केरल बाढ़: मोदी सरकार द्वारा 700 करोड़ की मदद लौटाने को लेकर जारी घमासान के बीच UAE ने किया सनसनीखेज खुलासा

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केरल में तेज बारिश और बाढ़ की वजह से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने भयंकर तबाही मचा रखी है। कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी भर जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। वहां हालात बेहद खराब हो गए हैं। भारी बारिश और बाढ़ के चलते अब तक 370 लोगों की मौत हो चुकी है। पूरे राज्य से बाढ़ की खौफनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं। एनडीआरएफ के अलावा, सेना की तीनों फोर्सेज राहत-बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।

इस मुश्किल समय में भारत के सभी राज्यों सहित दुनिया भर के लोग केरल के लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। हालांकि विदेशी मदद को लेकर जमकर राजनीति हो रही है। दरअसल, कुछ दिन पहले केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने दावा किया था कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 700 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया है। जिसके बाद मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत ने यूएई की केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए 700 करोड़ रुपए की मदद को ठुकरा दिया है।

इसे मामले में को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीति हो रही है। यूएई की मदद की पेशकश ठुकराने के मामले पर विवाद अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि यूएई के राजदूत ने एक इंटरव्यू में सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि संयुक्त अरब अमीरात ने अभी तक अधिकारिक तौर पर ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है, जिसमें मदद की रकम का भी जिक्र हो। भारत में यूएई के राजदूत अहमद अलबाना ने कहा है कि अब तक मदद के लिए आधिकारिक तौर पर कोई रकम तय ही नहीं की गई है।

द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए यूएई के राजदूत अहमद अलबाना ने कहा, ‘अभी हालात का जायजा लेकर कितनी मदद की जाए इसका अंदाजा लगाया जा रहा है। अंतिम रकम अभी तक तय नहीं की गई है।’ रिपोर्टर ने जब उनसे पूछा कि, ‘इसका मतलब यह हुआ कि यूएई ने 700 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया ही नहीं था?’ जवाब देते हुए अलबाना ने कहा, ‘हां यह बिल्कुल सही है। अभी तक यह फाइनल नहीं हुई है और ना ही इसकी घोषणा की गई थी।’

राजदूत अहमद ने कहा कि केरल बाढ़ के बाद चल रहे रिलीफ ऑपरेशन का आकलन किया जा रहा है, ऐसे में बताई जा रही राशि को ‘फाइनल’ नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने आगे कहा, ‘हम भारत के आर्थिक मदद के नियमों से परिचित हैं इसलिए सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी इस संबंध में भारत सरकार के अधिकारियों के साथ बात कर रही है। इसके अलावा त्वरित मदद के लिए वह कमेटी स्थानीय अधिकारियों के साथ भी बातचीत कर रही है।’

दरअसल, इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा था कि अबूधाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयन ने पीएम मोदी के साथ फोन पर बातचीत में केरल के लिए 700 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की पेशकश की है। राजदूत अहमद ने कहा कि केरल राहत कार्य के लिए फंड अलॉटमेंट करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि केरल की स्थिति का आकलन करने के लिए कमिटी का गठन किया है, जो अभी अपना काम कर रही है।

विपक्षी पार्टियों ने साधा था निशाना

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही केंद्र सरकार ने कहा था कि वह केरल के लिए की गई विदेशी मदद की सराहना करते हैं, लेकिन वर्तमान नीतियों के चलते वह इसे स्वीकार नहीं कर सकते हैं। इसके बाद इस मामले पर केंद्र और केरल सरकार के बीच काफी बयानबाजी भी हुई। कांग्रेस और माकपा सहित विपक्षी दलों ने केंद्र पर निशाना साधा था और उससे कहा कि वह वर्षा प्रभावित केरल के लिए विदेशी सहायता स्वीकार करने में बाधाएं हटाए जिसमें यूएई से 700 करोड़ रुपये की पेशकश शामिल है।

वहीं सरकार ने अपने रूख को उचित ठहराया है। केंद्र सरकार ने कहा कि बाढ़ प्रभावित केरल के लिए जारी की गई 600 करोड़ रुपये की रकम सिर्फ अग्रिम सहायता थी और नुकसान के आकलन के लिए अंतर-मंत्रालयी दल के राज्य के दौरे के बाद अतिरिक्त रकम जारी की जाएगी। गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, ‘यह स्पष्ट किया गया है कि केंद्र द्वारा जारी 600 करोड़ रूपये सिर्फ अग्रिम सहायता है। तय प्रक्रियाओं का पालन करते हुए नुकसान के आकलन के बाद एनडीआरएफ की तरफ से अतिरिक्त सहायता जारी की जाएगी।’

केंद्र सरकार ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित केरल के लिए 600 करोड़ रूपये की सहायता जारी की। इनमें से पांच सौ करोड़ की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने और 100 करोड़ की घोषणा गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य के अपने दौरे के दौरान की थी। गृह मंत्रालय ने कहा कि केरल में बाढ़ के दौरान केंद्र सरकार ने बिना किसी पूर्वाग्रह के सामयिक तरीके से अतिआवश्यक आधार पर सहायता और राहत सामग्री मुहैया कराई।

 

 

 

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