69 फीसदी भारतीयों को किसी न किसी रूप में देनी पड़ती है रिश्वत, पुलिस सबसे भ्रष्ट

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नई दिल्ली। एशिया प्रशांत क्षेत्र में रिश्वत के मामले में भारत शीर्ष पर है। हाल ही में जारी एक सर्वे में कहा गया है कि दो तिहाई भारतीयों को सार्वजनिक सेवाओं के लिए किसी न किसी रूप में रिश्वत देनी ही पड़ती है। भारत के 85 फीसदी लोगों ने सबसे ज्यादा पुलिस डिपार्टमेंट को भ्रष्ट माना है। वहीं 71 प्रतिशत ने धार्मिक नेताओं के भी करप्शन में शामिल होने की बात कही।

फोटो: साभार

अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक अधिकार समूह ‘ट्रांसपेरेन्सी इंटरनेशनल’द्वारा कराए गए इस सर्वे के अनुसार, भारत में 69 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें घूस देनी पड़ी, जबकि वियतनाम में ऐसा कहने वालों की संख्या 65 फीसदी, पाकिस्तान में 40 फीसदी और चीन में 26 फीसदी थी।

सर्वे के मुताबिक, रिश्वत देने की दर जापान में सबसे कम 0.2 फीसदी तथा दक्षिण कोरिया में केवल तीन फीसदी पाई गई। बहरहाल, चीन में इस बुराई की दर बढ़ती प्रतीत होती है, क्योंकि सर्वे में 73 फीसदी लोगों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उनके देश में रिश्वत का चलन बढ़ा है।

सर्वे में कहा गया है कि रिश्वत के मामले में पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, जापान, म्यामां, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे देश भारत से नीचे रहे और भारत का स्थान सातवां रहा। इस सर्वे में एशिया प्रशांत क्षेत्र की करीब 90 करोड़ की आबादी वाले 16 देशों के 20 हजार से अधिक लोगों ने कहा कि उन्हें पिछले एक साल में कम से कम एक बार तो रिश्वत देनी ही पड़ी।

पुलिस सबसे भ्रष्ट

सर्वे में सरकारी कर्मचारियों में पुलिसकर्मी सबसे अधिक भ्रष्ट पाए गए। सर्वेक्षण में 85 प्रतिशत लोगों ने माना कि पुलिस भ्रष्ट है। धार्मिक नेताओं के मामले में यह प्रतिशत 71 रहा। सर्वेक्षण में केवल 14 प्रतिशत भारतीयों ने कहा कि कोई भी धार्मिक नेता भ्रष्ट नहीं है, जबकि 15 प्रतिशत उनके भ्रष्ट तरीकों से वाकिफ नहीं थे।

पुलिस के बाद 5 सर्वाधिक भ्रष्ट श्रेणी में सरकारी अधिकारी (84 प्रतिशत), कारोबारी (79 फीसद) , स्थानीय पार्षद (78 प्रतिशत) और सांसद (76 फीसद) रहे जबकि टैक्स ऑफिसर छठे स्थान पर रहे। सर्वे में कहा गया है कि करोड़ों लोग सरकारी कर्मियों को रिश्वत देने के लिए बाध्य हैं और इसका सबसे बुरा असर गरीबों पर पड़ता है।

 

 

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