सीएम योगी के खिलाफ महिला के आरोपों पर चर्चा करने के बाद गिरफ्तार टीवी चैनल की हेड और संपादक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक विषय वस्तु प्रसारित करने के मामले में अदालत ने एक टीवी चैनल की हेड और संपादक को रविवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने बताया कि ‘नेशन लाइव’ चैनल की हेड इशिका सिंह और संपादक अनुज शुक्ला को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था।

FILE Photo: PTI

गौतम बुद्ध नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘उन्हें आज स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।’’ अधिकारियों ने बताया कि छह जून को चैनल में एक परिचर्चा आयोजित की गई थी, जिसमें एक महिला द्वारा योगी पर लगाए गए कथित अपमानजनक आरोपों पर चर्चा की गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि एक राजनीतिक दल से संबद्ध कार्यकर्ताओं ने महिला का दावा तथ्यों को सत्यापित किए बगैर प्रसारित करने को लेकर न्यूज चैनल के खिलाफ शिकायत करने के लिए पुलिस से संपर्क किया था। पुलिस ने बताया कि चैनल के अधिकारियों के खिलाफ फेज तीन पुलिस थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कृष्ण ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि चैनल संचालित करने के लिए जरूरी लाइसेंस भी नहीं था। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह पाया गया कि चैनल के संचालित होने के लिए कोई जरूरी लाइसेंस भी नहीं था। उक्त चैनल नेटवर्क 10 नाम के न्यूज चैनल के लाइसेंस पर बिना अनुमति प्राप्त किए संचालित किया जा रहा था। इस सिलसिले में थाना फेस 3 पुलिस थाने में अलग से मामला दर्ज किया गया है। इस बारे में चैनल की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।

आपको बता दें कि इससे पहले सीएम योगी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने को लेकर एक पत्रकार को हजरतगंज पुलिस ने शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए पत्रकार का नाम प्रशांत जगदीश कनौजिया है और उन्हें शनिवार को उनके दिल्ली स्थित घर से गिरफ्तार करके यूपी का राजधानी लखनऊ ले जाया गया। इस संबंध में लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और प्रशांत कनौजिया पर आईटी एक्ट की धारा 67 और मानहानि की धारा (आईपीसी 500) लगाई गई है।

गिरफ्तारी की पत्रकार संगठनों ने की निंदा

एडिटर्स गिल्ड समेत कई पत्रकार संगठनों ने पत्रकार प्रशांत कनौजिया, इशिका सिंह और अनुज शुक्ला की गिरफ्तारी की निंदा की है। एडिटर्स गिल्ड ने एक बयान जारी कर कहा है, ‘पुलिस की कार्रवाई सख्त और कानून का मनमाना दुरुपयोग है। गिल्ड इसे प्रेस को डराने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोकने के प्रयास के रूप में देखता है।’

एडिटर्स गिल्ड ने बयान में कहा, ‘महिला के दावों की प्रमाणिकता जो भी हो, सोशल मीडिया पर इसे साझा करने और इसे टेलीविजन चैनल पर प्रसारित करने के लिए पत्रकारों के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करना कानून का दुरुपयोग है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस को अधिकार देने के लिए, आईटी अधिनियम की धारा 66 के प्रावधानों को भी जोड़ा गया है। जोकि कानून और राज्य की शक्ति का दुरुपयोग है।’

बता दें कि प्रशांत को ट्विटर पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ‘संबंध’ बनाने का दावा करने वाली महिला का वीडियो पोस्ट करने का आरोप लगा है। जबकि नेशन लाइव के हेड और संपादक पर उस विडियो को प्रसारित करने का आरोप है।

पत्रकारों की गिरफ्तारी को लेकर इंडियन वुमेन प्रेस कॉर्प्स, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, साउथ एशियन वुमेन इन द मीडिया और प्रेस एसोसिएशन ने भी कड़ी निंदा की है। पत्रकारों की इन संस्थाओं ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मांग की है कि इन तीनों पत्रकारों के खिलाफ की गई कार्रवाई के खिलाफ और आपराधिक मानहानि के आरोपों पर पुनर्विचार करना चाहिए।

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