पाकिस्तान ने जारी किया कुलभूषण जाधव का एक और वीडियो, बोले- मुझे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया

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पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव के परिवार के साथ 25 दिसंबर यानी क्रिसमस के दिन बदसलूकी को लेकर काफी किरकिरी झेलने के बाद पाकिस्तान ने कुलभूषण का एक नया वीडियो जारी किया है।

पाकिस्तान

इस विडियो में जाधव पाकिस्तान की तारीफ कर रहे हैं और बता रहे हैं कि उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। जाधव इस वीडियो में कह रहे हैं कि उन्होंने अपनी मां से यह कहा कि वे चिंता ना करें। पाकिस्तान उनकी पूरी देखभाल कर रहा है। वीडियो में कुलभूषण ने कहा कि उनकी मां को यह यकीन हो गया जब उन्होंने ऐसा कहा।

इस वीडियो में कुलभूषण आगे बोलते हैं कि मुझे भारत सरकार और भारतीय लोगों से एक महत्वपूर्ण बात यह कहना है कि, मैं नेवी से रिटायर नहीं हुआ हूं। मैं अभी भी भारतीय नेवी का ऑफिसर हूं।

गौरतलब है कि, 25 दिसंबर को जब जाधव की मां और पत्नी इस्लामाबाद में उनसे मिलने पहुंचे तो जाधव की पत्नी की जूतियां तक उतरवा ली गईं थी। जाधव और उनके परिवार के बीच एक शीशे की दीवार थी और उन्होंने इंटरकॉम से बातचीत की। इस दुर्व्यवहार का 26 दिसंबर को भारत ने कड़ा विरोध किया था।

देखिए वीडियो :

पाकिस्तान ने जारी किया कुलभूषण जाधव का एक और वीडियो

पाकिस्तान ने जारी किया कुलभूषण जाधव का एक और वीडियो, बोले- मुझे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया

Posted by जनता का रिपोर्टर on Thursday, 4 January 2018

कुलभूषण जाधव से मां-पत्ती की हुई मुलाकात

बता दें कि पाकिस्तान की जेल में कथित रूप से जासूसी के आरोप में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण से सोमवार (25 दिसंबर) को उनकी मां और पत्नी ने करीब 22 महीने में पहली बार मुलाकात की। हालांकि, इस मुलाकात के दौरान मां और बेटे के बीच कांच की दीवार थी और दोनों की इंफोकॉम से बात हुई। मुलाकात के ठीक पहले पाक ने पैंतरा बदलते हुए जाधव को मां-पत्नी के गले नहीं लगने दिया।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय विभाग की इमारत में यह मुलाकात दोपहर करीब डेढ़ बजे शुरू हुई। मुलाकात के लिए पाक सरकार ने सिर्फ 35 मिनट का समय किया था, लेकिन यह करीब 40 मिनट तक चली। पाक विदेश मंत्रलय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने ट्वीट किया, पाकिस्तान कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना के जन्मदिन पर जाधव की पत्नी और मां की उनसे मुलाकात की मानवीय कदम के तौर पर अनुमति देता है।

चूड़ी-बिंदी और मंगलसूत्र उतरवाकर करवाई मुलाकात

कुलभूषण जाधव से मुलाकात के बाद उनका परिवार भारत लौटने के बाद मां-पत्नी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से दिल्ली में मुलाकात कर अपनी आपबीती बताई है। जिसके बाद जाधव से उनकी मां और पत्नी की मुलाकात के दौरान पाकिस्तान के तौर-तरीकों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

सुरक्षा के नाम पर कुलभूषण जाधव से मिलने पहुंची उनकी पत्नी और मां की चूड़ी, मंगलसूत्र और बिंदी तक उतरवा दिया। यहां तक की पत्नी के जूते निकलवाए गए और उसे वापस भी नहीं किया गया।

साथ ही कुलभूषण की मां और पत्नी को मराठी भाषा में बातचीत करने की इजाजत नहीं दी। भारत ने इसे बदसलूकी बताते हुए पाक की कड़ी आलोचना की है। विदेश मंत्रलय द्वारा मंगलवार (26 दिसंबर) को जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान ने जाधव के परिजनों की भावनाओं का ख्याल नहीं रखा।

जानिए क्या है पूरा मामला?

बता दें कि कुलभूषण जाधव भारतीय नागरिक हैं और वे नौसेना के रिटायर्ड कमांडर हैं। 3 मार्च 2016 को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने उन्हें अवैध तरीके से पाकिस्तान में घुसने और जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने 10 मार्च को भारतीय नौसेना के पूर्व अफसर कुलभूषण जाधव को रॉ का एजेंट बताकर मौत की सजा सुना दी।

उन्हें जासूसी करने और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का दोषी ठहराया गया है। आनन-फानन में पाक सेनाध्यक्ष ने जाधव की सजा-ए-मौत पर मुहर भी लगा दी। पाकिस्तानी सेना की मीडिया इकाई सेंटर- द इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा कि फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल ने कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने समेत सभी आरोपों में दोषी पाया।

आईएसपीआर ने कहा कि जाधव भारतीय नौसेना के कमांडर हैं और उन्होंने मजिस्ट्रेट के सामने कबूल किया है कि भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ ने उन्हें जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों की योजना बनाने और उसे अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

जाधव पर पाक ने आरोप लगाया है कि वह बलूचिस्तान और कराची जैसी जगहों पर अशांति फैलाकर पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने और उसे अस्थिर करने की रणनीति के तहत काम कर रहे थे। पाक ने सैन्य अदालतों का गठन देश में आतंकी घटनाओं में लिप्त आतंकियों के खिलाफ जल्द सुनवाई के लिए किया था।

 लेकिन आश्चर्यजनक तरीके से भारतीय नागरिक जाधव के खिलाफ सैन्य कोर्ट में गुपचुप तरीके से केस चलाया गया। उन्हें बिना कोई कानूनी सहायता उपलब्ध कराए फांसी की सजा सुना दी गई। हालांकि, पाकिस्तानी सेना का दावा है कि जाधव उर्फ हुसैन मुबारक पटेल को बचाव में वकील मुहैया कराया गया था।
बता दें कि भारत सरकार ने इस मामले को इंटरनेशनल कोर्ट में पहुंचा दिया है। 18 मई को इस मामले की सुनवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत की 10 सदस्यीय पीठ ने जाधव को फांसी की सजा पर अमल पर रोक लगा दी थी।

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