राजस्थान में स्वाइनफलू से 42 लोगों की मौत, चिकुनगुनिया काबू में

0

राजस्थान में जनवरी से लेकर अब तक स्वाइनफलू से 42 और स्क्रबटाइफस से चौदह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि प्रदेश में चिकुनगुनिया इस साल काबू में है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक बी आर मीणा ने आज बताया कि प्रदेश में स्वाइनफलू के 186 रोगी चिह्नित किए गए हैं जिनमें से 42 लोगों की मौत हो गई । स्क्रब टाइफस के 325 रोगियों में से चौदह रोगियों की उपचार दौरान मृत्यु हुई है।

Also Read:  Chikungunya: Old man from south Delhi dies, toll rises to 12

उन्होंने बताया कि चिकुनगुनिया नियंत्रण में है जिसके अब तक 122 रोगी चिह्नित किये गये हैं । इस रोग से फिलहाल किसी रोगी की मृत्यु नहीं हुई है। डेंगू के 528 रोगी मिले हंै जिनमें से छह रोगियों की मृत्यु होने की जानकारी है।

भाषा की खबर के अनुसार,मीणा ने बताया कि इस साल लार्वा के नहीं पनपने और स्वाइन फलू को रोकने के किये गये उपाय के कारण डेंगू और स्वाइन फ्लू अधिक नहीं फैला। इस साल डेंगू के 528 रोगी मिले हंै, जबकि गत वर्ष इस बीमारी से एक 1,010 लोग पीड़ित हुए थे । इनमें से तीन रोगियों की मृत्यु हुई थी। गत वर्ष स्वाइन फ्लू के 6,800 रोगी थे  इनमें से 438 की उपचार दौरान मृत्यु हुई थी।

Also Read:  राजस्थान में इंसानियत शर्मसार: लाइन में खड़े-खड़े मरीज ने तोड़ा दम

उनके अनुसार राज्य सरकार ने मौसमी बीमारियों, डेंगू, स्वाइन फलू, स्क्रबटाइफस सहित अन्य बीमारियों पर अंकुश लगाने के लिए सवाई मान सिंह अस्पताल में एक अतिरिक्त इकाई का गठन किया, साथ ही पंद्रह अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती की गई। जिला अस्पतालों और डिस्पेंसरी का समय दो घंटे बढ़ा दिया गया और चिकुनगुनिया तथा स्वाइनफ्लू की नि:शुल्क जांच की व्यवस्था की गई, ताकि किसी भी व्यक्ति में इस रोग के लक्षण पाये जाने पर तुरंत जांच की जा सके ।

Also Read:  एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर उतरी 'भीम आर्मी', कांशीराम की बहन सहित हजारों युवाओं ने किया प्रदर्शन

निदेशक के अनुसार प्रदेश में चौदह जिले स्क्रबटाइफस से प्रभावित हैं । इनमें जयपुर का विराटनगर और अलवर का राजगढ़ कस्बा भी शामिल है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here