भारतीय सेना में डॉक्टर बनना चाहता है उड़ी में शहीद हुए हवलदार रवि पाल का बेटा

0

हवलदार रवि पाल सालोतरा का दस साल का बेटा वंश इस बात से अवगत है कि उसके पिता उड़ी आतंकवादी हमले में शहीद हो गए। इस घटना के बाद से देश की सेवा करने और बदला लेने की उसकी प्रतिबद्धता और मजबूत हो गई है।

दस डोगरा रेजीमेंट के रवि पाल उन 18 बहादुर शहीदों में शामिल थे जो बारामूला जिले के उड़ी सेक्टर में सेना ब्रिगेड मुख्यालय पर रविवार को हुए हमले में चार आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। वह 23 साल से सेना में थे।

Also Read:  पार्टनर के इनरवियर से पता लगाएं, वह सेक्स के मूड में है या नहीं
Congress advt 2

भाषा की खबर के अनुसार,वंश के अलावा 42 साल के रवि पॉल के परिवार में उनकी पत्नी गीता रानी और एक बेटा सुदांशीष (सात) और 80 साल की मां हैं। रविपाल के शहीद होने के कारण सांबा जिले के रामगढ़ सब सेक्टर के उनके सारवा गांव में मातम पसरा है। छठी के छात्र वंश ने कहा कि मेरे पिता तड़के फोन किया करते थे।

Also Read:  After India, Bangladesh and Bhutan also pull out of SAARC summit

रविवार को उन्होंने हमें फोन किया और कई मुद्दों पर विस्तार से बात की। उन्होंने मुझसे पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा ताकि भारतीय सेना में डॉक्टर बनने के उनके सपनों को मैं पूरा कर सकूं। यह पूछने पर कि क्या उसे पता है कि परिवार के साथ क्या दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है तो प्लास्टिक के दो तिरंगे लिए हुए वंश ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के लिए उनके पिता ने कुर्बानी दी है। रविपाल के दो भाई भी सेना में रह चुके हैं।

Also Read:  वरिष्ठ पत्रकार, चो. रामास्वामी का निधन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here