हिंदूवादी संगठनों के हमले में घायल पुलिस अफसर ने कहा- हिंसा का यह सबसे अमानवीय रूप था, मैं रात को अभी भी सो नही पाता हूं

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उत्तर प्रदेश के आगरा में शनिवार(22 अप्रैल) को हिंदूवादी संगठन विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के उपद्रवियों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए पुलिस पर ही हमला बोल दिया। इस दौरान उपद्रवियों ने संतोष कुमार सिंह नाम के एक पुलिस अफसर  की बाइक में आग लगा दी और उसकी सर्विस रिवॉल्वर भी छीन ली। साथ ही उपद्रवियों ने संतोष कुमार को बेरहमी से पिटाई की, जिसमें वह बाल-बाल बच गए।

संतोष
photo- indian express

इस बीच अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में संतोष कुमार ने बताया कि “यह हिंसा का सबसे अमानवीय रूप था और मैं भाग्यशाली हूं कि जीवित हूं। मैं इस हिंसा के बारें में सोचकर पूरी रात सो नहीं पाता हूं। सिंह ने बगल में रखे हुए लाल हेलमेट की तरफ इशारा करते हुए कहा कि, ‘अगर मैं उस दिन अपना दोपहिया हेलमेट नहीं पहनना होता तो मैं मर गया होता। मेरे हेलमेट का ग्लास तक टूट गया, होठों पर चोट लगी, लेकिन मेरी खोपड़ी बच गई।’

संतोष सिंह से बताया कि शनिवार की रात को उन्हें सदर बाजार स्टेशन पर बुलाया गया था। जहां एक भीड़ ने जमकर हंगामा किया था, प्रदर्शनकारियों ने कुछ पुलिसवालों पर भी हमला कर दिया। ये लोग वहां अपने कुछ कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने और कुछ पुलिसकर्मियों को हटाने की मांग कर रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, दो अभियुक्त कथित रूप से बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के एक समूह का हिस्सा थे, जिन्होंने 20 अप्रैल को दो मुस्लिम युवकों पर हमला किया था। उनकी गिरफ्तारी ने मुख्य रूप से दो पुलिस स्टेशनों पर जाट मोबलों पर हमला किया था। इतना ही नही इन लोगों ने थाने के लॉक अप को तोड़ने की भी कोशिश की थी।  FIR में कहा गया है कि, भाजपा विधायक उदयबंधन ने भी इन स्टेशनों पर जाकर आरोपीयों की रिहाई की मांग की थी।

सिंह ने कहा कि, “लगभग 10.30 बजे, मैं सदर बाजार स्टेशन तक पहुंचने वाला था, तभी करीब 100 लोग मेरे पीछे दौड़ रहे थे। वो कह रहे थे कि, ‘दरोगा को पकड़ो’ उन्होंने मुझे पत्थरों और ईंटों से पिटना शुरू कर दिया। मैं जमीन पर गिर गया और उन्होंने मेरी बाइक में आग लगा दी साथ ही मेरी सर्विस रिवॉल्वर भी छीन ली थी। मुझे नहीं पता था कि यह सब क्या हो रहा है।

सिंह के मुताबिक, जब उनके सहयोगियों को इसके बारे में पता चला तो, “वे मेरे बचाव के लिए पहुंचे। “चोटों की वजह से मैं ठीक से सांस नहीं ले पा रहा हूं, अभी भी मेरी पसलियों में दर्द है और मुझे चलने में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।”

पुलिस के अनुसार, अधिकारी पर हमले के लिए नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन संतोष सिंह के परिवार वालों का कहना है कि, वे सरकार की उदासीनता से निराश है। परिवार का कहना है कि, “हम पिछले दो दिनों से उसकी चिकित्सा जांच करने के लिए चारों ओर दौड़ रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार की मदद नहीं की जा रही है। वहीं, सिंह के बेटे अभिषेक का आरोप है कि नई सरकार आने के बाद से एक नई तरह की भीड़ उभरकर सामने आई है, जो किसी से डरते नहीं है।

बता दें कि, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नए डीजीपी सुलखान सिंह ने हिंदूवादी संगठनों से जुड़े उपद्रवियों को सख्त नसीहद दी है। लेकिन भगवा ब्रिगेड का उपद्रव थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी एक नजीर शनिवार (22 अप्रैल) को आगरा में देखने को मिला। जहां विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया था।
प्रदर्शनकारियों के हौसले इस कदर बुलंद थे कि उन्होंने कुछ पुलिसवालों पर भी हमला कर दिया, जिसमें कई पुलिस वाले बुरी तरह से घायल हो गए थे। उपद्रवियों ने संतोष कुमार नाम के एक पुलिस अफसर की बाइक में आग लगा दी और उसकी सर्विस रिवॉल्वर भी छीन ली।

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