डोनाल्ड ट्रंप के मुस्लिम देशों पर लगाए गए प्रतिबंध पर अमेरिकी अदालत से लगी रोक

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अमेरिकी कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को विवादित आदेश जारी करने पर झटका दिया है। कोर्ट ने ट्रंप के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसके तहत सात मुस्लिम देशों के लोगों के अमेरिका में दाखिल होने पर रोक लगा दी गई थी।

अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया, ‘‘हमने वीजा के अंतरिम रूप से रद्द किए जाने के फैसले को पलट दिया है।’’अधिकारी ने कहा, ‘‘जिन लोगों ने अब अपने वीजा रद्द नहीं करवाएं हैं अब वे अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं बशर्ते उनका वीजा दूसरी तरह से वैध हो।’’

भाषा की खबर के अनुसार, विभाग का कहना है कि राष्ट्रपति के शासकीय आदेश का अनुपालन करते हुए करीब 60,000 यात्रा वीजा को रद्द किया गया था। विदेश विभाग के अधिकारी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ‘गृह सुरक्षा विभाग और हमारी कानूनी टीमों के साथ मिलकर काम कर रहा है’ ताकि वाशिंगटन प्रांत के अटॉर्नी जनरल की ओर से दायर शिकायत की पूरी समीक्षा की जा सके।गृह सुरक्षा विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘न्यायाधीश के आदेश का अनुपालन करते हुए विभाग शासकीय आदेश की प्रभावित धाराओं के क्रियान्वयन वाले किसी एक और सभी कदमों को निलंबित कर दिया है।’’

इससे पहने डोनाल्ड ट्रंप ने अपने विवादित शासकीय आदेश को निलंबित करने वाले अदालती फैसले को ‘हास्यास्पद’ करार दिया था। अध्यादेश पर रोक लगाने का आदेश शुक्रवार रात सिएटल यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के न्यायाधीश जेम्स रॉबर्ट ने दिया था। यह अदालती आदेश पूरे अमेरिका में मान्य होगा।

ट्रंप ने शनिवार सुबह ट्वीट किया, ‘‘इस तथाकथित न्यायाधीश की राय हास्यास्पद है और यह रद्द कर दी जाएगी। यह न्यायाधीश कानून प्रवर्तन को हमारे देश से दूर ले गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई देश यह नहीं कह सके कि कौन कर सकता है और कौन नहीं कर सकता है, खासकर सुरक्षा की वजहों को लेकर फैसला नहीं कर सके तो बड़ी दिक्कत पैदा होती है।’’

ट्रंप के विवादित शासकीय आदेश के तहत ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के लोगों के अमेरिका में दाखिल होने पर कम से कम 90 दिनों तक के लिए रोक की बात की गई थी।

ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, ‘‘चूंकि एक जज ने प्रतिबंध हटा दिया है, कई सारे बुरे और खतरनाक लोग हमारे देश में घुस सकते हैं। एक भयानक फैसला।’’ व्हाइट हाउस सूत्रों ने बताया कि न्याय विभाग अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करेगी।

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