बम के फटते ही कैमरा छोड़ बच्‍चे को बचाने के लिए भागा फोटोग्राफर, ना बचा पाने पर फूट-फूट कर रोया

0

आज हम आपको एक ऐसे फोटोग्राफर से मिलवाने जा रहे है, जिसने अपना कैमरा छोड़ बम धमाके में घायल हुए एक बच्चे को बचाया। लेकिन वो दूसरे बच्चे को नही बच्चा सका जिसकी मौत हो चुकी थी, जिसे देख वो फूट-फूट कर रोने लगा।

फोटोग्राफर

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला 16 अप्रैल का है। जब अलेप्पो का एक्टिविस्ट और विडियोग्राफर सीरिया में एक आत्मघाती हमले के दौरान फंस गया। इस हमले में 126 लोगों समेत कई बच्चों की जानें चली गईं, जिनमें 80 से ज्‍यादा छोटे-छोटे बच्चे थे।

फोटोग्राफर के मुताबि‍क जब आसपास के गांवों से शरणार्थियों को लेकर आ रही बसों का एक काफिला कुछ देर के लिए अलेप्पो के निकट विद्रोहियों के कब्जे वाले राशिदीन कस्बे में रुका। उसी वक्‍त एक व्यक्ति ने उसी वक्त छोटे-छोटे बच्चों को चिप्स के पैकेटों का लालच देकर अपनी तरफ बुलाया और तभी एक बम फट गया।

Also Read:  शिवसेना ने अपने संपादकीय में RBI गवर्नर उर्जित पटेल को बताया 'गूंगा बहरा तोता'

 

इस दौरान फोटोग्राफर अब्द अल्कादर हबक पास ही अपने काम में जुटे हुए थे और कुछ देर के लिए वह भी बेहोश हो गए थे। उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि वो समय बेहद भयावह था।

Also Read:  केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आप सरकार के दो ख़ास अफसरों का किया तबादला

ऐसे समय में मैंने अपने साथियों के साथ फैसला किया कि हम लोग अपने कैमरे एक तरफ रख देते हैं और घायलों को बचाना शुरू कर देते हैं। उन्‍होंने बताया कि जिस पहले बच्चे के पास वह पहुंचे, वह मर चुका था। तभी वह दूसरे बच्चे के पास गए जो मुश्किल से सांस ले पा रहा था।

Also Read:  MCD चुनाव: BJP के एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को लोगों ने नहीं किया पसंद, सभी उम्मीदवार हारे

उन्होंने उसे उठाया और एम्बुलेंस तक पहुंचाया। मोहम्मद अलगरेब ने सीएनएन समाचार चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि कुछ जख्मी लोगों की मदद की, पर बाद में उन्होंने तस्वीरें खींचना शुरू कर दिया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here