संविधान बदलने वाले बयान पर मोदी के मंत्री अनंत हेगड़े ने मांगी माफी, शशि थरूर बोले- नया ‘हिंदू पाकिस्तान’ बनाना चाहते हैं हिंदुत्ववादी

0

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने संविधान बदलने वाले विवादित बयान पर लगातार बढ़ते विरोध के बाद गुरुवार (28 दिसंबर) को लोकसभा में माफी मांगनी पड़ी। हालांकि राज्यसभा में इस मुद्दे पर विपक्ष अब भी हमलावर है। बता दें कि पिछले दिनों दिए गए कथित विवादित बयान के विरोध में संसद के दोनों सदनों में बुधवार (27 दिसंबर) को कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों के सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की। बता दें कि हेगड़े ने कथित तौर पर कहा था कि, ‘बीजेपी संविधान को बदलने के लिए सत्ता में आई है।’वहीं, हेगड़े के बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने हेगड़े के बयान पर निशाना साधते हुए कहा है कि हिंदुत्ववादी ‘हिंदू पाकिस्तान’ चाहते हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘कई लोगों का कहना है कि संविधान को 100 से अधिक बार संशोधित किया गया। सरकार के पास संविधान संशोधन का प्रस्ताव लाने का पूरा हक है। हिंदुत्ववादी ने इस विचार को मानने से इनकार कर दिया कि हमारा देश एक राज्य है जहां सभी विचार के लोग रहते हैं। वो हिंदू राष्ट्र चाहते हैं: एक हिंदू पाकिस्तान।’ हालांकि, कांग्रेस नेता ने अपने अपने बयान में हेगड़े के नाम का जिक्र नहीं किया है।

हेगड़े ने अपने बयान पर लोकसभा में मांगी माफी

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े के संविधान व धर्मनिरपेक्षता के बारे में दिए गए बयान पर उठे विवाद को समाप्त करने की पहल करते हुए सरकार ने इससे अपने आप को अलग किया और लोकसभा में हेगड़े ने गुरुवार (28 दिसंबर) को इसे लेकर माफी मांग ली। गुरुवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस एवं कुछ अन्य दलों के सदस्यों ने मंत्री के बयान का मुद्दा उठाने की कोशिश की।

केंद्रीय मंत्री हेगड़े ने इस पर तत्काल खड़े होकर कहा कि उनकी संविधान, बाबा साहब भीम राव अंबेडकर और संसद में पूरी निष्ठा है। इसके बारे में उनको कोई भी शक नहीं है। किसी के बारे में उनकी निष्ठा कम नहीं हो सकती है। लेकिन सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे समेत कुछ अन्य दलों के नेताओं ने इस पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि हेगड़े ने जो बयान दिया था, उसे देखते हुए इतना कह देना पर्याप्त नहीं है।

इस पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि कभी-कभी जीवन में ऐसा होता है कि आपको अपनी कही बात तो ठीक लगती है, लेकिन दूसरों को इससे ठेस पहुंच सकती है। माफी मांगने से कोई छोटा नहीं होता है। इतना तो आप कह ही सकते हैं कि अगर सदन में इससे किसी को ठेस पहुंची है, तो माफी मांगते हैं।

इसके बाद अनंत कुमार हेगड़े ने कहा कि अगर इस बात से, जिसे गुमराह करके पेश किया गया है, जो बात मैंने कही नहीं, उससे किसी की भावना को ठेस पहुंची है, तो मुझे माफी मांगने में कोई संकोच नहीं है। उल्लेखनीय है कि हेगड़े के संविधान एवं धर्मनिरपेक्षता संबंधी विवादास्पद बयान पर उन्हें बर्खास्त करने की कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की मांग को लेकर लोकसभा में बुधवार को भारी हंगामा हुआ था और सदन की कार्यवाही में बाधा आई थी।

राहुल गांधी ने भी साधा निशाना

वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस के 133वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में गुरुवार (28 दिसंबर) को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस बयान की तीखी आलोचना की और संविधान को खतरे में बताया। आबेडकर के संविधान पर मंडराते खतरे की बात करते हुए उन्होंने हर भारतीय नागरिक की ‘रक्षा’ करना कांग्रेस की जिम्मेदारी बताया है। राहुल ने देश के संविधान के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी यह छेड़छाड़ गुप्त तरीके से कर रही है।

राहुल ने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए उस पर देश के संविधान पर हमला बोलने और राजनीतिक फायदे के लिए झूठ का सहारा लेने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का मुख्य सिद्धांत सत्य है। कांग्रेस के स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि भले ही उनकी पार्टी को नुकसान हो या चुनाव में हार का सामना करना पड़े किन्तु वह सत्य का साथ नहीं छोड़ेगी।

पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी द्वारा संविधान पर हमला किया जा रहा है। संविधान की रक्षा करना, प्रत्येक व्यक्ति के भविष्य की रक्षा करना हमारा दायित्व है। उन्होंने कांग्रेस के गौरवशाली इतिहास की चर्चा करते हुए दावा किया कि उनकी पार्टी का मुख्य विचार सत्य है और हम इसके लिए लड़ते रहेंगे।

सत्तारूढ़ दल पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि हमारे देश में कपट की चाल चली जा रही है। बीजेपी इस मुख्य विचार पर काम कर रही है कि राजनीतिक फायदे के लिए झाूठ का इस्तेमाल किया जा सकता है। हमें कांग्रेस को नुकसान या पराजय हो सकती है, किन्तु हम सच का साथ नहीं छोड़ेंगे।

केंद्रीय मंत्री के किस बयान पर हो रहा हंगामा?

 

गौरतलब है कि खबरों के अनुसार, बीजेपी नेता और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री अनंत हेगड़े ने कर्नाटक के कोप्‍पल जिले के यलबुर्गा में ब्राह्मण युवा परिषद और महिलाओं के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहा था कि, ‘जो लोग धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील होने का दावा करते हैं, उन्‍हें अपने मां-बाप और उनके खून के बारे में जानकारी ही नहीं होती है।

मुझे बहुत खुशी होगी यदि कोई व्‍यक्ति खुद की पहचान मुस्लिम, ईसाई, ब्राह्मण, लिंगायत या हिंदू के तौर पर करता है। इस तरह की पहचान से आत्‍मसम्‍मान हासिल होता है। समस्‍या तब उत्‍पन्‍न होती है जब कोई खुद को धर्मनिरपेक्ष कहता है।’ साथ ही कहा कि इस सोच के साथ संविधान में बदलाव भी किया जा सकता है और इसीलिए हमलोग यहां हैं।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here