#MeToo: कठुआ गैंगरेप-हत्याकांड के खिलाफ विरोध का चेहरा रहे कार्यकर्ता तालिब हुसैन पर JNU की छात्रा ने लगाया रेप का आरोप

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 साल की नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या मामले में विरोध का चेहरा रहे के मुख्य गवाह सामाजिक कार्यकर्ता तालिब हुसैन पर एक और महिला ने रेप का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह आरोप जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की एक छात्रा ने लगाया है। ‘फर्स्ट पोस्ट’ में गुमनाम लड़की ने एक लंबा चौड़ा लेख लिखकर अपने साथ हुई ज्यादती के बारे में जानकारी दी है।

हालांकि, इसमें तालिब हुसैन के नाम का जिक्र नहीं है, लेकिन लेकिन लेख में साफ कहा गया है कि ‘कठुआ गैंगरेप प्रोटेस्ट के सेंटर में रहे शख्स, जो अभी रेप के मामले में दो महीने जेल में रहने के बाद बेल पर बाहर आया है, उसने मेरे साथ रेप किया है।’ लेख के मुताबिक, हुसैन ने लड़की के साथ साउथ दिल्ली के एक फ्लैट में रेप किया था। आपको बता दें कि इससे पहले हुसैन की पत्नी की एक रिश्तेदार ने उन पर रेप के आरोप लगाए हैं।

हुसैन मूलरूप से बकरवाल समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। पिछले दिनों वह दो महीने जेल में बिताकर जमानत पर बाहर आए हैं। हुसैन की पत्नी की रिश्तेदार ने उन पर रेप के आरोप लगाए थे। हुसैन ने कठुआ में मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या के बाद कई विरोध प्रदर्शन आयोजित कराए थे। वह उसी दौरान सुर्खियों में आए। बाद में उन पर हमला भी हुआ, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई थी।

‘फर्स्टपोस्ट’ के लेख में पीड़ित लिखती है कि जब हुसैन सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा लेने दिल्ली आए थे, तब उन्हें जेएनयू समेत दूसरी यूनिवर्सिटी में बोलने के लिए बुलाया गया था। इसके बाद भी वे जेएनयू आते रहे। इस दौरान उनकी पीड़ित से मुलाकात हुई थी। ‘फर्स्टपोस्ट’ वेबसाइट पर शनिवार (20 अक्टूबर) को एक गुनमाम अकाउंट से आरोप लगाते हुए लिखा गया, “कठुआ रेप मामले के दौरान विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले शख्स ने मेरे साथ रेप किया।” हालांकि, पीड़िता ने कहीं भी हुसैन का नाम नहीं, लेकिन उसका इशारा उन्हीं की ओर है।

पूर्व जेएनयूएसयू अध्यक्ष शहला रशीद ने भी तालिब हुसैन के नाम का जिक्र ट्विटर पर किया है। इस मामले में उन्होंने संडे एक्सप्रेस को बताया, ‘मैं पीड़ित को नहीं जानती, लेकिन लेख में जो आरोप लगाए गए हैं, वो बेहद गंभीर हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस को इस पर संज्ञान लेते हुए खुद कार्रवाई करनी चाहिए। पीड़ित के साथ जेएनयू के पूरे छात्र हैं। अगर उसे किसी भी तरह की मदद की जरूरत होती है तो हम में से किसी से भी मदद मांग सकती है।’

वहीं, सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने एक बयान जारी कर #MeToo मूवमेंट के समर्थन में हुसैन के मामले में पैरवी न करने का ऐलान किया है। आपको बता दें कि कठुआ मामले में हुसैन अहम गवाह है। खानाबदोश समुदाय की आठ वर्षीय बच्ची को जनवरी में अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। मामले की जांच कर रही राज्य पुलिस की अपराध शाखा ने सात लोगों के खिलाफ मुख्य आरोप पत्र दायर किया है। इस मामले में एक किशोर भी आरोपी है जिसके खिलाफ अलग से आरोपपत्र दायर किया है।

 

 

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