IAS अधिकारी मोहम्मद मोहसिन का निलंबन मामला: चुनाव आयोग पर कैट की तीखी नजर, मामले में हुआ नया रहस्योद्घाटन

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सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेशन ट्रिब्यूनल (कैट) की एक पीठ ने गुरुवार को चुनाव आयोग के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें उसने ओडिशा में प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर की जांच करने के कारण एक ईमानदार आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन को निलंबित कर दिया था। कर्नाटक कैडर के अधिकारी मोहसिन को ओडिशा में बतौर पर्यवेक्षक हेलीकॉप्टर जांचने के कारण 17 अप्रैल को निलंबित कर दिया गया था। इस मामले में अब कई नए तथ्य सामने आए हैं। न केवल कैट ने चुनाव आयोग पर तीखी टिप्पणी की, बल्कि एक ताजा रहस्योद्घाटन भी किया।

गौरतलब है कि मोहम्मद मोहसिन ओडिशा की संभलपुर लोकसभा सीट के जनरल पर्यवेक्षक थे। मोहसिन के नेतृत्व में चुनाव आयोग के उड़न दस्ते ने 16 अप्रैल को रैली करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी ली थी। निलंबन आदेश में चुनाव आयोग की ओर से कहा गया था कि कर्नाटक कैडर के 1996 बैच के आईएएस अधिकारी मोहम्‍मद मोहसिन ने एसपीजी सुरक्षा प्राप्‍त गणमान्‍य व्‍यक्तियों के लिए तयशुदा निर्देशों का पालन नहीं किया। मोहसिन को निलंबित करने के पीछे कारण बताया गया था कि एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों को ऐसी जांच से छूट प्राप्त होती है।

मामले में हुआ नया खुलासा

हालांकि, गुरुवार को कैट ने अपने आदेश में कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों को संरक्षण और सुरक्षा के तार्किक आश्वासन उपलब्ध कराए जाने के बावजूद यह नहीं कहा जा सकता कि ‘वे कुछ भी और सबकुछ करने योग्य हैं।’ पीठ ने ‘चुनाव आयोग और चार अन्य’ को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 जून का दिन तय किया है। आईएएस अधिकारी ने चुनावी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री के काफिले में शामिल कुछ सामान को जांचने की कोशिश की।

कैट ने आदेश में कहा है कि एसपीजी सुरक्षा प्राप्त वीवीआईपी को चुनाव प्रक्रिया के दौरान संरक्षण और सुरक्षा मिलनी चाहिए लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि वे कुछ भी और सबकुछ करने के हकदार होते हैं। कैट के मुताबिक अभी हम एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों के संबंध में गाइडलाइन में नहीं जाना चाहते, लेकिन कानून का राज होना चाहिए। ट्रिब्यूनल ने अधिकारी के वकील की दलील पर भी गौर किया। वकील ने कहा कि ऐसी खबरें थीं कि प्रधानमंत्री के काफिले से बड़े सामान उतारकर अन्य वाहनों से ले जाए जा रहे हैं।

 

आदेश में यह भी कहा गया है कि आरोप का तथ्यात्मक आधार यह प्रतीत होता है कि संभल के एसपी और एसपीजी हेड श्री उदय ने दूर से हेलीकॉप्टर की वीडियोग्राफी के लिए सहमति जताई थी। आवेदक (मोहसिन) को भी लगता है कि वह जगह का दौरा कर चुका था और जाहिर तौर पर इससे पहले कि कोई वीडियोग्राफी हुई थी वह जगह छोड़ चुका था।

आवेदक का दावा है कि उसने उन्हें एसपीजी अधिकारियों की सलाह से ही इस प्रक्रिया को रद्द करने की सलाह दी थी। बाद में पीएसजी ने चुनाव आयोग से शिकायत की कि एसपीजी सुरक्षा को ऐसे सभी घुसपैठों से अपने निजी जीवन में छूट लेनी चाहिए। चुनाव आयोग ने मोहसिन को निलंबित करने का आदेश देते हुए वीडियोग्राफी वाले हिस्से का कोई उल्लेख नहीं किया था।

कैट ने कर्नाटक की अपनी यात्रा के दौरान कथित तौर पर पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर में ले जाए जा रहे रहस्यमयी ट्रंक का संदर्भ दिया। इसने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को सुनिश्चित करते हुए सुरक्षा और सुरक्षा का उचित आश्वासन एसपीजी संरक्षकों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, यह नहीं कहा जा सकता है कि वे कुछ भी और सब कुछ के लिए पात्र हैं। ट्रिब्यूनल ने अधिकारी के वकील की दलील पर भी गौर किया। वकील ने कहा कि ऐसी खबरें थीं कि प्रधानमंत्री के काफिले से बड़े सामान उतारकर अन्य वाहनों से ले जाए जा रहे हैं।

इसने कहा कि इसके बारे में सवाल उठाए गए थे, लेकिन जाहिर तौर पर इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री कुमारस्वामी के निजी वाहनों की एक से अधिक बार जांच की है और इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वह (मोहसिन) कहेंगे कि यहां तक ​​कि ओडिशा के मुख्यमंत्री के वाहनों की भी जांच की थी और इसलिए उन्होंने कहा कि कुछ अनदेखी और अनसुनी करने का प्रचार किया जा रहा है।

विपक्षी दलों ने साधा था निशाना

आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन पर आदेश की उवहेलना और ड्यूटी के दौरान निर्देशों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, विपक्षी दलों ने अधिकारी के निलंबन पर नाराजगी जताई थी, जिसमें कहा गया था कि ऐसा कोई नियम नहीं है जो चुनावों के दौरान किसी को भी इस तरह की चेकिंग से छूट देता हो। विपक्ष ने निलंबन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वो अधिकारी अपनी ड्यूटी कर रहा था। उसे आखिर क्यों हटाया क्या? आखिर पीएम मोदी अपने हेलीकॉप्टर में ऐसा क्या लेकर जा रहे थे जो देश से छिपाना चाहते थे?

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