सर्जिकल स्ट्राइक: पीओके के चश्मदीदों ने बताया आंखों देखा हाल, उस दिन सुने धमाके, लाशें ले जाते देखा

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लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) के पार रहने वाले कुछ चश्मदीदों ने सर्जिकल स्ट्राइक की पुष्टि करते हुए बताया कि दुधनियाल में जली हुई इमारत देखी है। बता दें कि एलओसी से पार पीओके के भीतर 4 किलोमीटर अंदर दुधनियाल छोटा सा गांव है। चश्मदीदों का कहना है कि उन्होंने हमले वाली रात को बड़े धमाकों की आवाज़ सुनी थी।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उसने वहां के पांच चश्मदीदों से बात की जिन्होंने भारत के सर्जिकल स्ट्राइक की पुष्टि की है। गांव के लोगों का कहना है कि लश्कर के लोगों ने गांव वालों को बताया था कि उनपर हमला हुआ था. इतना ही नहीं गांव वालों का कहना है कि हमले के बाद उन्होंने ट्रक में रखकर 5-6 शव ले जाते हुए देखा था और ऐसा लगता है कि ये लाशें दूसरे कैंप ले जाई गई थीं।

उधर, पीओके में आतंकियों के ऊपर भारत के सर्जिकल स्ट्राइक पर विदेशों से लगातार भारत को समर्थन मिल रहा है।अमेरिका, रूस, बांग्लादेश, अफ़गानिस्तान जैसे कई देशों के बाद अब यूरोपीय देश के सांसद ने भी भारत के सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन किया है. पश्चिमी जगत से इस मामले में ये पहली प्रतिक्रिया है. ये समर्थन यूरोपीय संसद में पेश किए गए हस्ताक्षरित लेख के द्वारा दिया गया है।

एनडीटीवी की खबर के अनुसार, इस प्रस्ताव में सर्जिकल स्ट्राइक पर यूरोप के साथ होने की बात कही गई है। कहा गया है कि भारत की कार्रवाई का स्वागत हो. साथ ही कहा गया है कि भारतीय सेना का रवैया पेशेवर है. भारत अब सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि सर्जिकल स्ट्राइक भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले का जवाब है।

प्रस्ताव में साफ कहा गया है कि ये हमला पाकिस्तान पर नहीं बल्कि आतंकियों पर है. संसद में पेश प्रस्ताव में कहा गया है कि पाकिस्तान में उभर रहे आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग को समर्थन दिया जाना चाहिए। यूरोपीय देशों को आशंका है कि आतंकियों पर क़ाबू नहीं किया तो यूरोप पर भी हमले होंगे।

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