तेज प्रताप की सगाई में शामिल नहीं हो सके लालू तो तेजस्वी यादव ने फेसबुक पर लिखी ‘दिल की बात’, जिसे पढ़कर आप भी हो जाएंगे भावुक

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव की सगाई बुधवार(18 अप्रैल) को पटना में ऐश्वर्या राय से हुई। इस मौके पर लालू प्रसाद यादव मौजूद नहीं थे, वो चारा घोटाले में सज़ा काट रहे हैं और फिलहाल लालू इस समय एम्स में भर्ती हैं जहां उनका इलाज चल रहा है।

तेज प्रताप यादव की सगाई में लालू प्रसाद यादव के शामिल नहीं हो पाने पर राज्‍य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भावुक हो गए और फेसबुक पर दिल की बात लिखी है, जिसे पढ़कर शायद आप भी भावुक हो जाएंगे। बता दें कि, लालू यादव के सगाई में नहीं शामिल होने पर तेज प्रताप ने भी ट्वीट करते हुए लिखा था कि, ‘मिस यू पापा।’

तेजस्वी यादव ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि, “हम सभी नौ भाई-बहनों ने जीवन के हर सफर की शुरुआत हमेशा हमने पिताजी के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेकर ही की है, लेकिन कल मन थोड़ा व्यथित था कि तेज़ भाई के नए सफर की शुरुआत में उनका विराट व्यक्तित्व शारीरिक रूप से ख़ुशी की घडी में हमारे साथ शरीक नहीं था। सुख के क्षणों में हमने पिता की कमी महसूस की। हालांकि, मानसिक और वैचारिक रूप से सदैव वो हमारे अंग-संग रहते है।”

साथ ही उन्होंने लिखा कि, “बचपन से सुनते आया हूँ वो हमें अक्सर कहते है, जो जनसेवा को समर्पित हो उसका कोई निजी जीवन नहीं होता, निजी खुशियां नहीं होती, निजी दुःख नहीं होता। जन-जन के संघर्ष के आगे परिवार की खुशियों का कोई मोल नहीं है। भाई के सगाई समारोह में पिता जी की यही बात बार-बार याद आ रही थी। भाई के नए सफर पर पिता के आशीर्वाद का हाथ उनके सिर पर नहीं था, ये शायद पहली बार था। पिता की कमी बहुत खली, लेकिन उनकी ये सीख हमारे साथ रही की निजी सुख-दुःख से ऊपर होकर हमारा जीवन बिहार के लिए समर्पित है और रहेगा।”

तेजस्वी यादव ने आगे लिखा कि, “कई बार समझौते आपको और आपके परिवार को सुकून के पल और खुशियां दे जाते हैं। मेरे पिता ने आवाम के हितों से कभी समझौता नहीं किया। विकट से विकट परिस्थिति में भी भी अपने विचार, नीति और सिद्धांत को नहीं छोड़ा और यही कारण है कि सुखद क्षण में वो हमारे साथ नहीं है। मुझे गर्व की अनुभूति होती है कि मैं एक ऐसे पिता का बेटा हूं जिसने अपना जीवन बिहार के लिए, बिहार के लोगों के लिए, शोषितों, पीड़ितों, वंचितो और दबे-कुचलों के लिए समर्पित कर दिया जिसे जेल जाना मंजूर था लेकिन झुकना नहीं।”

“बिहार की इस संघर्ष यात्रा में ख़ुशी के पल भी कुछ उदास हैं लेकिन हमारे साथ हमारे पिताजी का दिया आत्मबल और विश्वास है। हम भी साधारण इंसान है इसलिए दुख हुआ लेकिन बिहार के लोगों के मान-सम्मान की लड़ाई मे यह दुख बहुत छोटा पड़ गया। सत्यमेव जयते।”

“दिल की बात- तेज़ भाई की सगाई और पिता जी की अनुपस्थिति”हम सभी नौ भाई-बहनों ने जीवन के हर सफर की शुरुआत हमेशा हमने…

Posted by Tejashwi Yadav on Thursday, 19 April 2018

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