महंगाई की मार: सर्दियों में भी हरी सब्जियों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी से आम आदमी के छूट रहे पसीने, संडे हो या मंडे अब रोज नहीं खा पाएंगे अंडे

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पिछले कुछ दिनों से सब्जी मंडी में रोजाना हरी सब्जियों के दाम बढ़ने से लोगों के किचन का बजट डगमगाने लगा है। सब्जी व दाल का जायका बढ़ाने वाली प्याज पहले तो छिलके उतारते समय ही लोगों को रुलाती थी, लेकिन अब खरीदते समय भी रुलाने लगी है। आमतौर पर सर्दी शुरू होते ही सब्जियों के दाम घटते हैं। लेकिन इस बार मोदी सरकार में ‘अच्छे दिन’ की उम्मीद लगाए लोगों को निराशा हाथ लगी है।इस वक्त प्याज, टमाटर, आलू, गोभी, बीन्स, लौकी, शिमला मिर्च जैसी कई सब्जियों के साथ-साछ अंडे के दाम भी बेतहाशा बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ सब्जियां ऐसी हैं जिनके दाम पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा हैं। दिल्ली की खुदरा बाजारों में टमाटर की कीमत 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। जबकि प्याज 60 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है।

1 महीने पहले 18 रुपये प्रति किलो मिलने वाले प्याज की कीमत 60 से 80 रुपये प्रति किलो हो गई है जबकि 40 रुपये प्रति किलो मिलने वाले फूल गोभी बाजार में 50 से 60 रुपये प्रति किलो मिल रही है। वहीं 1 महीने पहले 50 रुपये प्रति किलो मिलने वाले बीन्स की कीमत आज 80 रुपये हो गई है जबकि 30 रुपये प्रति किलो मिलने वाले टमाटर की कीमत 60 से 70 रुपये प्रति किलो हो गई है।

टमाटर और प्याज के अलावा दूसरी सब्जियों में भी बढ़ोतरी देखी गई। बाजार में शिमला मिर्च 50 रुपये, अदरक में 50 रुपये, गोभी 60 रुपये, गाजर 60 रुपये, शलगम 30 रुपये, लहसून 60 रुपये, हरी मिर्च 60 रूपये, नींबू 50 रुपये, बैगन 40 रुपये, पालक 30 रुपये जबकि आलू 20 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम है। 

सर्दियों में कम होते हैं दाम

फिलहाल सर्दियां शुरू हो गई हैं, लेकिन इस बार सब्जियों के दाम कम होने के बजाय बढ़ रहे हैं। आमतौर पर सर्दी शुरू होते ही हरी सब्जियों के दाम कम होते हैं। लेकिन इस बार प्याज, टमाटर, गोभी, बीन्स, लौकी जैसी कई सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं कई सब्जियां ऐसी हैं जिनके दाम पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा हैं।

सर्दियों का समय आमतौर पर देश में सस्ती सब्जियों का होता है। क्योंकि सर्दियों में आमतौर पर टमाटर, मटर, गाजर, फूलगोभी, पत्तागोभी, मूली और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों की सप्लाई बढ़ जाती है। लेकिन इसके उलट इस बार आपको मंडियों में ज्यादातर सब्जियां पिछले साल की सर्दियों की तुलना में महंगी मिल रही होंगी।

गर्मियों की सब्जियां, मसलन खीरा, लौकी, भिंडी और टिंडा इस समय थोड़े महंगे जरूर होते हैं, लेकिन वो इसलिए, क्योंकि इन सब्जियों की पैदावार और सप्लाई कम हो जाती है। लेकिन इस बार मोदी सरकार में तस्‍वीर बदली हुई है।ज्यादातर सब्जियों की कीमतें प्रति किलो 50 रुपये या उससे ज्यादा ही हैं।

अंडा ने भी बिगाड़ा रसोई का बजट

हरी सब्जियों के साथ-साथ पिछले कुछ दिनों से अंडे की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है। अंडे की वर्तमान कीमत का आंकलन करेंगे तो पाएंगे कि अंडा इस समय चिकन से महंगा होने पर उतारू है। 5 रुपए में बिकने वाला अंडा 8 रुपए में बिक रहा है। दिल्ली-एनसीआर के अधिकतर खुदरा बाजार में अंडे की कीमत 8 से 9 रुपये तक पहुंच गए है।

दुकानदारों का कहना है कि ठंड में अंडे की मांग बढ़ती ही है। लेकिन ये तेजी दिसंबर और जनवरी के बीच आती थी। लेकिन इस साल नवंबर में ही अंडे की कीमत आसमान छू रहा है। लोगों का कहना है कि इस वक्त टीवी और अखबारों में ‘संडे हो या मंडे रोज खाएं अंडे’ वाला विज्ञापन सुनकर जले पर नमक छिड़कने जैसा लग रहा है।

आम आदमी का बिगड़ा बजट

मंडी में सब्जी लेने आए नितेश यादव ने कहा कि प्याज, टमाटर, बड़े घरानों द्वारा स्टाक किया जा रहा है। जिस कारण आम जनता सब्जियां, प्याज, टमाटर व अन्य सामान खरीदने की क्षमता कम हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को प्याज व टमाटरों की कीमतों पर अंकुश लगाना चाहिए।

 

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