टाइम्स ऑफ इंडिया के पत्रकार ने पीएम मोदी के हाथों रामनाथ गोयनका पुरस्कार लेने से किया इनकार

0

रामनाथ गोयनका पत्रकारिता अवॉर्ड्स में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी और उनकी विचारधारा का बहिष्कार करते हुए टाइम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ पत्रकार अक्षय मुकुल ने अवॉर्ड लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं मोदी और अपनी विचारधारा को एक फ्रेम में नहीं रख सकता हूं।

हार्पर कॉलिन्स इंडिया के पब्लिशर और प्रधान संपादक कृशन चोपड़ा ने उनकी तरफ से पुरस्कार लिया। अक्षय मुकुल को रामनाथ गोयनका पुरस्कार उनकी पुस्तक “गीता प्रेस एंड द मेकिंग ऑफ हिंदू इंडिया” के लिए दिया गया। इस किताब को पहले भी कई और पुरस्कार मिल चुके हैं।

Also Read:  प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी ने नहीं दिया प्रधानमंत्री मोदी को न्यौता, मनमोहन करेंगे 200वीं सालगिरह पर संबोधित

मुकुल ने पुरस्कार ना लेने पर कहा, ‘मैं यह सम्मान पाकर बेहद सम्मानजनक महसूस कर रहा हूं। मुझे इसकी बेहद खुशी है, लेकिन यह पुरस्कार मैं नरेंद्र मोदी के हाथों नहीं ले सकता। इसलिए मैंने किसी अन्य को इसे ग्रहण करने के लिए भेजा है।’

Also Read:  लखनऊ की रैली में पीएम मोदी ने कहा, पिछले 14 सालों से है उत्तर प्रदेश में विकास का वनवास

समाचार पत्रिका कारवां से बातचीत में मुकुल ने बताया, ‘मोदी और मैं एक साथ एक फ्रेम में मौजूद होने के विचार के साथ मैं जीवन नहीं बिता सकता।

रामनाथ गोयनका पुरस्कार पत्रकारिता के क्षेत्र में दिया जाने वाला देश का बेहद प्रतिष्ठित पुरस्कार है। अक्सर इस पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति या देश के मुख्य न्यायाधीश करते हैं। यह पुरस्कार इंडियन एक्सप्रेस समूह द्वारा इसके संस्थापक रामनाथ गोयनका की स्मृति में दिया जाता है।

Also Read:  रवीश के प्राइम टाइम शो के बाद मोदी सरकार की आलोचनाओं का दौर शुरू

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here