यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए विनोद दुआ ने ‘द वायर’ को एक सप्ताह का दिया समय, ‘जन गण मन की बात’ कार्यक्रम में दी जानकारी

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देश भर में चल रहे ‘मी टू’ अभियान (यौन उत्पीड़न के खिलाफ अभियान) के तहत हर रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अमेरिका से शुरू हुए ‘मीटू’ आंदोलन ने भारत में भी भूचाल मचा दिया है। मी टू अभियान के तहत हर रोज बॉलीवुड से कई महिलाएं आगे आकर अपनी आपबीती बयां कर रही हैं। फिल्म इंडस्ट्री से ‘मी टू’ अभियान की शुरुआत होने के बाद इसकी चपेट में अब मीडिया जगत भी आ गया है।

इस कड़ी में नया नाम जाने माने पत्रकार और द वायर के कंसल्टिंग एडिटर विनोद दुआ का है जिनपर निष्ठा जैन नाम की एक फिल्ममेकर ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। निष्ठा ने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए साल 1989 की घटनाओं का जिक्र किया है और दुआ पर अश्लील जोक करने, पीछा करने जैसे आरोप लगाए हैं।

एक लंबे फेसबुक पोस्ट में निष्ठा जैन ने दावा किया है कि नौकरी के लिए एक इंटरव्यू के दौरान जब वो विनोद दुआ से मिली थीं। उस वक्त दुआ ने उन्हें अश्लील जोक सुनाया था। निष्ठा अपने पोस्ट में कहती हैं कि जब उन्होंने अपनी सैलरी एक्सपेक्टेशन दुआ को बताई तो उन्होंने कथित तौर पर कहा- तुम्हारी औकात क्या है? जैन का आरोप है कि इस घटना के कुछ समय बाद उनसे बदतमीजी की और फिर कई दिनों तक उनका पीछा किया।

‘द वायर’ को जांच के लिए एक सप्ताह का दिया समय

यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद पहली बार विनोद दुआ ‘जन गण मन की बात’ कार्यक्रम लेकर आए हैं। इस कार्यक्रम को 16 अक्टूबर को प्रकाशित किया गया है। अपने कार्यक्रम में दुआ ने बताया है कि अपने ऊपर लगे आरोपों की जांच के लिए ‘द वायर’ को उन्होंने एक सप्ताह का समय दिया है। ‘जन गण मन की बात’ कार्यक्रम में विनोद दुआ ने कहा कि मेरे ऊपर भी कीचड़ उछाले गए हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है।

दुआ ने कहा, “मेरे ऊपर जो आरोप लगाया गया है उसे मैं सिरे नकार रहा हूं…खारिज कर रहा हूं…ये बिल्कुल बेबुनियाद है…ये कल्पना है किसी की…ऐसा कुछ नहीं हुआ। लेकिन मैं आपके और द वायर के प्रति जवाबदेह हूं…मैं आज से इस कार्यक्रम (जन गण मन की बात) को एक सप्ताह (16 से 23 तक) के लिए सस्पेंड कर रहा हूं। आज 16 तारीख है…मैं फिर 23 तारीख को आपसे मिलूंगा। या तो आखिरी अलविद कहने के लिए या इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए…ताकी यह जो एक सप्ताह इस दौरान अगर द वायर को कोई जांच करना है तो कर सके।”

अपने फेसबुक पोस्ट में निष्ठा ने लिखा है कि वे जून 1989 में विनोद दुआ से एक नौकरी के सिलसिले में मिली थीं, जब वे ‘जनवाणी’ नाम का एक कार्यक्रम किया करते थे। जब वे उनसे मिली तब बातचीत की शुरुआत में ही दुआ ने धीमी आवाज में एक अश्लील चुटकुला सुनाया। उन्होंने लिखा है कि उन्हें याद नहीं कि वो क्या था, लेकिन वह बहुत घटिया था। निष्ठा ने आरोप लगाया है कि जब दुआ ने उनसे पूछा कि उनकी वेतन को लेकर क्या उम्मीद है। निष्ठा के ‘पांच हजार रुपये’ जवाब देने पर दुआ ने उनसे कहा, ‘तुम्हारी औकात क्या है?’

निष्ठा ने आगे लिखा है, ‘मैं उनकी इस बात पर हैरान रह गई। मैंने पहले भी यौन उत्पीड़न का सामना किया था, लेकिन इस तरह की प्रताड़ना मेरे लिए एक नया अनुभव था।’ उन्होंने आगे बताया है कि इसके बाद उन्हें दूसरी नौकरी मिल गई। एक रात पार्किंग में दुआ उनसे मिले और यह कहते हुए कि वे उनसे बात करना चाहते हैं, अपनी गाड़ी में बैठने को कहा। निष्ठा ने आगे लिखा है कि उन्हें लगा कि शायद दुआ अपने पिछले बर्ताव के लिए माफी मांगना चाहते हैं, इसलिए वे उनकी गाड़ी में बैठ गईं।

निष्ठा ने आरोप लगाया है कि वे ठीक से बैठ भी नहीं सकी थीं कि दुआ ने उन्हें चूमने की कोशिश की, जिसके बाद वो किसी तरह दुआ की गाड़ी से निकल गईं। इस मामले में द वायर द्वारा निष्ठा के आरोपों पर अपना पक्ष जारी करते हुए कहा गया है कि उसकी इंटरनल कम्प्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) द्वारा इन आरोपों का संज्ञान लिया गया है और इस बारे में आईसीसी के निर्णय का इंतजार है।

अभिनेता नाना पाटेकर पर एक फिल्म की शूटिंग के दौरान 2008 में अपने साथ दुर्व्यवहार करने का अदाकारा तनुश्री दत्ता द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद देश में शुरू हुआ ‘‘मी टू’’ अभियान तेजी से आगे बढ़ा है। कई महिलाओं ने सामने आ कर विभिन्न शख्सियतों के खिलाफ अपनी शिकायत व्यक्त की है। यौन दुर्व्यवहार के आरोपियों में पूर्व विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर, फिल्म निर्देशक सुभाष घई, साजिद खान, रजत कपूर और अभिनेता आलोक नाथ आदि शामिल हैं।अकबर ने अपने खिलाफ लगे इन आरोपों को लेकर बुधवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

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