ट्विटर पर आधार चैलेंज देकर बुरे फंसे ट्राई प्रमुख, चुनौती के कुछ घंटे बाद ही हैकर ने लीक कर दी सारी निजी जानकारी

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पिछले काफी समय से आधार और डेटा सुरक्षा को लेकर चर्चा जारी है। दरअसल सरकारी योजनाओं से लेकर नर्सरी में एडमिशन और सिम कार्ड खरीदने तक में आइडेंडिटी के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है। सभी सरकारी सेवाओं के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ सुनवाई कर रही है। इस बीच भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष आरएस शर्मा ने अपने ट्विटर हैंडल पर आधार कार्ड नंबर से जुड़ी एक चुनौती दे डाली।

ट्राई प्रमुख ने ‘आधार’ की सुरक्षा का पुख्ता दावा करते हुए अपना 12 अंकों का आधार नंबर जारी करते हुए कहा था कि कोई मेरे आंकड़े लीक करके दिखाए। हैरानी की बात यह है कि उनकी इस चुनौती के कुछ घंटे बाद ही उनके आंकड़े लीक हो गए। एक ट्विटर यूज़र ‘एलियट एल्डर्सन’ ने उनका पता, आधार से जुड़ा फोन नंबर, ई-मेल आईडी, जन्मतिथि और उनकी व्हाट्सऐप की तस्वीर भी सार्वजनिक कर दी। हालांकि पता और जन्मतिथि को छुपाकर दिखाया गया।

समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक इलियट एंडरसन उपनाम वाले फ्रांस के एक सुरक्षा विशेषज्ञ का ट्विटर हैंडल ‘@foc131y’ है। उन्होंने ट्वीट्स की सीरीज में शर्मा के निजी जीवन के कई आंकड़े, उनके 12 अंकों की आधार संख्या के माध्यम से जुटाकर जारी कर दिए, जिनमें शर्मा का निजी पता, जन्मतिथि, वैकल्पिक फोन नंबर आदि शामिल है। उन्होंने इन आंकड़ों को जारी करते हुए शर्मा को बताया कि आधार संख्या को सार्वजनिक करने के क्या खतरे हो सकते हैं।

ट्विटर यूजर इलियट एंडरसन ने लिखा कि वो आधार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन आधार नंबर उजागर करना कितना खतरनाक है इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है। एंडरसन ने लिखा, ‘आधार संख्या असुरक्षित है। लोग आपका निजी पता, वैकल्पिक फोन नंबर से लेकर काफी कुछ जान सकते हैं। मैं यही रुकता हूं। मैं उम्मीद करता हूं कि आप समझ गए होंगे कि अपना आधार संख्या सार्वजनिक करना एक अच्छा विचार नहीं है।’

 

बता दें कि शर्मा आधार परियोजना के सबसे बड़े समर्थकों में से माने जाते हैं। उनका अभी भी कहना है कि यह विशिष्ट संख्या किसी की निजता का उल्लंघन नहीं करता है और सरकार को इस तरह के डेटाबेस बनाने का अधिकार है, ताकि वह सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत नागरिकों को सब्सिडी दे सके। आधार को लेकर निजता की चिंता का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।

दरअसल कार्यकर्ताओं से लेकर आम जनता तक को डर है कि उनका 12 अंकों का बायॉमीट्रिक नंबर कहीं निजता के लिए हानिकारक तो नहीं है।  शर्मा का कार्यकाल 9 अगस्त को समाप्त हो रहा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘मेरा आधार संख्या 7621776***** है। मैं चुनौती देता हूं कि आप कोई ठोस उदाहरण दें कि इसे जानकर आप मुझे कोई हानि पहुंचा सकते हैं।’ इस चुनौती के कुछ घंटे बाद ही उनके निजी आंकडे़ लीक हो गए।

एंडरसन ने शर्मा को जबाव देते हुए कहा, ‘आपके आधार संख्या के साथ 995858**** फोन नंबर जुड़ा है। यह नंबर आपके सचिव का है।’ एंडरसन ने आधार संख्या की मदद से शर्मा के निजी फोटो तक ढूंढ़ निकाले और ट्वीट कर प्रकाशित करते हुए लिखा, ‘मैं समझता हूं कि इस तस्वीर में आपकी पत्नी और बेटी हैं।’ एंडरसन आधार डेटा प्रणाली की सुरक्षा से जुड़ी खामियों का खुलासा करने के लिए जाने जाते हैं।

उन्होंने शर्मा से जुड़ी कई सारी जानकारियां और तस्वीरें प्रकाशित की, हालांकि उनमें कई संवेदनशील हिस्सों को ब्लर कर प्रकाशित किया, ताकि शर्मा की निजता को कोई नुकसान न हो। उनके द्वारा प्रकाशित तस्वीरों में शर्मा का पैन कार्ड भी शामिल था, हालांकि उसके नंबरों को एंडरसन ने ब्लर कर दिया था। बात दें कि डाटा सुरक्षा पर गठित न्यायमूर्ति श्रीकृष्ण की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय समिति ने भी लोगों की निजी जानकारी की सुरक्षा बढ़ाने के लिए आधार कानून में बड़ा बदलाव करने की सिफारिश की है।

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