पासपोर्ट विवाद: हिंदूवादियों के ‘निशाने’ पर आईं सुषमा स्वराज ने दिलेरी से दिया जवाब, विदेश मंत्री ने लाइक किए उन्हें गाली देने वाले ट्वीट

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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ऐसी मंत्री हैं जो सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सक्रिय रहती हैं। कई बार उन्होंने ट्विटर के जरिए देश विदेश में फंसे लोगों की दिक्कतें दूर की हैं। सोशल मीडिया पर उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। लेकिन, पिछले दिनों लखनऊ हिंदू-मुस्लिम कपल पासपोर्ट विवाद के बाद सुषमा स्वराज की ट्विटर और फेसबुक रेटिंग में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

(HT File Photo)

पासपोर्ट विवाद में अब सियासी रंग ले लिया है। मुसलमान युवक से शादी करने वाली हिंदू महिला तन्वी सेठ की पासपोर्ट बनवाने में मदद करने के बाद अब सोशल मीडिया पर सुषमा स्वराज बीजेपी समर्थकों और हिंदूवादियों के निशाने पर आ गई हैं। हिंदूवादी समर्थक इस मामले पर विरोध दर्ज करने के लिए सुषमा के आधिकारिक फेसबुक और ट्विटर पेज की रेटिंग घटाना शुरू कर दिया है।

फेसबुक पर सुषमा स्वराज के पेज की रेटिंग घटकर 1.4 स्टार हो गई है तो वहीं ट्विटर पर भी उनके पेज की रेटिंग को जबरदस्त झटका लगा है। ट्विटर पर उनकी रेटिंग 3.8 दर्ज की गई है। फेसबुक पर सुषमा स्वराज के पेज को एक अभियान के तहत नकारात्मक रेटिंग दी जा रही है। बता दें कि यह सभी रेटिंग 5 स्टार में से निर्धारित की जाती हैं। वहीं फेसबुक पर हिंदूवादी समर्थक सुषमा स्वराज के खिलाफ कमेंट भी कर रहे हैं।

सुषमा स्वराज ने दिलेरी से दिया ट्रोलर्स को जवाब

सुषमा स्वराज को लेकर कई तरह के आपत्तिजनक ट्वीट किए जा रहे हैं, कुछ में भद्दी भाषा का प्रयोग किया जा रहा है तो कुछ ऐसे हैं जिनपर बात करना भी उचित नहीं होगा। इस बीच सुषमा ने बड़ी ही दिलेरी के साथ इन हिंदूवादी ट्रोलर्स का सामना किया है और खुद ही इनका स्वागत कर दिया। रविवार को विदेश मंत्री ने ऐसे कुछ ट्वीट्स को लाइक किया जिनमें उन्हें अपशब्द कहे गए थे। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि जिस समय पासपोर्ट को लेकर यह विवाद हुआ, उस दौरान वह देश से बाहर थीं।

सुषमा स्वराज ने तंज भरे शब्दों में लिखा है, ‘मैं 17 से 23 जून 2018 तक भारत से बाहर थी। मुझे नहीं पता कि मेरी गैरमौजूदगी में क्या हुआ। हालांकि कुछ ट्वीट्स से मैं सम्मानित महसूस कर रही हूं। मैं उन्हें आपसे शेयर कर रही हूं इसलिए मैंने इसे लाइक किया है।’ आपको बता दें कि सुषमा ने जिन ट्वीट्स को लाइक किया है, उनमें उनके खिलाफ काफी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। इनमें विदेश मंत्री और उनके मंत्रालय पर धर्म विशेष के लोगों का तुष्टीकरण करने का आरोप लगाया गया है।

देखिए सुषमा द्वारा लाइक किए गए कुछ ट्वीट्स:-

सुषमा स्वराज ने कुछ ट्वीट्स को लाइक किया है। उनमें से एक ट्वीट में कहा गया है कि पक्षपातपूर्ण फैसला #मैं विकास मिश्रा का समर्थन करता हूं। मैडम आप पर शर्म आती है- क्या यह आपकी इस्लामी किडनी का असर है। इसमें से एक ट्वीट कैप्टन सरबजीत ढिल्लन नाम के हैंडल से किया गया है। यह ट्वीट 21 जून को किया गया था। इस ट्वीट में लिखा था, ”वह लगभग मरी हुई महिला हैं क्योंकि वह सिर्फ एक किडनी के सहारे जी रही हैं (वह भी किसी दूसरे से मांगी गई) और वह किसी भी समय काम करना बंद कर सकती है।”

विदेश मंत्री ने एक और ट्वीट को लाइक किया है। यह ट्वीट इंद्रा बाजपेयी ने किया था जिसमें लिखा था, ”पक्षपातपूर्ण निर्णय। मैम आप पर हमें शर्म है… क्या यह आपकी इस्लामिक किडनी का नतीजा है??” इस ट्वीट में #ISupportVikasMishra का इस्तेमाल भी किया गया है।

इन सब के बीच प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के इस फैसले का समर्थन किया है और ट्रोल्स के खिलाफ उनकी प्रतिक्रिया की भी सराहना की। कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा गया, ”चाहे जो भी हालात रहे या कारण हों। किसी भी तरह की हिंसा, असम्मान और अशब्दों का प्रयोग नहीं होना चाहिए। सुषमा स्वराज जी, हम आपके इस फैसले की सराहना करते हैं कि आपने अपनी ही पार्टी के ट्रोल्स को जवाब दिया है।”

क्या है पूरा विवाद?

आपको बता दें कि तन्वी सेठ और उनके पति अनस सिद्दीकी बुधवार को लखनऊ पासपोर्ट बनवाने गए थे। इस दौरान तन्वी सेठ ने आरोप लगाया था कि लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय में तैनात अधिकारी विकास मिश्रा ने उनके साथ धर्म के आधार पर भेदभाव और अपमानित किया। तन्वी ने आरोप लगाया कि विकास मिश्रा ने दस्तावेज देखने के बाद मुसलमान से शादी के बारे में सवाल-जवाब शुरू कर दिया। तन्वी के पति अनस सिद्दीकी ने पत्रकारों से कहा था कि उनसे धर्म बदलने और फेरे लेने के लिए कहा गया। जिसके बाद तन्वी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को टैग करते हुए ट्वीट किया।

विवाद के तूल पकड़ने के बाद आनन-फानन में पासपोर्ट कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कपल को पासपोर्ट जारी कर दिया। पासपोर्ट मिलने के बाद तन्वी सेठ ने कहा था, “हम उम्मीद करते हैं कि किसी और के साथ ऐसा न हो। हमारी शादी को 11 साल हो गए और हमें कभी ऐसे हालात का सामना नहीं करना पड़ा। बाद में अधिकारियों ने माफी मांगी और हमारा पासपोर्ट जारी कर दिया।”

वहीं, विवादों में फंसे पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारी विकास मिश्र ने अपनी सफाई में मीडिया से कहा था कि उन्होंने तन्वी सेठ की शादी के बाद नाम बदल कर सादिया अनस रखे जाने और बदले नाम के कॉलम को खाली छोड़ दिए जाने पर तन्वी से सवाल पूछे थे। साथ ही नोएडा में रहते हुए लखनऊ का पता देने पर पूछताछ की थी।

विकास मिश्र ने कहा था, “मैंने तन्वी सेठ से निकाहनामा में दर्ज नाम सादिया अनस लिखवाने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने मना कर दिया। हमें कड़ी जांच करनी होती है ताकि हम ये सुनिश्चित कर सकें कि कोई नाम बदलवाकर तो पासपोर्ट हासिल नहीं कर रहा है।” इन आरोपों के बाद विकास मिश्र का तबादला लखनऊ से गोरखपुर कर दिया गया।साथ ही अनस और तन्वी को उनके पासपोर्ट भी मुहैया करवा दिए गए।

 

 

 

 

 

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