गुजरात: मनपसंद विभाग न मिलने से ‘नाराज’ नितिन पटेल बोले- ये मेरे आत्‍मसम्‍मान की बात है, पाटीदार नेताओं ने की मेहसाना बंद की घोषणा

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गुजरात में नई सरकार के गठन के कुछ दिन बाद भी मनचाहा विभाग न मिलने से नाराजगी की खबरों के बीच उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने रविवार (31 दिसंबर) को कहा कि मैं आज सचिवालय जाकर मंत्रालय का कार्यभार संभालुंगा। बता दें कि नितिन पटेल ने अब तक आवंटित विभागों का जिम्मा नहीं संभाला है। इससे पहले पटेल ने शनिवार (30 दिसंबर) को कहा कि अब यह उनके आत्म सम्मान का मुद्दा है।

Photo: DnaIndia.com

सूत्र ने बताया कि उन्होंने खुद को आवंटित विभागों को लेकर अपनी नाराजगी के बारे में पार्टी को बता दिया है। दरअसल, ऐसी खबरें हैं कि नितिन पटेल बीजेपी की नई सरकार में उन्हें दिए विभागों को लेकर नाराज हैं। उपमुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि, ‘‘मैंने पार्टी हाईकमान को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है और मुझे उम्मीद है कि वे मेरी भावनाओं पर उचित प्रतिक्रिया देंगे।’’ उपमुख्यमंत्री ने कहा यह कुछ विभागों की बात नहीं है, यह आत्मसम्मान की बात है।

वहीं नितिन पटेल का समर्थन करते हुए पाटीदार नेता लालजी पटेल ने एक जनवरी को मेहसाना बंद करने का ऐलान किया है। उन्होंने नितिन पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने की सूरत में पूरे राज्य के बंद के आह्वान की धमकी दी। सरदार पटेल समूह के संयोजक लालजी पटेल ने शनिवार को उप-मुख्यमंत्री व उनके दर्जनों समर्थकों के साथ गांधीनगर के अपने सरकारी आवास पर मुलाकात की।

लालजी पटेल ने संवाददाताओं से कहा कि बीजेपी बार-बार नितिन-भाई पटेल के साथ अन्याय कर रही है। आज मैंने उनसे और मेहसाना से उनके समर्थकों से मुलाकात की और हमने उनके समर्थन में एक जनवरी को मेहसाना बंद रखने का आह्वान किया। बता दें कि नितिन पटेल मेहसाना से विधायक हैं जहां पाटीदारों की संख्या काफी है और यह जगह कोटा आंदोलन के केंद्र में भी रही।

इससे पहले पादीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि गुजरात सरकार में महत्वपूर्ण विभाग न दिए जाने से नाराज उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल को चाहिए कि वे बीजेपी छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाएं। हार्दिक पटेल ने शनिवार को अहमदाबाद में कहा कि, ‘अगर वह (नितिन पटेल) और अन्य 10 विधायक पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल होते हैं तो मैं और मेरे समर्थक पार्टी में नितिन पटेल का स्वागत करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत करने के लिए तैयार हैं।’

बता दें कि पिछली सरकार में नितिन पटेल को वित्त, शहरी विकास और पेट्रोरसायन जैसे मंत्रालय दिए गए थे, जबकि नई सरकार में उन्हें कम महवपूर्ण माने जाने वाले सड़क और इमारत और स्वास्थ्य जैसे विभागों का भार सौंपा गया है। उपमुख्यमंत्री पटेल इन महत्वपूर्ण विभागों के छीने जाने से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। वित्त एवं पेट्रोरसायन विभाग सौरभ पटेल को दिया गया है, जिन्हें विजय रूपानी की पिछली सरकार में जगह नहीं दिया गया था।

जबकि मुख्यमंत्री रूपानी ने शहरी विकास विभाग अपने पास रखा है। इससे क्षुब्ध, नितिन पटेल शुक्रवार को गांधीनगर में सचिवालय नहीं गए, जबकि उनके साथ मंत्रिमंडल के सभी नए साथियों ने अपना कार्यभार संभाल लिया। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वह पार्टी से भी इस्तीफा दे सकते हैं। उन्होंने अभी तक सरकारी वाहन और सुरक्षा भी नहीं ली है।

 

 

 

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