जानें, क्यों पीएम मोदी और अमित शाह की वजह से ममता की रैली में घंटों देरी से पहुंचे तेजस्वी यादव

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आगामी लोकसभा चुनाव में सभी विपक्षी दलों को साथ लाने की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कवायद के तहत शनिवार (19 जनवरी) को कोलकाता में आयोजित विशाल रैली में प्रमुख विपक्षी दलों के नेता एक मंच पर नजर आए और उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने की हुंकार भरी। इस दौरान संयुक्त विपक्ष के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के मुद्दे पर ममता ने कहा कि विपक्षी दल एकसाथ मिलकर काम करने का वादा करते हैं और प्रधानमंत्री कौन होगा इस पर फैसला लोकसभा चुनाव के बाद होगा।

तेजस्वी यादव
फाइल फोटो: तेजस्वी यादव

कोलकाता में आयोजित यूनाइटेड इंडिया रैली में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव मोदी सरकार पर जमकर बरसे। तेजस्वी ने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह के कारण यहां आने में देरी हुई। ईडी और सीबीआई उनके साथी हैं। अगर आप उनसे हाथ मिला लो तो आप राजा हरिश्चंद्र हैं, मगर आपने उनके खिलाफ बोला तो फिर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) आपके पीछे लग जाएंगे। मेरे पिता को साजिश के तहत जेल भेजा गया, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।

ममता की रैली में देर से पहुंचे तेजस्वी ने कहा कि हमको आने में इसलिए देरी हो गई क्योंकि हमारे ऊपर मोदी और अमित शाह जी की कृपा थी। उनकी वजह से हम आने में देर हो गए। अगर उनसे समझौता कर लो, आपने उनसे हाथ मिला लिया तो आपकी गिनती राजा हरिशचंद्र में होगी लेकिन अगर आप सांप्रदायिक शक्तियों के सामने घुटना नहीं टेकोगे, तो ईडी और सीबीआई जो उनके अलायंस पार्टनर हैं, उनके सहयोग से वह आपको दबाने का काम करेगा।

तेजस्वी ने कहा कि हमें देश बचाना है। ममता बनर्जी ने बंगाल में जो कमान थामने का काम किया है, यहां बंगाल में जो आपने उन्हें मुंह तोड़ जवाब दिया है, उसके लिए हम अपने और पिता की तरफ से आपको धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा, ‘मैं ममता बनर्जी जी का धन्यवाद देता हूं कि जिस तरह से आपने ये कमान थामने का काम किया है, आपने भी मुंहतोड़ जवाब देने का काम किया है। इसके लिए हम अपने और अपने पिता की तरफ से दिल से धन्यवाद देते हैं।’

तेजस्वी ने कहा, ‘आपलोग बंगाल में कहते हैं कि ‘लड़बो करबो जीतबो रे’, बिहारी में अगर कहें तो ‘लड़ेके बा, करेके बा, जितेके बा’ इसलिए सब लोगों को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा, ‘चौकीदार जी भले ही चौकीदारी कैसे भी करें लेकिन एक बात समझ लें कि आप भले ही चौकीदार हैं लेकिन देश की जनता थानेदार है। चौकीदारी में आपने जो गलती की है तो थानेदार आपको सजा देने का काम करेगा। आपको बख्शने का काम नहीं करेगा। आपको सजा देगा।’ उन्होंने एक बार फिर कहा कि मोदी जी झूठ बोलने की फैक्ट्री हैं, मैन्युफैक्चरर भी हैं, होलसेलर भी हैं और डिस्ट्रीब्युटर भी हैं।

बता दें कि जनसैलाब की मौजूदगी में हुई इस रैली में पूर्व प्रधानमंत्री एवं जनता दल सेक्यूलर प्रमुख एच डी देवेगौड़ा, तीन वर्तमान मुख्यमंत्री- चंद्रबाबू नायडू (तेलुगु देशम पार्टी), एचडी कुमारस्वामी (जनता दल सेक्यूलर) और अरविंद केजरीवाल (आम आदमी पार्टी), छह पूर्व मुख्यमंत्री- अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी), फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला (दोनों नेशनल कांफ्रेंस), बाबूलाल मरांडी (झारखंड विकास मोर्चा), हेमंत सोरेन (झारखंड मुक्ति मोर्चा) और इसी हफ्ते बीजेपी छोड़ चुके गेगांग अपांग शामिल थे।

इसके अलावा आठ पूर्व केंद्रीय मंत्री- मल्लिकार्जन खड़गे (कांग्रेस), शरद यादव (लोकतांत्रिक जनता दल), अजित सिंह (राष्ट्रीय लोक दल), शरद पवार (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी), यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी, शत्रुघ्न सिन्हा और राम जेठमलानी ने हिस्सा लिया। इनके अलावा, राजद नेता एवं बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, बसपा सुप्रीमो मायावती के प्रतिनिधि एवं राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्रा, पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और जानेमाने दलित नेता एवं गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी भी मंच पर नजर आए।

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