उड़ी हमले के बाद सेना ने की कार्रवाई, ब्रिगेडियर सोमशेखर को हटाया

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सेना ने 18 सितंबर को उड़ी में हुए घातक हमलों के बाद उड़ी ब्रिगेड के कमांडर को हटा दिया है। इस हमले में 19 जवान शहीद हुए थे। रक्षा सूत्रों ने बताया कि ब्रिगेडियर के सोमशेखर को संवेदनशील ब्रिगेड से हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि सेना की 28 माउंटेन डिवीजन के एक अधिकारी उड़ी ब्रिगेड के कमांडर के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

इस घटनाक्रम पर टिप्पणी मांगने पर सेना के अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने शनिवार को उत्तरी व पश्चिमी कमान का दौरा किया। नियंत्रण रेखा के पार स्थित आतंकी शिविरों पर लक्षित हमले के बाद भारत-पाक के बीच बढ़े तनाव के मद्देनजर सीमा पर किसी भी स्थिति से निपटने की भारत की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उन्होंने यह दौरा किया।

सेना प्रमुख को दो महत्त्वपूर्ण कमान के शीर्ष कमांडरों ने मौजूदा स्थिति,  तैयारियों और आपात योजनाओं के बारे में जानकारी दी। लक्षित हमले की योजना और उसे अंजाम देने वाले उत्तरी कमान के ऊधमपुर मुख्यालय में जनरल सिंह ने स्पेशल फोर्सेज के कर्मियों से बातचीत की, जिन्होंने इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था।

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उन्हें कमान क्षेत्र में समग्र सुरक्षा स्थिति के बारे में उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टीनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने जानकारी दी। उत्तरी कमान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सेना प्रमुख ने कोर कमांडरों के साथ बातचीत की और मौजूदा सुरक्षा स्थिति व अभियानगत तैयारियों के बारे में स्वयं जानकारी ली।

उन्होंने बताया कि जनरल सिंह ने लक्षित हमला अभियान में भाग लेने वाले सैनिकों के साथ बातचीत की और इस सफल अभियान के लिए उनकी सराहना की। सिंह ने लीपा, तत्तापानी, केल और भीमबर में सात आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाने के लिए अधिकारियों एवं जवानों की व्यक्तिगत रूप से सराहना की।

चंडीगढ़ में एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सेना प्रमुख को पश्चिमी कमान के जीओसी इन सी लेफ्टीनेंट जनरल सुरिंदर सिंह ने अभियानगत मामलों की जानकारी दी। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि सेना प्रमुख ने विभिन्न वरिष्ठ कमांडरों के साथ बातचीत की तथा उन्हें पश्चिमी सीमाओं पर उच्चतम सतर्कता व चौकसी बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

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सूत्रों के मुताबिक 18 सितंबर को उड़ी में सेना के शिविर पर हमले के कुछ ही समय बाद लक्षित हमले का निर्णय किया गया था। उन्होंने बताया कि लक्षित हमले के बाद पाकिस्तान के संभावित जवाबी हमले की आशंका को देखते हुए भारत अपनी आपात योजना के साथ तैयार है।

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भाषा की खबर के अनुसार, अनुमान है कि लक्षित हमले में कम से कम 40 की मौत हुई है पर इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सेना ने अभियान के दौरान भारतीय पक्ष में हताहत होने संबंधी पाकिस्तान से आने वाली खबरों को बकवास बताया है। सेना ने कहा कि स्पेशल फोर्सेज के एक सदस्य को लौटते समय मामूली चोट आई है पर यह सेना या आतंकवादी कार्रवाई के चलते नहीं आई है।

इस बीच, पाकिस्तानी सैन्य बलों ने एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए जम्मू कश्मीर की अखनूर तहसील में नियंत्रण रेखा के पास मोर्टार बमों व भारी मशीन गनों से भारतीय चौकियों व असैन्य क्षेत्रों को शुक्रवार देर रात निशाना बनाया। रक्षा सूत्रों ने कहा कि देर रात साढ़े तीन बजे शुरू होकर सुबह छह बजे तक चली गोलीबारी में जान-माल का किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है।

सीमा की सुरक्षा कर रहे भारतीय बलों ने प्रभावशाली तरीके से जवाबी कार्रवाई की। सूत्रों ने कहा कि अखनूर तहसील के चंब इलाके और पल्लनवाला सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम चौकियों पर मोर्टार बमों, आरपीजी, भारी मशीन गनों व छोटे हथियारों से हमला किया गया। पुलिस ने बताया कि पाकिस्तानी सैन्य बलों ने बादू व चानू बस्तियों पर हमला किया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि नियंत्रण रेखा के पास रह रहे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

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उन्होंने कहा कि सीमाई इलाकों में रह रहे निवासी अपने मवेशियों व घरों की देखरेख के लिए सीमा के पास लौट रहे थे, तभी पाकिस्तानी बलों ने उन्हें भारी हथियारों से निशाना बनाने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से बादू गांव के कुछ मकानों में गोलियां लगीं।

पीओके में 29 सितंबर को किए गए लक्षित हमले के बाद सीमा पार से गोलीबारी बढ़ी है। जम्मू के उपायुक्त सिमरनदीप सिंह ने शुक्रवार को बताया था कि पाकिस्तान की ओर से कल रात को छोटे हथियारों से नियंत्रण रेखा में जम्मू जिले के पल्लनवाला, चपरियाल और समनाम इलाकों में छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई।

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