जज विवाद: CJI पर सवाल उठाने वाले चार जजों में शामिल जस्टिस रंजन गोगोई बोले- ‘कोई संकट नहीं है’

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भारत के प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ ‘चयनात्मक’ तरीके से मामलों के आवंटन और कुछ न्यायिक आदेशों को लेकर एक तरह से उनके खिलाफ ‘बगावत’ करने वाले सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ न्यायाधीशों में से एक न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने शनिवार (13 जनवरी) को कहा कि यह मुद्दा कोई संकट नहीं है। न्यायमूर्ति गोगोई एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कोलकाता आए थे।

(Reuters Photo)

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक कार्यक्रम के इतर उनसे पूछा गया कि संकट सुलझाने के लिए आगे का क्या रास्ता है, इस पर उन्होंने कहा कि, ‘कोई संकट नहीं है।’ यह पूछे जाने पर कि उनका कदम क्या अनुशासन का उल्लंघन है, गोगोई ने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, ‘मुझे लखनऊ के लिए एक उड़ान पकड़नी है। मैं बात नहीं कर सकता।’

उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश राज्य विधिक सेवा प्राधिकारियों के पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आए थे। एक दिन पहले ही आजाद भारत के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने मीडिया के सामने आकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद चारों जजों ने एक चिट्ठी जारी की, जिसमें सीजेआई की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

इसके बाद से ही बार के स्तर पर सुलह की कोशिशें चल रही हैं। सरकार ने पूरे मसले को न्यायपालिका का अंदरूनी मामला बताकर दखल देने से इनकार किया है, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र ने शनिवार को सीजेआई से मुलाकात की कोशिश की। हालांकि यह मुलाकात नहीं हो पाई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र करीब 5 मिनट तक चीफ जस्टिस के आवास के बाहर खड़े रहे, लेकिन मीटिंग नहीं हो सकी। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने शनिवार शाम करीब 5 बजे एक अहम बैठक की। बैठक के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने कहा कि एक मत से फैसला किया गया है कि उनका 7 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल कल सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों से मिलेगा।

इसके लिए जजों से समय लिया जा रहा है। 50 प्रतिशत जजों ने सहमति दे दी है और जल्द ही जो अभी बाहर हैं उनके सहित बाकियों से भी सहमति ले ली जाएगी। उन्होंने कहा कि रविवार सुबह 9 बजे से प्रतिनिधिमंडल बातचीत शुरू कर देगा। दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन ने भी शनिवार को आपात बैठक की और विवाद को जल्द सुलझाने की मांग की।

Rifat Jawaid on the revolt by Supreme Court judges

Posted by Janta Ka Reporter on Friday, 12 January 2018

वहीं मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सर्वोच्च न्यायालय के चार शीर्ष न्यायाधीशों की ओर से सर्वोच्च न्यायालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने से उपजे संकट के बीच प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले न्यायाधीशों से रविवार (14 जनवरी) को मुलाकात कर सकते हैं।

न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 2 न्यायाधीशों ने शनिवार (13 जनवरी) को मुद्दा सुलझाने की ओर इशारा भी किया है। सीजेआई पर सवाल उठाने वाले चार में से तीन न्यायाधीश राष्ट्रीय राजधानी से बाहर हैं और रविवार दोपहर तक उनके यहां वापस आने की संभावना है।

इस रिपोर्ट की हालांकि कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि सीजेआई मिश्रा सवाल उठाने वाले चारों न्यायाधीशों से मुलाकात करेंगे। लेकिन न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और अटर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल से मिल रहे संकेतों से इस विवाद पर सुलह के आसार नजर आ रहे हैं।

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