उन्नाव गैंगरेप केस: भारी दबाव के बाद योगी सरकार ने SIT का किया गठन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा- पीड़िता के पिता की बेरहमी से हुई थी पिटाई

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव में रेप के आरोप में फंसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दुष्कर्म पीड़िता के पिता से मारपीट करने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि अतुल की गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच ने की है और अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक यूपी पुलिस ने यह कार्रवाई डीजीपी के आदेश के बाद की है।

(PTI Photo)

इस बीच भारी दबाव के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने केस की जांच के लिए SIT का गठन कर दिया है। एडीजे लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने मंगलवार (10 अप्रैल) को इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कार्रवाई की जरूर की जाएगी और आरोपी बीजेपी विधायक से भी जरूरत पड़ने पर पूछताछ होगी। बता दें कि पीड़िता ने इस मामले में उन्नाव जिले की बांगरमऊ विधानसभा सीट से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत कई लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था।

इस बीच रेप पीड़िता के पिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ये साबित हो गया है कि उसे बेरहमी से पीटा गया था। गैंगरेप पीड़िता के पिता के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके साथ मारपीट की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने लिखा है कि मारपीट में उसकी बड़ी आंत फट गई थी। शरीर पर 14 स्थानों पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। ये चोट 6-7 दिन पुराने होने की भी पुष्टि हुई है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर उनका कहना था कि पेट की झिल्ली फटने और गुदाद्वार में चोट के चलते सेप्टीसीमिया और सदमे की वजह से मौत हुई है। पीड़िता के पिता के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर आनंद कुमार ने कहा कि शॉक सेप्टीसीमिया के कारण उनकी मौत हुई। उन्होंने कहा कि, ‘पुलिस ने पीड़िता के घायल पिता को थाने पहुंचने के बाद तुरंत अस्पताल पहुंचाया था। मारपीट की घटना गांव में हुई थी। उनकी मौत का कारण शॉक सेप्टीसीमिया है। पोस्टमॉर्टम में आंत में छेद होने की बात भी सामने आई है। ज्यादा खून बहने का भी मामला है। मौत की न्यायिक जांच होगी।’

नवभारत टाइम्स के मुताबिक, आनंद कुमार ने कहा कि, ‘पीड़िता ने अपनी शिकायत में विधायक के अलावा भी कई लोगों का नाम लिया है। इस मामले में SIT का गठन कर दिया गया है।’ उन्होंने कहा कि, ’11 जून 2017 को दर्ज FIR में विधायक का नाम नहीं था, लेकिन 22-08-2017 को विधायक का नाम सामने आया था। इस मामले की भी जांच की जाएगी कि FIR के मामले में उन्नाव पुलिस की रिपोर्ट सही थी या नहीं।’

उन्होंने कहा, ‘इस मामले में भी जो भी शामिल है या जिनका नाम FIR में है, उन सबसे पूछताछ की जाएगी। इस मामले में विधायक कुलदीप सिंह से भी पूछताछ होगी।’ गौरतलब है कि ये मामला उस समय प्रकाश में आया जब पीड़िता ने अपने परिवार के साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने महिला और उसके परिवार को ऐसा करने से रोक लिया था।

इसके बाद यह मीडिया में सुर्खियां बन गया। इसी बीच पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। आरोप है कि विधायक के भाई ने मृतक के साथ मारपीट की थी जिसमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। फिलहाल इस मामले में 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है और 4 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। पीड़ित महिला और उसका परिवार उन्नाव का रहने वाला है।

 

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