VIDEO: मां मेनका के उलट बोले वरुण गांधी, मुस्लिमों से कहा- वोट नहीं दोगे तब भी मुझसे काम ले लेना, कोई दिक्कत नहीं

0

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रत्याशी वरुण गांधी ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अगर मुस्लिम मतदाता उन्हें वोट करते हैं तो उन्हें बहुत अच्छा लेगगा। अगर उन्हें वोट नहीं भी करते हैं तो मुस्लिम समुदाय के लोग उनके पास काम मांगने जा सकते हैं, उन्हें इस बात में कोई दिक्कत नहीं है। उनके इस बयान का एक वीडियो भी सामने आया है।

वरुण गांधी

वरुण गांधी ने चुनावी सभा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘जो इस देश के साथ है, वो कभी किसी के खिलाफ बोल सकता है। जो देश के लिए जी रहा है और मर रहा है, उनका ना कोई धर्म होता है और ना ही कोई जात होता है। बस मैं एक चीज मुस्लिम भाई को बोलना चाहता हूं कि अगर आपने मुझे वोट दिया तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा अगर आपने मुझे वोट नहीं दिया, कोई बात नहीं, तब भी मुझसे काम ले लेना, कोई दिक्कत की बात नहीं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘मगर मेरी चाय में थोड़ी आपकी चीनी भी पड़ जाए तो मेरी चाय और मीठी हो जाएगी, गलत तो नहीं बोला मैंने कुछ। क्या कुछ मुस्लिम चीनी पड़ने वाली है मेरी चाय में, ऐसे मैं एक बात कहता हूं मैं दुनिया को हिंदू-मुस्लिम के रूप में नहीं देखता। मैं दुनिया को दो ही तरह से देखता हूं अपने और पराये।’

बता दें कि वरुण गांधी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से मौजूदा सांसद हैं और अब इस सीट पर उनकी मां और केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी चुनाव लड़ रही हैं। यही वजह है कि वरुण गांधी अपनी मां की सीट पीलीभीत से चुनाव लड़ रहे हैं।

बता दें कि वरुण गांधी का यह बयान उनकी मां मेनका गांधी के बयान से ठीक उलट है। बता दें कि हाल ही में मेनका गांधी का एक ऐसा बयान सामने आया था, जिससे विवाद हो गया। मेनका ने मुस्लिमों के वोट नहीं देने पर कहा था कि काम के लिए आने पर रवैया भी वैसा ही रहेगा।

दरअसल, मेनका गांधी ने मुस्लिम मतदाताओं से कथित तौर कहा कि वे आगामी लोकसभा चुनाव में उनके पक्ष में मतदान करें क्योंकि मुसलमानों को चुनाव के बाद उनकी जरूरत पड़ेगी। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहीं मेनका ने मुस्लिम बहुल क्षेत्र तूराबखानी में गुरूवार को आयोजित एक चुनावी सभा में कहा, ‘मैं लोगों के प्यार और सहयोग से जीत रही हूं लेकिन अगर मेरी यह जीत मुसलमानों के बिना होगी तो मुझे बहुत अच्छा नहीं लगेगा।’’

बीजेपी सांसद ने आगे नेता ने कहा, ‘‘इतना मैं बता देती हूं कि फिर दिल खट्टा हो जाता है। फिर जब मुसलमान आता है काम के लिये, फिर मै सोचती हूं कि नहीं रहने ही दो क्या फर्क पड़ता है। आखिर नौकरी भी तो एक सौदेबाजी ही होती है, बात सही है या नहीं?’ गांधी ने कहा, “मैं दोस्ती का हाथ लेकर आई हूं। चुनाव नतीजे आएंगे। उसमें 100 वोट या 50 वोट निकलेंगे। उसके बाद जब आप काम के लिए आएंगे तो वही होगा मेरे साथ। इसलिए जब आप मेरे ही हो तो क्यूं नहीं मेरे ही रहो।”

गांधी ने कहा, “पीलीभीत में जाकर मेरे काम को लेकर पूछ लीजिए कि वहां मैं कैसे सभी के लिए काम करती थी। अगर आपको मेरी जरा भी गुस्ताखी लगे तो वोट मत देना, लेकिन लगे कि जरूरत है तो वोट करना। अगर आपको लगे कि हम खुले हाथ और दिल के साथ आये हैं कि आपको कल मेरी जरूरत पड़ेगी। यह इलेक्शन तो मैं पार कर चुकी हूं अब आपको मेरी जरूरत पड़ेगी।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here