उन्नाव केस: कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोनों लड़कियों का हुआ अंतिम संस्कार, छावनी में तब्दील हुआ गांव

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के असोहा इलाके के बबुरहा गांव के बाहर बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई दो किशोरियों का शुक्रवार की सुबह पुलिस-प्रशासन के आलाधिकारियों के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान गांव में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। तीसरी लड़की अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग से लड़ रही है।

उन्नाव
फोटो: सोशल मीडिया

पुलिस के अनुसार असोहा थाना इलाके के बबुरहा गांव में बुधवार शाम खेतों में घास लेने गयी तीन दलित किशोरियों के खेत पर संदिग्ध अवस्था में मिलने के बाद इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था,जहां चिकित्सकों ने कोमल (15) और काजल (14) को मृत घोषित किया था, जबकि तीसरी रोशनी (16) की हालत गंभीर देखकर उन्नाव अस्पताल ले जाया गया और बाद में कानपुर रेफर कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि कानपुर के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। गुरुवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद दोनों किशोरियों के शवों को गांव लाया गया था, लेकिन प्रशासन के प्रयासों के बाद शवों की अंत्येष्टि नहीं हो पाई। शुक्रवार की सुबह लगभग 10 बजे दोनों किशोरियों की अंत्येष्टि कर दी गई। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के आलाधिकारी मौके पर मौजूद थे। इसके अलावा मौके पर भारी पुलिस बलों को तैनात किया गया था।

परिजनों की ओर से किसी भी तरह का कोई आरोप प्रत्यारोप नहीं लगाया गया है। किशोरियों की अंत्येष्टि के समय भाजपा जिला अध्यक्ष राजकिशोर रावत व स्थानीय विधायक अनिल सिंह मौजूद थे। विपक्षी दल से कोई भी राजनीतिक नेता अंतिम संस्कार के समय मौजूद नहीं था। जिला प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की थी और गांव के करीब एक किलोमीटर पहले से ही अवरोधक लगा कर लोगों को रोका जा रहा था।

पुलिस क्षेत्राधिकारी और मजिस्ट्रेट लेवल के अधिकारी हर अवरोधकों पर पर लोगों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी सिंह, आयुक्त लखनऊ मंडल रंजन कुमार व जिलाधिकारी रंविद्र कुमार पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी के साथ जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी व जिले के छह पुलिस थानों के पुलिस बल लगातार अपनी नजर बनाये थे।

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने गुरुवार को बताया था कि परिजन की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी सिंह ने बताया था कि पीड़ित परिवार अपनी बेटियों की हत्या किये जाने का आरोप लगा रहा है। हालांकि परिजन किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं, लिहाजा उनकी तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए उन्नाव के पुलिस अधीक्षक से दो हफ्ते के अंदर रिपोर्ट मांगी है।

इससे पहले प्रदेश के पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा था कि दोनों लड़कियों के शव का तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। उसकी रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है और उनके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं पाया गया है। (इंपुट: भाषा के साथ)

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