ट्रोलिंग विवाद: राजनाथ सिंह का समर्थन मिलने के बाद सुषमा स्वराज ने की जोरदार वापसी, ट्रोल करने वाले दक्षिणपंथियों को दिया करारा जवाब

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लखनऊ पासपोर्ट विवाद में पिछले एक सप्ताह से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को सोशल मीडिया पर मिल रही गाली-गलौज के बाद पहली बार मोदी सरकार के एक मंत्री ने सोमवार (2 जुलाई) को पहली बार चुप्पी तोड़ी है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सुषमा स्वराज का बचाव करते हुए उनके साथ हुई ट्रोलिंग को गलत बताया है। सिंह ने कहा कि वह इसे पूरी तरह गलत मानते हैं। बता दें कि लखनऊ के एक दंपति के पासपोर्ट विवाद में सुषमा स्वराज के दखल दिए जाने के बाद ट्विटर पर उन्हें जबरदस्त ढंग से ट्रोल किया गया था।

(Reuters File Photo)

इस बीच राजनाथ का समर्थन मिलने के बाद सुषमा स्वराज ने मंगलवार (3 जुलाई) को जोरदार वापसी करते हुए ट्रोल करने वाले दक्षिणपंथी समूहों को करारा जवाब दिया है। एक तरह से ट्रोल करने वालों के खिलाफ सुषमा स्वराज ने खुद मुहीम छेड़ दी है। मंगलवार को उन्होंने तंज भरे लहजे में चुनौती देने वाली एक कार्यकर्ता को ट्विटर पर फौरन ब्लॉक कर दिया।

दरअसल, दक्षिणपंथी समर्थक सोनम महाजन नाम की एक ट्विटर यूजर ने पासपोर्ट विवाद से जुड़ी एक खबर का लिंक शेयर करते हुए सुषमा स्वराज को टैग किया। साथ ही सोनम महाजन ने लिखा, ”ये गुड गर्वनेंस देने आए थे। ये लो भाई, अच्छे दिन आ गए हैं। @SushmaSwaraj जी, मैं आपकी फैन थी और जिन्होंने आपके साथ अभद्रता की उसके खिलाफ मैंने लड़ाई लड़ी। अब आप प्लीज, मुझे भी ब्लॉक करके इनाम दीजिए। इंतजार रहेगा।”

सोनम के इस ट्वीट के फौरन बाद सुषमा स्वराज ने पलटवार करते हुए लिखा, ”इंतजार क्यों? लीजिए ब्लॉक कर दिया।”

इसके बाद सोनम ने ट्वीट कर कहा, ”बहुत शुक्रिया मोहतरमा। जिसने आपसे वाजिब सवाल किये उसके साथ आपने बढ़िया सलूक किया। हमें भी ट्रोल की श्रेणी में डाल दीजिए, आपको वोट इसी लिए तो दिया था। मैं आपकी स्वास्थ्य के लिए कामना करती हूं।” बता दें कि सोनम महाजन अक्सर सोशल मीडिया पर किए गए कमेंट्स को लेकर चर्चा में रहती हैं। खास बात ये है कि उसके कमेंट्स में पाॅलिटिशियन्स और सेलिब्रिटीज निशान पर रहते हैं।

बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार (2 जुलाई) को कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्रोल करना गलत है। गौरतलब है कि राजनाथ एकमात्र ऐसे मंत्री हैं जो सुषमा के समर्थन में बोले हैं। सुषमा एक अंतरधर्मी दंपत्ति को पासपोर्ट जारी कराने और इससे संबंधित विवाद में लखनऊ स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारी विकास मिश्रा के तबादले के बाद से आक्रामक ट्वीटों का सामना कर रही हैं।

इस मुद्दे पर टिप्पणी के लिए कहे जाने पर राजनाथ ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मेरे हिसाब से यह गलत है।’’ सुषमा ने कुछ आक्रामक ट्वीटों को री-ट्वीट किया था। साथ ही उन्होंने टि्वटर पर एक सर्वेक्षण भी कराया था और इस मंच का इस्तेमाल करने वालों से पूछा था कि क्या वे इस तरह की ट्रोलिंग को ‘‘स्वीकार’’ करते हैं। इस पर 43 प्रतिशत लोगों ने ‘हां’ में और 57 प्रतिशत लोगों ने ‘ना’ में जवाब दिया था।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, अंतरधर्मी दंपत्ति तन्वी सेठ और उनके पति अनस सिद्दीकी पिछले दिनों लखनऊ में पासपोर्ट बनवाने गए थे। इस दौरान तन्वी सेठ ने आरोप लगाया था कि लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय में तैनात अधिकारी विकास मिश्रा ने उनके साथ धर्म के आधार पर भेदभाव और अपमानित किया। इस दंपति ने दावा किया कि मिश्रा ने महिला के पति से कहा कि वह हिन्दू धर्म अपना ले। अधिकारी पर यह भी आरोप लगाया कि उसने महिला को एक मुस्लिम से विवाह करने को लेकर आड़े हाथ लिया।

विवाद के बाद मिश्रा का ट्रांसफर कर दिया गया और अगले ही दिन तन्वी और उसके मुस्लिम पति का पासपोर्ट जारी कर दिया गया था। बाद में हुई तहकीकात में पाया गया कि दोनों के पासपोर्ट जारी होने में तकनीकी खामियां थीं। विकास मिश्र की आपत्तियां सही थीं और महिला ने इसे बेवजह अंतर धार्मिक विवाह से जोड़कर प्रस्तुत किया। पुलिस एवं एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) की रिपोर्ट में पाया गया कि महिला ने जो पता दिया था, वह उस जगह पिछले एक साल से नहीं रह रही थी।

इसके बाद सोशल मीडिया के एक वर्ग ने मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई के लिए सुषमा एवं मंत्रालय पर हमला बोला और कहा कि वह तो महज अपनी ड्यूटी कर रहा था। इस बारे में जो भी ट्वीट किए गए, उनमें से कई को सुषमा ने फिर से ट्वीट किया। सुषमा के खिलाफ ट्रोलिंग का मामला बाद में काफी निचले स्‍तर तक गिर गया। सुषमा स्वराज के खिलाफ ट्विटर और फेसबुक पर हिंदूवादी समर्थकों ने #isupportvikasmishra नाम से मुहिम भी चलाई। इस मुहिम के तहत सुषमा स्वराज के फेसबुक और ट्विटर पेज की रेटिंग घट गई।

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