मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड पर दिल्ली महिला आयोग ने बिहार के सीएम को लिखा खत, तेजस्वी बोले- क्या CM नीतीश में स्वाति मालीवाल के इस पत्र का जवाब देने की हिम्मत है?

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बिहार के मुजफ्फरपुर के ‘बालिका गृह’ नाम के नारी निकेतन में मासूम बच्चियों के साथ यौन शोषण के आरोपों ने तूफान मचा दिया है। मुजफ्फरपुर के इस जघन्य कांड में विपक्षी पार्टियां नीतीश सरकार को घेर रखा है। इसी बीच अब दिल्‍ली महिला आयोग ने इस मामले को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर इस संवेदनशील मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बिहार की नीतीश कुमार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस बालिका गृह में 34 बच्चियों के यौन उत्पीड़न के सनसनीखेज खुलासे के बाद घटना की चर्चा पूरे देश में हो रही है। विपक्षी पार्टियां नीतीश कुमार पर लगातार इस्तीफा देने का दबाव बना रही है। गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड का मामला बिहार विधानसभा से लेकर देश की संसद तक में उठाया गया है।

दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवाल ने पत्र में लिखा है कि बिहार के सीएम बताएं कि बिहार सरकार इन लड़कियों के हित में क्या कदम उठा रही है? उन लड़कियों के बेहतर कल के लिए मैं और हमारा पूरा आयोग अपनी पूरी जान लगाने के लिए तैयार है और हर मदद के लिए तत्पर है। देश में हम जैसे लाखों लोग उन बच्चियों की मदद करना चाहते हैं।

स्वाति ने अपने 2 पन्ने के खत में नितीश कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सर अगर उन 34 लड़कियों में से अगर एक भी आपकी बेटी होती तो क्या आप इसी तरह चुप्पी साधे बैठे रहते। स्वाति ने नितीश कुमार पर आरोप लगते हुए कहा है कि आपके चुप रहने से इस देश की करोड़ों महिलाओं और बच्चियों ने अपनी इज़्ज़त खोई है। उन्होंने कहा कि यह पत्र में एक महिला होने के नाते लिख रही हूँ, 34 बच्चियों के साथ दिन रात बलात्कार हुआ और उनमे से कुछ को मारकर दफना दिया गया, यह देश की सबसे भयावह घटनाओं में से एक है।

वहीं, दिल्ली महिला आयोग के द्वारा नीतीश कुमार को लिखे गए इस पत्र को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछा, ‘क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल जी द्वारा लिखे पत्र का जवाब देने की हिम्मत है?’

तेजस्वी यादव से ट्वीट करते हुए लिखा, “क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल जी द्वारा लिखे पत्र का जवाब देने की हिम्मत है? चाचा जी, मुज़फ़्फ़रपुर कांड राष्ट्रीय शर्म का विषय है। ऐसे जघन्य जन बलात्कार कांड पर आपकी आपराधिक चुप्पी सिरहन पैदा करती है।”

बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में नीतीश कुमार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। क्योंकि, आज यानी शनिवार(4 अगस्त) को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव इस घटना के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करेंगे। धरना-प्रदर्शन के बाद कैंडेल मार्च भी निकाला जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेजस्वी यादव के साथ इस धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तृणमूल कांग्रेस के नेता भी शामिल हो सकते है।

वहीं, इस धरना प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली वालों से जंतर मंतर पहुंचने की अपील की है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ‘दिल्ली के लोगों से अपील है कि हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए आज जंतर मंतर पर शाम पांच बजे जरूर आएं।’

बता दें कि इस रेप कांड पर पहली बार शुक्रवार (3 अगस्त) को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ी थी। नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर की घटना को शर्मसार कर देने वाली घटना करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में ऐसी घटना घट गई कि हम शर्मसार हो गए हैं। हमें आत्मग्लानि होती है। हमलोग तो ये चाहते हैं कि सीबीआई की जांच हाई कोर्ट की निगरानी में हो। इस मामले के जो भी दोषी होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

नीतीश ने कहा, ‘मुजफ्फरपुर में ऐसी घटना घट गई कि हम शर्मसार हो गए। सीबीआई जांच कर रही है। हाई कोर्ट इसकी मॉनिटरिंग करे।’ बिहार सीएम ने आश्वस्त किया है कि इस मामले में किसी के साथ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसे कड़ी सजा मिलेगी।’ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देते हुए नीतीश कुमार ने आगे कहा, ”इस मामले में किसी के प्रति भी ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें सजा दी जाएगी।”

ऐसे हुआ खुलासा

दरअसल, टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस की ‘कोशिश’ टीम ने बिहार के कई जिलों में चलाए जा रहे बालिका गृहों को लेकर इसी साल फरवरी महीने में ‘सोशल ऑडिट’ किया था। जिसके बाद यह रिपोर्ट बिहार के समाज कल्याण विभाग को सौंपी गई। 100 पन्नों की इस रिपोर्ट में राज्य भर के बालिका गृहों के हालात और वहां रह रहीं बच्चियों के साथ होने वाले व्यवहारों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि यह रिपोर्ट सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में रह रहीं मासूम बच्चियों के साथ हुए बर्ताव की हो रही है।

15 मार्च को सौंपी गई यह रिपोर्ट दो महीने बाद 26 मई को जिलों की बाल संरक्षण इकाई को भेजी गई। इसी दिन मुजफ्फरपुर जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक दिवेश शर्मा ने एक पत्र समाज कल्याण विभाग के निदेशक को भेजा। 28 मई को वहां से जवाब आया कि सेवा संकल्प और विकास समिति के बालिका गृह में रह रही बच्चियों को कहीं और शिफ्ट किया जाए और एफआईआर दर्ज की जाए।

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