भाजपा खेमे में खलबली, फैसले के खिलाफ आज करेंगे सुप्रीम कोर्ट में अपील

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कल हाई कोर्ट के फैसले के बाद उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया। राष्ट्रपति शासन हटने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे सच्चाई और लोगों की जीत बताया था वहीं केंद्र हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर चुका है। केंद्र सरकार अपने वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ इस फैसले के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी।

जनसत्ता की खबर के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और वरिष्ठ मंत्रियों ने बेहद जल्दबाजी में बैठक कर उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के लिए शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया। बैठक में शामिल रहे अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने बाद में कहा कि वह शुक्रवार सुबह प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर की पीठ के समक्ष मामले को रखेंगे और उच्च न्यायालय के फैसले पर स्थगन की मांग करेंगे।

कोर्ट के खिलाफ अपील करने के लिये बुलाई गई ये बैठक शाह के आवास पर हुई जिसमें रोहतगी के अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली जो स्वयं भी कानून के जानकार हैं, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा, गृह सचिव राजीव महर्षि शामिल हुए और उच्च न्यायालय के आदेश के प्रभावों और पार्टी तथा सरकार के समक्ष मौजूद विकल्पों पर विचार-विमर्श किया। सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को ही अमेरिका से लौटे जेटली और अन्य नेताओं को लगता है कि आदेश को चुनौती देने के लिए पर्याप्त आधार हैं। हम राष्ट्रपति शासन के खिलाफ अपील करेंगे। जबकि एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुऐं अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा, कोर्ट ने कुछ मुद्दे नजरअंदाज किए हैं।

ज्ञात हो कि राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाने के आदेश देते हुए हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल को विधानसभा में बहुमत साबित कराने को भी कहा था जबकि हरीश रावत अपने पक्ष में बहुमत का दावा करते हैं तो वहीं बीजेपी भी 35 विधायकों के समर्थन का दावा कर रही है। अदालत के इस फैसले के बाद अब 29 अप्रैल की तारीख काफी अहम हो गई है। उच्च न्यायालय के फैसले को मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के मुद्दे पर नैनीताल हाई कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला किया. हाई कोर्ट ने उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटाने का आदेश दिया. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कांग्रेस के 9 बागी विधायकों की सदस्यता खत्म करने के स्पीकर के फैसले को भी सही करार दिया. हरीश रावत सरकार के अल्पमत में होने की दलील पर केंद्र सरकार ने राज्य में 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन लगा दिया था. केंद्र सरकार ने कहा है कि वह इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी.

इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पूछा था कि क्या सरकार एक प्राइवेट पार्टी है? कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि अगर आप कल राष्ट्रपति शासन हटा देते हैं और सरकार बनाने के लिए किसी और बुलाते हैं तो ये न्याय का मजाक होगा.

हरीश रावत ने पीएम मोदी पर कसा तंज
हरीश रावत ने कोर्ट के फैसले पर कहा, श्हम बहुमत साबित करने को तैयार हैं.श् उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले से मोदी सरकार सीख ले. उत्तराखंड में दलबदल करवाया गया. रावत ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज भी कसा. उन्होंने कहा, श्हभी कभी लड़ने की बात नहीं करते. वो बड़े लोग हैं. चैड़े सीने वाले लोग हैं. हम तो सहयोग की बात करते हैं.

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