ठगी का शिकार हुए उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, विज्ञापन देखकर खरीद ली थी वजन घटाने वाली दवाई

0

देश की हजारों-लाखों लोग हर दिन भ्रामक विज्ञापन देखकर ठगी का शिकार हो रहे है। करोड़ो रुपये का चूना इन फर्जी विज्ञापनों को टेलिविजन और अखबारों में दिखाकर भोले-भाले लोगों को लगाया जा रहा है। खुद देश के उप राष्ट्रपति इस ठगी का शिकार हो चुके है। उन्होंने अपनी आपबीती सदन में बताई कि किस तरह से वजन घटाने के नाम पर एक दवाई खरीदने के लिए पैसा भेजा लेकिन दवाई तो मिली नहीं बल्कि उनसे और पैसे देने की बात कहीं गई।

वेंकैया नायडू
PHOTO: PIB

नायडू ने बताया कि उपराष्ट्रपति बनने के बाद मैंने वजन घटाने के बारे में सोचा। मैंने एक कंपनी का विज्ञापन देखा, जिसमें दवा के जरिए बहुत कम समय में वजन घटाने का दावा किया गया था। मैंने दवा मंगवानी चाही तो कंपनी ने 1000 रुपये मांगे। मैंने पैसे दे दिए। इसके बावजूद कंपनी ने दवा नहीं भेजी। इसके बजाय ईमेल भेजकर 1000 रुपये और भेजने को कहा गया। इससे मुझे धोखाधड़ी का शक हुआ। मैंने उपभोक्ता मंत्रालय में शिकायत की। जांच से पता चला कि वह दवा कंपनी अमेरिका की थी।

इसके बाद कंज्यूमर अफेयर मिनिस्टर रामविलास पासवान ने जवाब देते हुए कहा कि कंज्यूमर अफेयर प्रोटेक्शन एक्ट 31 साल पुराना है और इसे बदलने की जरूरत है। पासवान ने कहा कि सरकार इस संबंध में एक सख्त बिल ला रही है. उन्होंने कहा, “उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए वे जल्द ही एक बिल पेश करने वाले हैं जिससे ऐसी कंपनियों और विज्ञापनों से उनके हितों की रक्षा होगी।” उपराष्ट्रपति ने यह अनुभव तब साझा किया जब राज्यसभा में सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने मिलावट और नकली सामान पर सवाल उठाया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here