“मोदी नाम का जाप ही इतना कर लिया कि अब इतने बड़े नियोक्ता के हटने मात्र के ख़्याल से ही घबराहट में ‘जीतने’ को ‘लूटने’ लिखा गया”

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आगामी लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन के बाद तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने रविवार को देर रात लखनऊ बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की। राजद नेता ने उम्मीद जाहिर की कि उत्तर प्रदेश में हुए गठबंधन का विस्तार बिहार तक होगा और बीजेपी को हराने के लिए सभी पार्टियां एकजुट होकर काम करेंगी।

@yadavtejashwi

मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि मैं छोटा हूं, मैं यहां उन्हें (मायावती को) उनके जन्म दिवस पर अग्रिम बधाई देने और उनका आर्शीवाद लेने आया हूं। वह एक गंभीर और वरिष्ठ नेता हैं और हमें भविष्य में भी उनके मार्गदर्शन की जरूरत होगी। बाद में तेजस्वी ने अपने ट्विटर एकाउंट पर मायावती के साथ ली गईं कुछ तस्वीरें साझा कीं जिसमें वह बसपा प्रमुख के पैर छूते दिख रहे है।

मायवती के बाद तेजस्वी ने अगले दिन सोमवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भी मुलाकात की। सोमवार को अखिलेश से मुलाकात के बाद तेजस्वी ने कहा कि यूपी और बिहार में बीजेपी का सूपड़ा साफ हो गया है, वह अब एक सीट भी नहीं जीत पाएगी। उन्होंने कहा कि ये दो प्रदेश यूपी और बिहार ही हैं, जो यह तय करेंगे कि केंद्र में किसकी सत्ता होगी।

तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद अखिलेश ने ट्वीट कर लिखा, “बसपा-सपा एकजुटता को स्वयं लखनऊ आकर अपना समर्थन देने के लिए राजद नेता व बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी यादव को हम सबकी तरफ़ से हार्दिक धन्यवाद. भाजपा की राजनीतिक अंकगणित में इस बार के चुनाव में यूपी-बिहार से कुछ नहीं जुड़नेवाला”

तेजस्वी ने आजतक और अंजना ओम कश्यप पर साधा निशाना

वहीं, मायावती और अखिलेश से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने बिना नाम लिए आजतक और चैनल की मशहूर एंकर अंजना ओम कश्यप पर एक ट्वीट कर जरिए तंज कसा है। दरअसल, इस मुलाकात को लेकर आजतक पर शाम 6 बजे प्रसारित होने वाले कार्यक्रम को लेकर एक ग्राफिस को शेयर करते हुए तंज कसा है। इस ग्राफिक्स में मायावती, अखिलेश, तेजस्वी और अंजना की तस्वीर लगी हुई है। तस्वीर के साथ ही लिखा था, “साथ आए हैं यूपी-बिहार लूटने…शाम 6 बजे सिर्फ आजतक पर”

इसी तस्वीर को शेयर करते हुए तेजस्वी ने लिखा, “बेचैनी समझ आ रही है। मोदी नाम का जाप ही इतना कर लिया कि अब इतने बड़े नियोक्ता के हटने मात्र के ख़्याल से ही घबराहट में हड़बड़ाहट से “जीतने” को “लूटने” लिखा गया। ख़ैर,मोदी जी की 40 पार्टियों के रहमो करम पर चुनावी वैतरणी पार करने की कोशिश तो शो-बाजो के लिए मास्टर स्ट्रोक है।”

बता दें कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की कुल 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगी। इन दोनों पार्टियों ने राज्य की दो सीटें छोटी पार्टियों के लिए छोडी हैं जबकि अमेठी और रायबरेली की दो सीटें कांग्रेस पार्टी के लिए छोड़ने का फैसला किया है। बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार (12 जनवरी) को राजधानी लखनऊ के एक होटल में आयोजित संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में यह घोषणा की।

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