राहुल गांधी के ‘न्यूनतम आय योजना’ को लेकर इंडियन यूथ कांग्रेस और आजतक की एंकर श्वेता सिंह के बीच छिड़ी ‘ट्विटर वॉर’, जानें किसने क्या कहा

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कांग्रेस द्वारा घोषित ‘न्यूनतम आय योजना’ (न्याय) के चुनावी वादे को लेकर घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सोमवार (25 मार्च) को एक बड़ा दाव चलते हुए ‘न्यूनतम आय योजना’ (न्याय) के तहत प्रत्येक भारतीय की 12,000 रुपए प्रति माह आय सुनिश्चित करने और पांच करोड़ गरीब परिवारों को प्रति वर्ष 72,000 रुपये (6 हजार रुपये महीना) देने की घोषणा की। राहुल ने बताया कि कांग्रेस ने भारत में गरीबी खत्म करने का संकल्प लिया है। इसके लिए पार्टी दुनिया में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक ‘न्यूनतम आय योजना’ (न्याय) लेकर आएगी।

Photo: @SwetaSinghAT

कांग्रेस ने इस योजना को NYAY (न्यूनतम आय योजना यानी न्याय) नाम दिया है। राहुल की घोषणा के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री जेटली ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा योजनाओं के नाम पर सिर्फ छल-कपट किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास गरीबी हटाने के नाम पर सिर्फ राजनीतिक व्यवसाय करने का रहा है। कांग्रेस ने गरीबी हटाने के लिए कभी संसाधन नहीं दिए।

इस घोषणा को लेकर माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर तमाम पत्रकार भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। इस क्रम में आजतक की मशहूर एंकर श्वेता सिंह ने भी ट्वीट कर अपनी राय व्यक्त की। राहुल गांधी की घोषणा के बाद श्वेता सिंह ने ट्वीट कर लिखा, “मुफ़्त में बहुत कुछ मिलता है। पर आत्म सम्मान कभी फ़्री नहीं मिलता। राष्ट्र के लिए रोज़गार या भत्ता?” देखते ही उनका यह ट्वीट वायरल हो गया।

श्वेता का यह ट्वीट कांग्रेस पार्टी की युवा शाखा भारतीय युवा कांग्रेस (इंडियन यूथ कांग्रेस) को रास नहीं आया। इंडियन यूथ कांग्रेस तेलंगाना ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा, “भारत के सबसे बड़े घोटाले नोटबंदी मे जब जनता अपनी ईमानदारी से कमाए गए पैसों के लिए बैंकों की लाईन मे धक्के खार हे थे। कई लोगों के रोजगार चले गए।
तब नए नोटों मे चिप ढूंढ़ने वाली आप वही पत्रकार है ना श्वेता सिंह जी? काश आपको चिप मिलता तो पुलवामा हमले में  हमारे 40 जवान शहीद न होते!”

कांग्रेस के युवा साखा द्वारा किए गए इस ट्वीट पर पलटवार करते हुए सिंह ने चिप वाले वायरल वीडियो को फर्जी करार देते हुए पलटवार किया। उन्होंने लिखा, “माना आप बहुत बड़ी पार्टी हैं। मेरा अपमान आपका कर्तव्य है। सहर्ष स्वीकार। पर पुलवामा के शहीदों पर ऐसा शर्मनाक वक्तव्य? वो फ़र्ज़ी विडियो वाला चिप अपनी बुद्धि में लगा लीजिए। चुनाव के लिए संस्कार बेच खाएंगे?”

कई विशेषज्ञों के मुताबिक, राहुल गांधी की यह घोषणा लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अभियान के लिए एक निर्णायक झटका था। साथ ही, बीजेपी समर्थक देश के तमाम न्यूज चैनल और टीवी एंकर भी कांग्रेस अध्यक्ष के इस घोषणा से बैकफुट पर नजर आए। राहुल गांधी के ऐलान के बाद से ही इस चुनावी वादे को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर घमासान मचा हुआ है।

राहुल गांधी ने कहा है कि कांग्रेस सत्ता में आई तो वह सुनिश्चित करेगी कि देश की न्यूनतम आय सीमा 12,000 रुपये हो। उन्होंने कहा है कि जो भी परिवार इस सीमा से नीचे होगा उसके खाते में कांग्रेस की सरकार 72,000 रुपये सालाना डालेगी। 25 मार्च को एक अभूतपूर्व प्रेस कॉन्फेंस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो देश के सर्वाधिक गरीब 20 प्रतिशत परिवारों को 72,000-72,000 रुपये सालाना बतौर न्यूनतम आय उपलब्ध कराई जाएगी।

राहुल गांधी की ‘न्याय योजना’ का कुल खर्च 3.60 लाख करोड़ रुपये है। हालांकि, कांग्रेस ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि वह इस योजना का क्रियान्वन कैसे करेगी? कांग्रेस अध्यक्ष ने मंगलवार को दावा किया कि न्यूनतम आय योजना (न्याय) के लिए उनकी पार्टी ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन सहित दुनियाभर के प्रमुख अर्थशास्त्रियों से चर्चा की थी।

 

 

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  1. सच्चाई से एक पत्रकार को अपमान क्यों महसूस होता है। झूठ से होना चाहिए। सच्ची पत्रकार नहीं है क्या?

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