बिहार: हार के बाद चौतरफा घिरे तेजस्वी यादव को मिला बड़े भाई तेज प्रताप का साथ, कहा- ‘जिन्हें दिक्कत है वो वो RJD छोड़ दें’

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बिहार में सूपड़ा साफ होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में मचे घमासान के बीच तेज प्रताप यादव ने छोटे भाई तेजस्वी यादव का खुलकर समर्थन किया है। तेजप्रताप ने एक ट्वीट कर कहा है कि जिसे भी तेजस्वी के नेतृत्व पर शक है, वो राजद छोड़कर जा सकता है। दरअसल, लोकसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर तेजस्वी के इस्तीफे की मांग उठने लगी है। भाई को मुश्किलों में घिरता देख अब तेज प्रताप खुलकर तेजस्वी के समर्थन में उतर आए हैं।

तेजप्रताप ने ट्वीट किया, ‘जिसको तेजस्वी के नेतृत्व पर कोई शक है वो राजद पार्टी छोड़ दे।’ ऐसा माना जा रहा है कि तेजप्रताप का यह ट्वीट राजद के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह पर है जिन्होंने लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार का ठीकरा पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव पर फोड़ा है।

लोकसभा चुनाव में राजद की हार की समीक्षा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर मंगलवार को दो दिवसीय बैठक के शुरू होने से पहले पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव के आपसी झगड़े में पार्टी का बंटाधार हो गया। महागठबंधन के साथ-साथ राजद को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्‍होंने कहा कि तेज प्रताप की वजह से काफी नुकसान हुआ है। इस मामले में तेज प्रताप के खिलाफ पार्टी को कार्रवाई करनी चाहिए।

इससे पहले सोमवार को राजद के बागी नेता महेश यादव ने भी तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा था कि तेजस्वी को प्रतिपक्ष के नेता पद से इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि जनता वंशवाद की राजनीति से तंग आ चुकी है। साथ ही उन्होंने कहा, मैं नाम नहीं लूंगा लेकिन कई विधायक हैं जो अब घुटन महसूस कर रहे हैं। बता दें कि इस लोकसभा चुनाव में बिहार में सबसे करारा झटका महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे राजद को लगा है।

लालू प्रसाद की अनुपस्थिति में राजद का इस बार सूपड़ा साफ हो गया है, वहीं महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (रालोसपा) भी चित्त हो गई। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की अभूतपूर्व 39 सीटों की जीत में जहां विपक्ष चारो खाने चित्त हो गई, वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने 100 फीसदी स्ट्राइक के साथ उसके सभी छह प्रत्याशी जीत गए। यही हाल भाजपा का रहा है, जहां उसके सभी 17 प्रत्याशी विजयी हुए।

बिहार में विजेता बनकर उभरी राजग की तरफ से भाजपा और जद (यू) ने क्रमश: 17 और 16 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, राम विलास पासवान की लोकजनशक्ति पार्टी ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा और लोजपा ने जहां सभी सीटों पर जीत दर्ज की, वहीं जदयू केवल एक सीट पर हारी। जबकि महागठबंधन की झोली में सिर्फ एक सीट गई है, जिसमें से बस कांग्रेस ने किशनगंज सीट पर कब्‍जा जमाया। वहीं, महागठबंधन में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद की पार्टी राजद इस लोकसभा चुनाव में खाता भी नहीं खोल पाई।

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