टाइम्स नाउ ने कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध को बता दिया BJP का प्रदर्शन

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टाइम्स नाउ एक ऐसा चैनल है जो टीआरपी के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। अगर किसी खबर से भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) को फायदा होने वाला हो तो फिर टाइम्स नाउ शायद अपने टीआरपी से भी समझौता कर सकता है। जी हां, टाइम्स नाउ ने 3 जुलाई को ट्वीट कर दावा किया कि, केरल में चिकनगुनिया के बढ़ते मामले को लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी(BJP) और केरल छात्र संघ (KSU) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।राहुल शिवशंकर

टाइम्स नाउ ने इस खबर पर वॉटरमार्क भी लगा रखा था। अपनी रिपोर्ट के चैनल ने केरल में स्वास्थ्य की बिगड़ती स्थिति को लेकर कई लोगों की मौत होने की जानकारी दी। चैनल ने जोर देकर कहा कि केरल की जनता में राज्य सरकार को लेकर काफी नाराजगी है। साथ ही दावा किया कि प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने बेरहमी से पिटाई की। इसमें बीजेपी कार्यकर्ताओं को लगे चोटें भी दिखाई गई।

जबकि बाद में इस बात का खुलासा हुआ कि जिस प्रदर्शन को टाइम्स नाउ बीजेपी का प्रदर्शन बता रहा था, दरअसल वह बीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन था ही नहीं। क्योंकि उस विरोध-प्रदर्शन में बीजेपी कार्यकर्ता नहीं, बल्कि केएसयू के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया था। हालांकि, मामला सामने आने के बाद चैनल ने यूट्यूब से इस वीडियो को डिलीट कर दिया है।

इस लिंक पर आप क्लिक कर देख सकते हैं कि चैनल ने इस वीडियो को हटा दिया है। हालांकि, टाइम्स नाउ द्वारा हटाए जाने के बाद भी इस वीडियो को zengatv पर क्लिक कर देखा जा सकता है। यह वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस  टाइम्स नाउ पर पक्षपात का आरोप लगा रही है।

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दरअसल, टाइम्स नाउ द्वारा चलाए गए उपरोक्त वीडियो की हकीकत यह है कि केरल छात्र संघ (केएसयू) के छात्रों ने शुल्क में वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन किया था। बता दें कि KSU कांग्रेस से संबंधित छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) का एक शाखा है।

इतना ही नहीं जिस वीडियो में टाइम्स नाउ ने दावा किया था कि पुलिस लाठीचार्ज में बीजेपी कार्यकर्ता कार्यकर्ता घायल हो गए, उसे न्यूज एजेंसी ANI ने भी शेयर किया था, जिसमें दावा किया गया था कि छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन करने पर पुलिस ने उनपर लाठिया बरसाईं।

बता दें कि टाइम्स नाउ ने यह पहली बार गलती नहीं की जिसे लेकर उसे शर्मसार होना पड़ा है। पिछले दिनों चैनल ने केरल को पाकिस्तान बता दिया था, जिसे लेकर उसको काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी और उसे मांफी तक मांगनी पड़ी थी। उस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह केरल के दौरे पर थे।

इसके अलावा दिल्ली में ‘नॉट इन माइ नेम’ शीर्षक से हुए प्रदर्शन को भी बदनाम करने के लिए टाइम्स नाउ ने सनसनीखेज दावा करते हुए इस अभियान को पाकिस्तानी लिंक से जोड़ने की कोशिश की थी। इतना ही नहीं ‘Not In My Name’ के जवाब में चैनल ने ट्विटर पर #NotOnPakSoil हैशटैग भी लॉन्च कर दिया। हालांकि, लोगों ने चैनल के इस हरकत पर आड़े हाथों लेते हुए टाइम्स नाउ और उसने नवनिर्वाचित ‘एडिटर इन चीफ’ पर जमकर हमला बोला था।

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