‘कुछ अवॉर्ड ले दे के ये असहिष्णुता वाला अध्याय खत्म करें’, नसीरुद्दीन शाह के बयान पर यह ट्वीट कर ट्रोल हुई आज तक की एंकर श्वेता सिंह

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बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के देश में कथित तौर पर बढ़ रही अहिष्णुता पर दिए बयान पर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है, उनके बयान पर जमकर बहस हो रही है। इसी बीच, नसीरुद्दीन शाह के बयान पर समाचार चैनल ‘आज तक’ की एंकर श्वेता सिंह ने एक ऐसा ट्वीट किया कि इसे लेकर वो सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गई।

श्वेता सिंह

दरअसल, श्वेता सिंह ने हिंदी में ट्वीट करते हुए लिखा, “नसीरउद्दीन शाह बेहतरीन ऐक्टर हैं। अवॉर्ड भी ढेरों जीते हैं। कुछ अवॉर्ड ले दे के ये असहिष्णुता वाला अध्याय ख़त्म करें। अब बोरिंग हो चुका है।” बता दें कि स्वेता ने अपने इस ट्वीट में #NaseeruddinShah का भी इसतेमाल किया है।

श्वेता सिंह अपने इस ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गई। फिल्म ‘मुल्क’ के डायरेक्टर अनुभव सिन्हा ने लिखा, “ले दे के बात ख़त्म करें” अच्छा है। Says a lot।

कांग्रेस की राधिका खेरा ने लिखा, “श्वेता जी उपहास उड़ाने की बजाय अगर मीडिया नसीरूद्दीन शाह से यह समझने की कोशिश करती कि उनके डर की वजह क्या है तो ज़्यादा अच्छा होता। आए दिन आप ख़ुद चैनल पर डरावनी और भयावह ख़बरें दिखाती है, असहिष्णुता-लिंचिंग-रेप-जात धर्म पर लड़ाई, क्या कुछ ले देकर इन्हें भी बंद करने का इरादा है?”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “श्वेता सिंह बेहतरीन एंकर है। अवार्ड भी ढेरों जीते है। आज तक से इस्तीफा देकर ये बीजेपी की चापलूसी वाला अध्याय खत्म करें।अब बोरिंग हो चुका है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “पहली बार जब इंग्लिश पढ़ना सीखना चालू किया तो ‘anchor’ को एन ‘चोर’ पढ़ता था अब लगता है तब सही पढ़ता था।”

एक अन्य यूजर ने एंकर पर तंज कसते हुए लिखा, “अनुभव सिन्हा सर, अगर स्वेता सिंह ने अगर ‘नए नोटो में चिप’ होता है वाला प्रोग्राम ना किया होता तो मैं ज़रूर उनकी बात गम्भीरता से ले लेता!”

गौरतलब है कि नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में भीड़ द्वारा की गई हिंसा का परोक्ष हवाला देते हुए कहा था कि एक गाय की मौत को एक पुलिस अधिकारी की हत्या से ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। साथ ही अभिनेता ने कहा था कि जहर पहले ही फैल चुका है और अब इसे रोक पाना मुश्किल होगा। इस जिन्न को वापस बोतल में बंद करना मुश्किल होगा। जो कानून को अपने हाथों में ले रहे हैं, उन्हें खुली छूट दे दे गई है।

नसीरुद्दीन शाह ने आगे कहा था कि मुझे डर लगता है कि किसी दिन गुस्साई भीड़ मेरे बच्चों को घेर सकती है और पूछ सकती है, तुम हिंदू हो या मुसलमान? इस पर मेरे बच्चों के पास कोई जवाब नहीं होगा। क्योंकि मैंने मेरे बच्चों को मजहबी तालीम नहीं दी है। अच्छाई और बुराई का मजहब से कोई लेना-देना नहीं है। उनके इस बयान के लिए लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं।

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