की। चूरू जिले की रतनगढ़ की एक अदालत ने 29 जून को याचिका पर सुनवाई कर पुलिस को जिला स्तरीय अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाने के आदेश दिए थे।

पुलिस ने 30 जून को शव का दोबारा पोस्टमार्टम करवाने के बाद देर रात एक जुलाई को नागौर पुलिस ने अन्तिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया। लेकिन परिजन पुलिस मुठभेड प्रकरण की जांच सीबीआई से होने के आदेश जारी होने के बाद ही अन्तिम संस्कार करने पर अडे़ हुए है।

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