ब्रिटेन चुनाव: टेरीज़ा मे को उल्टा पड़ा मध्यावधि चुनाव, नही मिला बहुमत

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ब्रिटेन में आठ जून को हुए मतदान के बाद सामने आए नतीजे में ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे को करारा झटका लगा है, मध्यावधि चुनाव के नतीजे त्रिशंकु रहे हैं। टेरीज़ा मे के मध्यावधि चुनाव कराने का दांव उनपर उल्टा पड़ गया है और उनकी कंजर्वेटिव पार्टी बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाई है। शुक्रवार को हुई मतगणना में हालांकि कंजर्वेटिव सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

टेरीज़ा मेपीटीआई की ख़बर के मुताबिक, अब तक की मतगणना में कंजर्वेटिव ने कुल 650 सदस्यीय संसद में 313 सीटें जीत ली हैं और लेबर को 260 पर जीत हासिल हुई है। वहीं, लिबरल डेमोक्रैटिस को 12, एसएनपी को 35 सीटें हासिल हुई हैं। बहुमत का आंकड़ा 326 सीटों का है। इस चुनाव में कंजर्वेटिव और एसएनपी को सीटों का नुकसान झेलना पड़ा है। 2015 में हुए आम चुनाव में कंजर्वेटिव को 331, लेबर को 232, लिब डेम को 8 और एसएनपी को 56 सीटें हासिल हुई थीं।

हालांकि, टरीजा साउथ-ईस्ट इंगलैंड की अपनी सीट जीत गई हैं। उन्हें 37,780 वोटों से जीत हासिल हुई है। पार्टी के बहुमत हासिल न कर पाने के कारण अब उनपर इस्तीफे का दबाव है। एक्ज़िट पोल में कंज़र्वेटिव को 318 सीटें, लेबर को 267 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था।

आखिरी परिणाम आने से पहले टरीजा ने कहा था कि ब्रिटेन को स्थिरता की जरूरत है। इधर, विपक्षी लेबर के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने कहा, ‘राजनीति बदल गई है और यही लोग कह रहे हैं। मुझे नतीजों पर गर्व है और उम्मीद का मतदान हुआ है। प्रधानमंत्री ने चुनाव की घोषणा की क्योंकि वह जनादेश चाहती थीं, और जनादेश यह है कि वह हार गई हैं।’ कॉर्बिन ने इससे पहले ट्विटर पर यह दावा किया था कि लेबर पार्टी ब्रिटेन की राजनीति का चेहरा बदल देगी।

गौरतलब है कि, इससे पहले साल 2015 में चुनाव हुए थे, जिसमें कंजर्वेटिव पार्टी ने जबरदस्त जीत हासिल की थी। अगला चुनाव मई 2020 में होने थे, लेकिन पिछले साल ब्रेग्जिट पर आए जनमत संग्रह के बाद टेरीजा मे ने 19 अप्रैल को समय-पूर्व चुनाव कराने का फैसला किया था।

 

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