टिक टॉक और यूट्यूब के बीच छिड़ी जंग के बीच झारखंड के गरीब भाई-बहन का वीडियो हुआ वायरल, लोगों ने पूछा- “क्या टिक टॉक को दलितों का प्लेटफॉर्म होने की सजा मिल रही हैं?”

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कोरोना लॉकडाउन के बीच टिक टॉक मोबाइल ऐप पर वीडियो बनाने का खुमार हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है। टिक टॉक पर वायरल होने के लिए यूजर्स मजेदार वीडियो बनाते हैं और अलग-अलग अंदाज में लोगों के बीच आने की कोशिश करते हैं। लेकिन, इस वक्त टिक टॉक और यूट्यूब के बीच एक जंग छिड़ी हुई है, जिस कारण ट्विटर पर हर दिन नए-नए ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं।

यूट्यूब

गौरतलब है कि, तेजी से फैल रहे घातक कोरोना वायरस के चलते पूरा देश लॉकडाउन है। ऐसे में लोगों की सोशल मीडिया पर मौजूदगी बढ़ गई है। ट्विटर पर हर दिन नए-नए ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं। लेकिन, कुछ दिन पहले ही यूट्यूब और टिक टॉक के बीच बेहतर प्लेटफॉर्म को लेकर वर्चुअल जंग शुरू हुई। धीरे धीरे इस लड़ाई में दोनों ही प्लेटफॉर्म के यूजर्स शामिल होते गए और यूट्यूब वर्सेज टिक टॉक का माहौल तैयार हो गया।

वीडियो मेकिंग प्लेटफॉर्म टिक टॉक की रेटिंग अचानक गिर गई। प्ले स्टोर पर इस एप की यूजर्स रेटिंग में गिरावट देखने को मिली है। कुछ दिन पहले तक प्ले स्टोर पर टिकटॉक की रेटिंग 4.7 थी और देखते ही देखते यह घटकर 2 पर पहुंच गई है। यूट्यूब को पसंद करने वाले लोग प्लेस्टोर पर जाकर टिकटॉक को 1 स्टार दे रहे हैं और इसे भारत में बैन करने तक की मांग कर रहे हैं। वहीं, टिक टॉक को पसंद करने वाले लोग यूट्यूब को कम रेटिंग दे रहे हैं।

टिक टॉक और यूट्यूब के बीच छिड़ी इस जंग के बीच झारखंड के गरीब भाई-बहन के कुछ सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स भी जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यूजर्स इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा रहे हैं कि, क्या टिक टॉक को दलितों का प्लेटफॉर्म होने की सजा मिल रही हैं?

एक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “झारखंड की ये प्रतिभा देखिए। फुल एंटरटेनमेंट। ‘दलित-पिछड़ों-गरीबों’ का प्लेटफॉर्म है टिकटॉक। इसी वजह से टिकटॉक को बार बार नफरत का भी शिकार होना पड़ता है।”

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