…तो क्या उन्नाव रेप कांड से ध्यान भटकाने के लिए तीन तलाक बिल को राज्यसभा में किया गया पेश?

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देश में इस वक्त दो प्रमुख मुद्दे उन्नाव रेप केस और मंगलवार को राज्यसभा में पेश किए गए तीन तलाक बिल को लेकर चर्चा हो रही है।उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की सड़क दुर्घटना के मामले में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी है। वहीं, कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने रेप पीड़िता के सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने का मुद्दा मंगलवार को भी लोकसभा में उठाया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए नारेबाजी की तथा सदन से वाकआउट किया।

दूसरी तरफ, सरकार ने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच चल रही है तथा उत्तर प्रदेश सरकार भी निष्पक्ष ढंग से कार्रवाई कर रही है, लेकिन विपक्ष इस पर राजनीति कर रहा है। बता दें कि दुर्घटना में पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पीड़िता की दो रिश्तेदारों की मौत हो गई।

उन्नाव रेप कांड को लेकर देश भर में मचे हंगामें के बीच कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019 मंगलवार को राज्यसभा में पेश कर दिया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक संबंधी विधेयक मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के मकसद से लाया गया है और उसे किसी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। इस विधेयक को लोकसभा से पिछले सप्ताह पारित किया जा चुका है।

सोशल मीडिया पर सरकार की मंशा पर उठे सवाल

इस बीच एक सवाल सोशल मीडिया पर तैर रही है कि क्या उन्नाव रेप कांड से ध्यान भटकाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक बिल को अचानक से मंगलवार को राज्यसभा में पेश किया गया? आज तक के वरिष्ठ एंकर रोहित सरदाना ने एक ट्वीट कर इशारों-इशारों में इस बात के संकेत दिए हैं।

रोहित सरदाना ने ट्वीट कर लिखा है, “अचानक तय हो गया कि ट्रिपल तलाक़ बिल राज्यसभा में पेश कर दिया जाए। उन्नाव के मामले से बचने के लिए? मामले तो दोनों ही बेटियों से जुड़े हैं। जो बेटी ‘वोट बैंक’ होगी उसी को बचाएंगे, दूसरी पर चुप बैठ जाएंगे?”

वहीं, कई लोगों का कहना है कि जिस प्रकार से संसद सदस्य खासकर भारतीय जनता पार्टी के सांसद तीन तलाक के खिलाफ खड़े हैं आखिर वह उन्नाव पीड़िता के समर्थन में क्यों आवाज नहीं उठा रहे हैं? पत्रकार उमाशंकर ने लिखा, “संसद में #तीन_तलाक़, यूपी में #तीन_हलाक़। जो संसद में तीन तलाक़ के ख़िलाफ़ खड़े हुए हैं वे उन्नाव रेप पीड़िता के परिवार में अब तक हुए तीन हलाक़ के ख़िलाफ़ क्यों नहीं खड़े हो रहे?”

देखें, लोगों की प्रतिक्रियाएं:

बता दें कि गत रविवार को रायबरेली में हुए सड़क हादसे में उन्नाव के कथित बलात्कार मामले की पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं, हादसे में पीड़िता की मौसी, चाची और ड्राइवर की मौत हो गई। पीड़ित महिला और उसके वकील को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मामले के मुख्य आरोपी हैं।हादसे में रेप पीड़िता की रिश्तेदार दो महिलाओं की मौत के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 नामजद तथा 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ सोमवार को हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के चाचा द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में आरोप लगाया है कि जेल में बंद विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में कहा गया है कि वह जेल के अंदर से फोन करके पीड़ित परिवार को धमकाते थे। उनका आरोप है कि कुलदीप सेंगर धमकी भरे फोन कर कहते थे कि अगर जिंदा रहना चाहते हो तो अदालत में बयान बदल दो। शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि सेंगर के लोगों ने धमकी दी थी कि अगर उन्होंने केस में समझौता नहीं किया तो सभी की हत्या कर दी जाएगी। इस मामले में मंगलवार को लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ।

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