कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के खिलाफ झूठ बोलने को लेकर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव

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Swami azadभारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार को राज्य सभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के खिलाफ झूठ बोलने को लेकर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया। स्वामी ने एक ट्वीट में कहा, आजाद को विशेषाधिकार नोटिस इसलिए दिया गया क्योंकि उन्होंने झूठ बोला था कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड को प्रतिबंधित किया था।

आजाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता है। स्वामी भाजपा शासित केंद्र सरकार की तरफ से मंगलवार को उच्च सदन में नामित किए गए हैं।

समाचार एजेंसी वेबवार्ता की खबर के अनुसार, स्वामी ने कहा, गुलाम नबी आजाद के खिलाफ नियम 187 के तहत विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव किया गया है। स्वामी ने इससे पहले संसद के अंदर जाने से पहले कहा कि आजाद झूठ बोल रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस ने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया था कि उसने कंपनी को ब्लैकलिस्टिंग से हटा दिया। इसका स्वामी ने जवाब देते हुए कहा, ब्लैकलिस्टिंग नहीं की गई थी।

यह भी गलत है कि हमने ब्लैकलिस्टिंग को हटा दिया। हमने यह आदेश जारी किए कि जब तक अदालत का फैसला नहीं आता तब तक रक्षा मंत्रालय कोई नई खरीद नहीं करे। जब स्वामी बोल रहे थे तो उनको कांग्रेस सदस्य कुमारी शैलजा ने टोकते हुए कहा कि उनका माइक्रोफोन हमेशा ऑन क्यों रहता है। राज्यसभा के उपसभापति पी. जे. कूरियन ने कांग्रेसी सदस्यों से शांत होने की गुजारिश की और कहा कि विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर सभापति हामिद अंसारी फैसला करेंगे। कूरियन ने कहा, नियम के तहत विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की पहले अध्यक्ष जांच करेंगे। अगर उन्हें इसमें प्रथम दृष्टया कुछ मामला नजर आता है तो वे इसे विशेषाधिकार समिति के पास भेजेंगे।

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के शासनकाल में अगस्ता वेस्टलैंड से 3,600 करोड़ रुपये में 12 वीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदे गए थे जिसमें रिश्वत लेने का मामला सामने आया था। इसको लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच संसद में घमासान हो रहा है। राज्यसभा में आते ही स्वामी ने हेलीकॉप्टर सौदे या अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले को लेकर कांग्रेस पर हमला बोल दिया। बुधवार को उन्होंने इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर आरोप लगाए थे, जिसे बाद में सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया।

स्वामी ने इसे कार्यवाही से निकालने का विरोध किया। उन्होंने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा, मैंने राज्यसभा में उपसभापति द्वारा मेरे बयान को कार्रवाई से बाहर निकालने के खिलाफ नोटिस दिया है। क्योंकि यह मनमाने ढंग से किया गया है और राज्यसभा के नियमों के खिलाफ है। वहीं, एक दूसरे ट्वीट में स्वामी ने कहा कि हामिद अंसारी ने उन्हें भरोसा दिया है कि वे राज्य सभा में उनके बयानों को कार्यवाही से बाहर निकालने के मामले की सुनवाई करेंगे।

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