‘जिस इंटरव्यू को अर्नब गोस्वामी ने ‘सुपर एक्सक्लूसिव’ बताया वह रिपोर्टर द्वारा किया गया एक अपराध था’

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वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी ने बड़े ही धमाके के साथ 6 मई 2017 को अपने नए इंग्लिश चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ को लॉन्च किया था। अर्नब ने आते ही सबसे पहले अपने पहले शो में राष्ट्रीय जनता दल(आरजेडी) के मुखिया लालू प्रसाद यादव और मोहम्मद शहाबुद्दीन के बीच बातचीत का एक टेप रिलीज कर सनसनी फैला दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, अर्नब का चैनल उनकी कंपनी एआरजी आउटलियर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड का हिस्सा है। हालांकि, चैनल शुरू होने से पहले मालिकाना हक को लेकर काफी विवाद भी हुआ था, जो अभी भी जारी है। दरअसल, ‘जनता का रिपोर्टर’ सहित कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि रिपब्लिक चैनल में NDA के वाइस चेयरमैन और राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर और बीजेपी समर्थक मोहनदास पै का पैसा लगा हुआ है।

दरअसल, आचोलकों का आरोप है कि अर्नब गोस्वामी ने ‘टाइम्स नाउ’ छोड़ने के बाद जब से वह अपना न्यूज चैनल शुरू किए हैं उसके बाद से वह बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा से प्रेरित हो गए हैं। हालांकि, अर्नब गोस्वामी ने इन आरोपों को कभी गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन चैनल शुरू होने के बाद भी यह आरोप उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है।

आलोचकों का आरोप है कि गोस्वामी अपने टीवी कवरेज के माध्यम से विपक्षी नेताओं को लगातार निशाना बनाते हुए बीजेपी के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। इस क्रम में इस समय रिपब्लिक टीवी का पूरा ध्यान राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं पर लगा हुआ है। जिनके नेता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनकी बेटी मीसा भारती के खिलाफ वर्तमान में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कर रहे हैं।

पिछले दिनों सीबीआई ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी के खिलाफ 2006 में हुए एक सौदे में कथित अनियमितताओं के आरोप में मामला दर्ज किया है, जिसकी जांच चल रही है। बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी सहित राजद के नेताओं के खिलाफ जांच ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुआई में वाली महागठबंधन में दरार पड़ने की भी खबरें आ रही हैं।

फ्लाइट में क्रू की चेतावनी के बावजूद रिपोर्टर ने तेजस्‍वी से पूछे सवाल

इस बीच गुरुवार को अर्नब गोस्वामी ने घोषणा करते हुए कहा कि उनके चैनल ‘रिपब्लिक’ ने बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का ‘सुपर एक्सक्लूसिव इंटरव्यू’ लेने में कामयाब हो गया है। जबकि जानकारों का कहना है कि जिस इंटरव्यू को अर्नब गोस्वामी सुपर एक्सक्लूसिव बताकर ढोल पीट रहे हैं, दरअसल वह रिपोर्टर द्वारा किया गया एक बहुत बड़ा अपराध है।

दरअसल, रिपब्लिक की रिपोर्टर दीप्ती सचदेवा द्वारा फ्लाइट में लिए गए इस इंटरव्यू के दौरान वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि क्रू मेंबर्स ने उन्हें कई बार चेतावनी दी और वापस अपनी सीट पर जाने के लिए कहा। लेकिन वो फिर भी डटी रहीं और लगातार तेजस्वी से सवाल पूछती रहीं।

जबकि वीडियो देखने से पता चल रहा है कि तेजस्वी इस इंटरव्यू के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। फिर भी रिपोर्टर उनके मुंह पर माइक लगाकर सवाल पूछती रही। इस दौरान रिपोर्टर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी के बीच हुई मीटिंग को लेकर सवाल किए। तब उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ये जगह बात करने के लिए सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस विषय में वह समय पर बात करेंगे, क्योंकि यहां बात नहीं की जा सकती। रिपोर्टर द्वारा पूछे जाने पर कि नीतीश ने क्या कहा? तब इसपर उन्होंने कहा कि यहां बच्चे हैं, इसलिए उन्हें परेशान ना करें। हालांकि, रिपोर्टर ने इस दौरान महज दो मिनट के लिए बातचीत करने के लिए कहा जिसे तेजस्वी यादव नकारते हुए नजर आए।

चैनल ने विमानन नियमों का किया उल्लंघन

विशेषज्ञों का कहना है कि उड़ते विमान के दौरान रिपोर्टर द्वारा लिया गया इंटरव्यू विमानन नियमों का उल्लंघन है। और रिपोर्टर ने चालक दलों के मना करने पर भी इंटरव्यू ली जो यात्रियों और चालक दलों की सुरक्षा को खतरे में डाला गया। उन्होंने कहा कि रिपोर्टर ने बहुत बड़ा अपराध किया है।

नाम ने छापने की शर्त पर एक विमानन विशेषज्ञ ने कहा कि रिपोर्टर द्वारा की गई ये हरकत एयरवेज के नियमों के मुताबिक, यह अपराध है। इस स्थिति में प्लेन के चालक दल चाहते तो पुलिस से संपर्क कर रिपोर्टर के खिलाफ आपराधिक मामला का केस दर्ज करवा सकते थे।

उनका कहना है कि एयरवेज के नियमों के मुताबिक, रिपोर्टर ने यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और प्लेन की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया था। नियमों के अनुसार, चालक दल के सदस्यों को विमान और उसके यात्रियों की सुरक्षा की रक्षा के लिए अत्यधिक उपाय करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

वहीं, एक पायलट ने ‘जनता का रिपोर्टर’ को बताया कि जेट एयरवेज के कर्मचारी इस मामले को बढ़ाना नहीं चाहते हैं।उन्होंने कहा कि अगर मैं उस वक्त प्लेन का कैप्टन होता और रिपोर्टर चालक दल के सदस्यों से अनुरोधों को नजरअंदाज करती तो मैं ऐसी परिस्थितियों में निकटतम एयरपोर्ट पर प्लेन उतारकर उसको गिरफ्तार करवा देता।

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस मामले में रिपब्लिक टीवी बहुत भाग्यशाली है। सोशल मीडिया पर भी इस इंटरव्यू को लेकर रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी की जमकर आलोचना हो रही है। लोगों का कहना है कि चैनल ने टीआरटी के लिए यात्रियों और प्लेन की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है।

(देखें वीडियो)

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